शाबाश भूपेंद्र पटेल.. बस स्टैंड बीट प्रभारी आरक्षक की तत्परता से आधी रात को पलक एंपोरियम में भड़की भीषण आग अन्य दुकानों तक फैलने से टली, कुछ ही देर में फायर बिग्रेड ने आग बुझाई.. इधर कुछ महीने पहले प्राइवेट बस स्टैंड पर हुए भीषण अग्नि बस कांड की जांच ठंडे बस्ते में..

 आरक्षक की तत्परता से बड़ी अग्नि दुर्घटना टली

दमोह। आमतौर पर जनता की हिफाजत के लिए तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों की छवि कुछ पुलिस वालों की वजह से मारपीट करने और रिश्वत लेने जैसी नकरात्मक छवि बनी हुई है। जबकि ऐसे भी अनेक पुलिसकर्मी है ठंड कभी बरसात की परवाह किए बिना रात रात भर जागकर जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करके दुकान प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से लेकर चोरी अग्नि दुर्घटना जैसे हालात से भी बचाते हैं।



दमोह बस स्टैंड पर नाइट ड्यूटी करने वाले बीट प्रभारी भूपेंद्र पटेल की सजगता के चलते बीती देर रात पलक एंपोरियम में भड़की भीषण आग के बाद कुछ ही देर बाद फायर बिग्रेड की मदद से आग पर काबू पा लिया गया जिससे आसपास की दुकानों तक यह आग नहीं भड़क पाई वही पलक एंपोरियम में होने वाला लाखों का नुकसान भी सीमित होकर रह गया। 


उल्लेखनीय है कि बस स्टैंड से एवरेस्ट लाज तरफ देर रात गश्त पर निकले आरक्षक भूपेंद्र पटेल ने पलक एंपोरियम से धुआं निकलता देखकर तत्परता दिखाते हुए तत्काल पुलिस कंट्रोल एवं फायर बिग्रेड को सूचना देने के साथ कोतवाली से भी पुलिस टीम को भी बुला लिया और दुकान संचालक को भी मोबाइल पर काल करके तत्काल बुला लिया। जिससे फायर बिग्रेड के आते ही दुकान का शटर खुलवा कर सभी लोग आग पर काबू पाने में जुट गए। 


जिससे दुकान के अंदर रखें रंग पेंट फेवीकोल आदि में भीषण आग भड़क जाने के बावजूद समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। जिससे दुकान में होने वाला लाखों का नुकसान बच गया। हालांकि तब भी आग से नुकसान हुआ है लेकिन बड़ी क्षति टल गई। जिसके लिए पलक एंपोरियम संचालक सहित आसपास के दुकानदार बस स्टैंड बीट प्रभारी भूपेंद्र पटेल की सजगता को साधुवाद देते नजर आए। 


उल्लेखनीय है कि करीब 6 महीने पूर्व प्राइवेट बस स्टैंड क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक बसें सड़क दर्घटना का शिकार हुई थी। जिसका खुलासा आज तक पुलिस नहीं कर पाई है। यदि उस समय भी भूपेंद्र पटेल जैसे जागरूक पुलिसकर्मी बस स्टैंड पर नाइट ड्यूटी कर रहे होते तो शायद वह बस दुर्घटना भी टल जाती और बसों में आग लगाने वालों का भी पता लगते देर नहीं लगती.. अभिषेक जैन की रिपोर्ट
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1 टिप्पणियाँ

  1. ये तो आग थी जो देख ली गयी इन्ही वोट प्रभारी के रहते कचौरा शापिंग सेन्टर में आये चोरी होती रहतीं हैं,,

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