बांदकपुर धाम कॉरिडोर निर्माण समीक्षा के दौरान कलेक्टर के सामने गाली गलौज हंगामे के हालात.. सरंपच व विरोधियों में तीखा तकरार..

 बांदकपुर कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा के दौरान हंगामा

दमोह। बांदकपुर धाम के विकास एवं कॉरिडोर निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय.सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन 30 मई की तय थी पर कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। वहीं बैठक के दौरान कलेक्टर के सामने उस समय हंगामे के हालात निर्मित हो गए जब बांदकपुर सरंपच व उनके विरोधी आमने सामने आ गए। बांद में एक पक्ष को बाहर करके हंगामे को शांत कराया गया वहीं स्थानीय लोग मेला ग्राउंड से लेकर नाला सफाई एवं घटिया निर्माण को लेकर सवाल उठाते हुए नजर आए।

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों में हुई देरी के कारण धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसे गंभीरता से लेते हुए एजेंसी को नोटिस जारी करने तथा नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय.सीमा के भीतर शेष कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया है। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्राप्त शिकायतों का भी संज्ञान लिया। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री ;ईईद्ध को विशेष टीम गठित कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए गए। उन्होने कहा कि बांदकपुर धाम देशए प्रदेश और स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां ऐसा भव्य परिसर और कॉरिडोर विकसित किया जाना चाहिएए जिसे देखकर श्रद्धालु आनंदित और अभिभूत हो जाएं। उन्होंने कहा कि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को सहजए सरल और सुगम दर्शन की सुविधा मिले तथा अनावश्यक लंबी कतारों से बचाया जा सके इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा स्थानीय निवासियों और वरिष्ठजनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैए धाम क्षेत्र के समग्र विकास में उनके सुझावों और अनुभवों को शामिल किया जाना आवश्यक है। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि परियोजना तैयार करते समय जनमानस और स्थानीय लोगों के सुझावों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया जिसके कारण कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। उन्होने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि भविष्य में किसी भी विकास कार्य की योजना बनाते समय स्थानीय बुजुर्गों सामाजिक प्रतिनिधियों और क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से परिचित लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग और समन्वित प्रयासों से बांदकपुर धाम को एक आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में आयोजित बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ सीईओ जिला पंचायतए एसडीएम मंदिर प्रबंधक आदि मौजूद रहे।

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