मात्र ₹2000 की रिश्वत के चक्कर में किरकिरी कराई
दमोह। महंगाई के इस दौर में हजार ₹2000 की कोई खास वैल्यू नहीं बची है फिर भी ऊपरी कमाई के चक्कर में अच्छी खासी सैलरी पाने वाले कतिपय अधिकारियों की नियत भी हजार ₹2000 पर डोल जाती है और जब कभी उनके गृह नक्षत्र खराब चलते हैं तो फिर लोकायुक्त का शिकंजा कसते देर नहीं लगती..
ऐसे ही कुछ हालातो के बीच सागर लोकायुक्त की टीम ने बिजली विभाग के एक अधिकारी को महज 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचने में देर नहीं की। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाही की जा रही है।
मामला दमोह जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर हटा अनुविभाग का है जहां विद्युत विभाग के एई राजेश कुमार सहाय को सागर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को 2000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
दरअसल विद्युत विभाग के पीड़ित उपभोक्ता इंद्र कुमार पटेल निवासी हटा ने लोकायुक्त एसपी सागर के समक्ष लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि उनका बिजली मीटर कम लोड पर चल रहा था। जिसको लेकर उनके खिलाफ बिजली चोरी की कार्रवाई नहीं करने के एवज में एई राजेश सहाय ने ₹7000 की मांग कर रहे हैं। लोकायुक्त द्वारा शिकायत की पुष्टि किए जाने के बाद अपना जाल बिछाया गया और आज गुरुवार को लोकायुक्त टीआई रणजीत सिंह के नेतृत्व में हटा पहुंचकर ट्रैप कार्रवाई की गई।
अपने ही दफ्तर में ₹2000 की रिश्वत लेते पकड़े गए बिजली विभाग के साहब बगले झांकते हुए सफाई देने की कोशिश करते नजर आए। लेकिन पहले से ही पूरे साक्षय जुटा चुकी लोकायुक्त टीम के समक्ष उनकी एक भी दलील नहीं चल सकी। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करके कार्यवाही की गई है।

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