कुंडलपुर से लौट रहे एक्टिवा सवार जबलपुर निवासी जैन दंपति के उपर.. काल बनकर गिरा खेत की आग से झुलसा पेड़..

पेड़ गिरने से एक्टिवा सवार जैन दंपति की मौत

दमोह। करीब 22 साल पहले अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों के बंधन में बधने वाले जबलपुर निवासी जैन दंपति कुंडलपुर में बड़े बाबा दर्शन पूजन करके अपनी एक्टिवा गाड़ी से जबलपुर वापस लौट रहे थे इस दौरान उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि अग्नि की वजह से गिरने की कगार पर आ चुका एक पेड़ उनकी मौत की वजह बनेगा और बड़े बाबा के दर्शनों का यह सफर उनका अंतिम सफर होगा।
जबलपुर के दिक्षित पुरा निवासी आशीष जैन अपनी पत्नी शोभा के साथ एक्टिवा गाड़ी से सोमवार सुबह कुंडलपुर बड़े बाबा के दर्शन करने पहुंचे थे जहां दर्शन पूजन भोजन उपरांत वह वापस जबलपुर लौट रहे थे। जबेरा कटंगी रोड खराब होने की वजह से उन्होंने तेजगढ़ तेंदूखेड़ा मार्ग से जाने का निर्णय लिया लेकिन उनका क्या पता था कि तेजगढ़ के पास पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह के कृष्णा पेट्रोल पंप के पास 3 दिन से झुलस रहा एक पेड़ काल बनकर उन पर गिरने को तैयार खड़ा है।
सोमवार शाम जैन दंपति की एक्टिवा करौंदी पड़रिया गांव में नीलू लोधी के खेत के पास से निकल रही थी इसी दौरान भारी भरकम आम का सूखा पेड़ उनके ऊपर भर भरा कर गिरा। जिसकी चपेट में आने से आशीष तथा शोभा की मौके पर ही सांसे से थम गई। मौके पर ग्रामीणों के साथ राहगिरो की भीड़ लग गई वहीं पुलिस 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। बाद में दोनों को जिला अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया।
 हादसे की वजह आम के सूखे पेड़ के आग की वजह से झुलस जाने तथा अचानक गिरना बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि नीलू लोधी के खेत में खरपतवार में लगाई गई आग की वजह से पिछले तीन-चार दिन से या पेड़ झुलस कर कमजोर हो गया था और आज यह जैन दंपति के ऊपर कॉल बन कर गिरा। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है वहीं मंगलवार को पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद दोनों शव परिजनों को सौपे जाएंगे। इस दुखद घटनाक्रम की खबर से जैन परिवार के साथ साथ जबलपुर जैन समाज से लेकर दमोह जैन समाज में भी गमगीन माहौल बना हुआ है। वही इस हादसे के लिए खेत तथा पेड़ में आग लगाने वालों को एक हद तक जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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