आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
दमोह। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर जिले की राशन दुकानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री यादव ने 125 जांच दल गठित किए जिनमें 120 दलों को राशन दुकानों की जांच के लिए तथा 5 दलों को रिजर्व रखा गया। शिकायतों के आधार पर 120 उचित मूल्य दुकानों का एक साथ सुबह 11 बजे निरीक्षण कराया गया।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई राशन दुकानों पर हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिया जा रहा है। कई मामलों में दो माह के राशन के लिए अंगूठा लगवाकर केवल एक माह का राशन वितरित किया गया। इसके अलावा वितरण में देरी और अन्य अनियमितताओं की भी शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। उन्होंने बताया अब तक 55 दुकानों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैए जिनमें से 25 दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई दुकानों में 172 क्विंटल तक खाद्यान्न कम या अधिक पाया गया है।
जांच में अब तक 782 क्विंटल खाद्यान्न की हेराफेरी का मामला प्रतिवेदित हुआ है। इन मामलों की विस्तृत जांच कर संबंधित संचालकों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री यादव ने कहा प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक बिना किसी गड़बड़ी के पहुंचे। इसी उद्देश्य से यह विशेष जांच अभियान चलाया गया है और भविष्य में भी शिकायत मिलने पर राशन दुकानों की जांच जारी रहेगी।उन्होंने कहा जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में राशन दुकानों का एक साथ निरीक्षण कराया गया है। प्रशासन की योजना सभी 524 उचित मूल्य दुकानों की एक साथ जांच कराने की थीए लेकिन उपलब्ध स्टाफ के कारण फिलहाल 120 दुकानों की जांच कराई जा सकी। आने वाले समय में शेष शिकायतग्रस्त दुकानों का भी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समय पर एम्बुलेंस न मिलने पर 2 35 लाख रु का जुर्माना.. दमोह जिले की जबेरा विकासखंड के ग्राम रोंड क्षेत्र में एक गर्भवती महिला के फोन करने के बावजूद समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित सेवा प्रदाता जेएईएस प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के परीक्षण के बाद शासन ने कंपनी को नोटिस जारी किया। लापरवाही स्वीकार किए जाने पर कंपनी पर 2ए35ए931 रुपए का अर्थदंड आरोपित किया गया है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने चेतावनी दी है कि गर्भवती माताओं एवं महिलाओं को समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एम्बुलेंस संचालकों एवं प्रोजेक्ट हेड से सूचना मिलते ही तत्काल एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिए कहा है ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



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