देश के नये योद्धाओं में शामिल हुआ हटा का अश्विन
इधर इस आयोजन के बाद चयनित युवाओं को घर जाने की इजाजत मिलती थी लेकिन देश की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए उन्हे सीधे डियूटी पर जाने के निर्देश दिये गए है। अश्विन की मां मुक्ता राजपूत गृहणी एवं समाज सेविका है हाल ही में उन्होने कोरोना काल के दौरान करीब 3000 मास्क का निःशुल्क वितरण किया है, अश्विन की बडी बहिन मनाली सिंह विदिशा के इंजीनियरिंग कालेज एसएटीआई में प्रोफेसर है, छोटी बहिन मृणाल सिंह बैंगलोर में इंजीनियर है। अश्विन की प्रारंभिक शिक्षा हटा के निजी स्कूल में हुई इसके उपरांत कम्प्यूटर साइंस से बीटेक डिग्री जेपी इंजीनियरिंग कालेज गुना से प्राप्त की, जनवरी 2019 में भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त किया, पासिंग आउट परेड के उपरांत देश की सेवा के लिए भेजा गया।
देहरादून/ दमोह। देश के नए योद्धाओं में शामिल हुए हटा के बेटे अश्विन राजपूत ने थल सेना में लेफ्टिनेन्ट पद चयनित होकर दमोह जिले के साथ संपूर्ण बुंदेलखंड की शान बढ़ाते हुए सभी का सिर गर्व से उंचा कर दिया है। इंजीनियरिंग छोड़कर सेना की ओर रूख करने वाले अश्विन संभवत दमोह जिले के ऐसे पहले युवा है जो थल सेना में लेफ्टिनेन्ट चयनित हुए है। आज के युवा जब इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल करने के उपरांत अच्छे पैकेज की तलाश करता है वही अश्विन ने सेना में अपना सिक्का जमाकर "हम किसी से कम नहीं" की बात को साबित कर दिया है।देहरादून में शनिवार 13 जून 2020 को आयोजित थल सेना की पासिंग आउट परेड में सेना के जिन नए जेंटल मेन केन्डीडेट का चयन करके कंधों पर सितारे लगाकर लेफिटनेंट बनाया गया है, उनमें हटा के गौरीशंकर वार्ड में रहने वाले जल संसाधन विभाग के उपयंत्री महेश राजपूत के इकलौते पुत्र अश्विन राजपूत भी शामिल रहे। हालांकि सेना की पांसिग आउट परेड में परिवार के सदस्यों को आमंत्रित करके स्टार लगवाने की परंपरा रही है लेकिन कोरोना संक्रमण काल के चलते इस बार किसी भी केंडीडेट के परिजनों को आमंत्रित नहीं किया गया था।
इधर इस आयोजन के बाद चयनित युवाओं को घर जाने की इजाजत मिलती थी लेकिन देश की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए उन्हे सीधे डियूटी पर जाने के निर्देश दिये गए है। अश्विन की मां मुक्ता राजपूत गृहणी एवं समाज सेविका है हाल ही में उन्होने कोरोना काल के दौरान करीब 3000 मास्क का निःशुल्क वितरण किया है, अश्विन की बडी बहिन मनाली सिंह विदिशा के इंजीनियरिंग कालेज एसएटीआई में प्रोफेसर है, छोटी बहिन मृणाल सिंह बैंगलोर में इंजीनियर है। अश्विन की प्रारंभिक शिक्षा हटा के निजी स्कूल में हुई इसके उपरांत कम्प्यूटर साइंस से बीटेक डिग्री जेपी इंजीनियरिंग कालेज गुना से प्राप्त की, जनवरी 2019 में भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से प्रशिक्षण प्राप्त किया, पासिंग आउट परेड के उपरांत देश की सेवा के लिए भेजा गया।
अपने वेटे की सफलता पर गर्वित अश्विन के पिता उपयंत्री महेश राजपूत का कहना था कि वर्तमान हालात में परिजन इस आयोजन में शामिल नहीं हो सके इसका मलाल तो है लेकिन खुशी इस बात की ज्यादा कि मेरा लाल अब पूरे देश का सपूत बन गया है। आज की पासिंग आउट परेड के कार्यक्रम को दूरदर्शन के लाइव प्रसारण में देखने के बाद परिचितों रिश्तदारों को राजपूत परिवार को बधाई देने तांता लगा हुआ है। Atal News 24 परिवार भी बुंदेलखंड की शान बढ़ाने वाले लेफिटनेंट अश्विन राजपूत के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई देता है।
आओ हम सब एक बार फिर बोले हम किसी से कम नहीं.. संजय जैन की रिपोर्ट



4 टिप्पणियाँ
बहुत बहुत बधाई भाई को और उनके माता पिता को ये है असली देशभक्ति शुभकामनायें
जवाब देंहटाएंजय हिंद O. Tiwari देश सेवा के लिए भारत माता के दुलारे उज्जवल भारत के भाल पर माँ की बिंदी के समान दमकते रहें। हम सब आप पर गर्व करते हैं। शुभकामनाओंसहित।
जवाब देंहटाएंBharat Mata ki Jai 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
जवाब देंहटाएंWe all proud beta ASHWIN singh
जवाब देंहटाएंBHARAT mata ki jay