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क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक बनकर तैयार.. लेकिन हैंडओवर नही मिल पा रहा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ.. सांसद विधायक से जल्द शुरू कराने की जनपेक्षा..

CCHB तैयार, मरीज बेहतर इलाज के लिए परेशान

दमोह। जिले वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सांसद राहुल सिंह के प्रयासों तथा पहल से मेडिकल कॉलेज का काम जहां अंतिम चरण में है वही नर्सिंग कॉलेज का टेंडर लगने वाला है वहीं दूसरी ओर पूर्व वित्त मंत्री और विधायक जयंत मलैया के प्रयासों से स्वीकृती के बाद निर्मित सीसीएच ब्लाक प्रकार कंप्लीट हो जाने के महीनो बाद भी इसे शुरू करने ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे बेहतर तथा आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ से जिले वासी वंचित बने हुए है।
हम बात कर रहे हैं दमोह जिला अस्पताल कैंपस के साइड में वन विभाग से अधिग्रहित भूमि में बन कर तैयार खड़े क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक की। मध्य प्रदेश भवन विकास निगम द्वारा 12 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से 2 साल में इस बिल्डिंग का शानदार निर्माण कराया गया। इसके प्रारंभ हो जाने पर जिला अस्पताल की बेड क्षमता में 50 बिस्तर की जहां बढ़ोतरी हो जाएगी वही आधुनिक सर्व सुविधा युक्त आईसीयू, ओटी, बर्न यूनिट, एक्स-रे, यूएसजी आईपीएचएल जैसी सुविधाओं का लाभ भी मरीज को मिलने लगेगा। क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक दमोह के इस नए भवन का समस्त कार्य 2025 में कंप्लीट हो जाने के बाद या बिल्डिंग पिछले 3 महीना से बंद पड़ी होने से धूल खा रही है वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल में बेहतर सुविधाओं के अभाव में मरीजो को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा तथा गंभीर मामलों में जिला अस्पताल मात्र रेफर केंद बनकर रह गया है।
इस बिल्डिंग को स्वास्थ्य विभाग के हैंडोवर किए जाने के संदर्भ में फिलहाल सही वजह का पता नहीं लग सका है। लेकिन इसको लेकर जब निर्माण एजेंसी ग्लोब इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन के ओनर शिवम ठाकुर से बात की गई तो उनका कहना था कि सीसी एचडी का संपूर्ण कार्य निर्धारित समय अनुसार पूर्ण कर दिया गया है तथा यह भवन हैंडोवर हेतु तैयार है। वही मामले में पड़ताल किए जाने पर पता लगा कि विभाग की ओर से प्रोजेक्ट का औपचारिक हैंडोवर अभी नहीं किया गया है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी विभाग को हैंडोवर लेने कोई प्रयास नहीं किए गए हैं जिस वजह से या भवन कंप्लीट होने के बाद भी पिछले तीन महीना से धूल खा रहा है और नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में सागर जबलपुर रेफर हो रहे हैं।
इस मामले में मध्य प्रदेश भवन विकास निगम सागर के उप महाप्रबंधक योगेंद्र प्रताप चौहान मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबााा रिसीव नही हो पाने की वजह से फिलहाल यह पता नहीं लग सका है कि निर्धारित समय पूर्ण कर लिए गए इस भवन को विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हैंडोवर क्यों नहीं किया जा रहा है। उपरोक्त हालत सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार जागरूकता दिखाने वाले सांसद राहुल सिंह विधायक जयंत मलैया एवं कलेक्टर सुधीर कोचर से जन अपेक्षा है कि वह जल्द से जल्द क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक को जिला अस्पताल के हैंडोवर कराने हेतु आवश्यक पहल करें। साथ ही इसके लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण सामग्री एवं स्टाफ की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने हेतु पहल की जाए।  जिससे जल्द से जल्द जिले वासियों को इस बेहतर स्वास्थ्य सुविधा युक्त भवन की उपयोगिता कारगर साबित हो सके।

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