दमोह।
गुरुवार को दिनभर तेज धूप निकलने के साथ उमस भरी गर्मी से लोग जमकर हलकान
रहे थे। इधर आधी रात को अचानक मौसम में हुए बदलाव ने सभी की नींद उड़ा दी।
गरज बरज के साथ शुरू हुआ तेज रफ्तार बारिश का दौर रुक रुक कर रात भर चलता
रहा।
सुबह जब लोगों की नींद खुली तो जगह-जगह जल भराव
के हालात पानी निकासी की व्यवस्था की पोल खोलते नजर आए। दरअसल इस वर्ष अभी
तक हुई बारिश के दौरान ऐसी जोरदार बारिश नहीं हुई थी जिस वजह से पिछले दो
महीनो में एक भी बार जल भराव या बाढ़ जैसे हालात नहीं बने थे। लेकिन
शुक्रवार को जिलेभर में जगह-जगह जल भराव के हालात ने शहर वासियों से लेकर
गांव के लोगों तक को कलाकन परेशान करके रख दिया और लोग पानी निकासी
व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए।
दमोह नगर के सुभाष
कालोनी पुराने आरटीओ ऑफिस क्षेत्र में अधूरे पड़े नाले की वजह से बारिश का
पानी आगे जाने की बजाय चारों तरफ फैलता चला गया। नतीजा सुबह जब लोगों की
आंख खुली तो तालाब टापू नुुमा हालत में अनेक घरों को लोगों ने पानी से घेरा
हुआ पाया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के साथ नगर पालिका होमगार्ड और
एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच कर सक्रिय हुई। सुभाष कालोनी क्षेत्र में
घरों में पानी घुसने पर आपदा प्रबंधन की टीम के द्वारा वोट के सहारे
रेस्क्यू करके लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस दौरान लोगों
का गुस्सा साफ तौर पर झलकता नजर आया तथा वह पालिका प्रशासन की व्यवस्था पर
सवाल उठाते आक्रोश जताते नजर आए।
पानी भराव के ये हालात सुभाष
कालोनी,सिद्धि विनायक कालोनी, हिरदेपुर सहित शहर की अनेक निचली बस्तियों
में नजर आए। वही नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी तथा तहसीलदार रोबिन
जैन पालिका प्रशासन की टीम के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के प्रयासों
में लग रहे। बावजूद स्थानीय निवासी जल भराव को लेकर अपनी नाराजगी जताते
नजर आए। इस दौरान युवा नेता सिद्धार्थ मलैया भी यहां पहुचे जहां लोग उनकों अपना दुखड़ा सुनाते नजर आए बाद में बाइक से हिरदेपुर पहुचे विधायक जयंत मलैया को भी लोग यहां के हालात से वाफिक कराते नजर आए।
बांदकपुर में बारिश से बाढ़ जैसे हालात नाले पर अतिक्रमण बना बड़ी वजह.! दमोह।
बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर धाम बांदकपुर में कल रात से
सुबह तक हुई भारी बारिश से गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। भगवान
भोलेनाथ के मंदिर के पीछे तरफ जहां से कॉरिडोर का मुख्य द्वार बन रहा है
वहां पर पानी भर गया वहीं पीछे तरफ बनी मनहारी की दुकानों में भी पानी भरने
से नुकसान हुआ। तेज बारिश के कारण दमादी मोहल्ला और
बाजार में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। दमादी मोहल्ले में लोगों के घरों
में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान, अनाज और कपड़े गीले होकर खराब हो गए।
कई कच्चे मकानों के गिरने की भी खबर है। वहीं बाजार की दुकानों में पानी
भरने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सबसे
ज्यादा परेशानी अस्पताल मार्ग पर रही। रेस्ट हाउस के पास पानी भरने से
अस्पताल जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। ग्रामीणों ने चिंता
जताई कि ऐसी स्थिति में अगर कोई गंभीर मरीज आ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने
में भारी परेशानी हो सकती है।
बाढ़ की दो बड़ी वजह सफाई नहीं और अतिक्रमण.. स्थानीय
लोगों के अनुसार इस समस्या की दो मुख्य वजहें हैं -1. नाले की सफाई न
होना: बरसात से पहले नाले की सफाई नहीं कराई गई। इसको लेकर दमादी मोहल्ले
के लोगों ने सरपंच के साथ कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन कोई
कार्रवाई नहीं हुई। 2. नाले पर अतिक्रमण: दमादी
मोहल्ले के नाले पर लोगों ने अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिया है, जिससे
नाला पूरी तरह सिकुड़ गया है और पानी की निकासी बंद हो गई है। इसके
अलावा बांदकपुर में बन रहे कॉरिडोर में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न
होने से भी बाजार में जलभराव हो रहा है, जिसकी शिकायत कई बार कलेक्टर से की
जा चुकी है।
चारों तरफ के रास्ते बंद, चक्का जाम के बाद हरकत में आया प्रशासन.. बाढ़
के कारण बांदकपुर के चारों तरफ के रास्ते बंद हो गए हैं। बनवार जाने वाले
मार्ग पर कांजी घाट के पुल पर पानी आ गया है, तो वहीं दमोह जाने वाले मार्ग
और स्टेशन मार्ग पर भी पानी भरने से आवागमन ठप है। पानी
भरने से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज बांदकपुर-दमोह मुख्य मार्ग पर चक्का जाम
कर दिया। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार, पटवारी, थाना प्रभारी और चौकी
प्रभारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने लोगों को
समझाकर जाम खुलवाया और जेसीबी मशीन बुलाकर नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने
का काम शुरू कराया, जिसके बाद पानी की निकासी शुरू हो सकी।
पिपरिया जुगराज स्कूल के दो कमरे धराशायी, बाकी कमरे भी क्षतिग्रस्त.. दमोह।ग्राम वासियों द्वारा सूचना मिलने पर भगवती मानव कल्याण संगठन के संभागीय
अध्यक्ष एवं जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुजान सिंह ने जबेरा जनपद के पिपरिया
जुगराज स्कूल पहुंचकर देखा स्कूल के दो कमरे धराशायी हो गए हैं एवं अन्य
कमरे भी क्षतिग्रस्त है कभी भी धराशाई हो सकते हैं गनी मत रही की स्कूल की
छुट्टी होने का कारण बच्चे स्कूल में नहीं थे अन्यथा कोई बड़ी घटना घट सकती
थी।
उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुजान सिंह ने मांग की तुरंत बच्चों के बैठने की
की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए एवं स्कूल भवन का नया निर्माण किया जाए जिससे
हमारे बच्चों के भविष्य बन सके आज पूरी तहसील में सैकड़ो की संख्या में
स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं लेकिन मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार का ध्यान
नहीं जा रहा है मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन है कि दमोह जिले के लिए
अतिरिक्त राशि आवंटित कर भावनाओं की मरम्मत एवं नया निर्माण किया जाए
ग्रामवासी तखत सिंह ठाकुर, जनपद सदस्य देवेंद्र जी, मगन यादव, सुखदेव सिंह
आदि की उपस्थिति रही।
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