पथरिया स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्ती.. इधर मेडिकल स्टोर की जांच के साथ सेंपलिंग..

पथरिया स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्ती

 दमोह।  कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरिया का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रेडियोग्राफर निकिता अहिरवार तथा नर्सिंग ऑफिसर ऋषि पटेल, संगीता तिलसे और ज्योति बंसल बिना किसी पूर्व सूचना एवं सक्षम अधिकारी की अनुमति के कर्तव्य स्थल से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। 

उपस्थिति पंजी के अवलोकन में भी संबंधित कर्मचारियों के हस्ताक्षर दर्ज नहीं मिले और उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई। कलेक्टर श्री यादव ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित कर्मचारियों का आगामी माह के वेतन से तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्हें तीन दिवस के भीतर बीएमओ के अभिमत सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरिया में अधीनस्थ कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. जतिन दुबे को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

मेडिकल स्टोर्स की जांच, जन औषधि केंद्र बंद मिला दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव द्वारा दिये गये निर्देशो के तहत् 29 जून सोमवार को अनुभागीय अधिकारी पथरिया के निर्देशन में गठित जांच दल के साथ जिसमें औषधि निरीक्षक महिमा जैन, डी.ओ फूड सेफ्टी राकेश अहिरवार, मेडिकल ऑफिसर पथरिया डॉ. अमित जैन ने पथरिया मे संचालित विभिन्न मेडिकल स्टोर्स की जांच की। 

जांच के दौरान 3 मेडिकल स्टोर्स पर निरीक्षण किया गया  हॉस्पिटल के पास स्थित प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र बंद पाया गया जिसके लिए उन्हें नोटिस दिया जाएगा। संजय चौराहा स्थित चौधरी मेडिकल एवं संजीवनी मेडिकल स्टोर की जांच की गई। जांच के दौरान आवश्यक वैध ड्रग/फूड लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपस्थिति, शैड्यूल ड्रग्स के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड, साफ सफाई, एक्सपायरी ड्रग्स मैनेजमेंट, प्रतिबंधित दवाओं की जांच की गई।

 निरीक्षण के दौरान मेडिकल संचालकों को नियमानुसार मेडिकल संचालन हेतु सख्त निर्देश दिये गए। शेड्यूल H1/NRx  केटेगरी की दवाइयां बिना डॉ. के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं दिए जाने एवं क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड कंप्लीट रखने हेतु निर्देश दिए गए। दवाओं का क्रय विक्रय फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए अन्यथा विभाग द्वारा ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। वही संजीवनी मेडिकल पथरिया से 2 दवाओं के नमूने जांच हेतु लिये गए।

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