सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन की गड़बड़ी प्रशासन का नोटिस
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अमोनियम नाइट्रेट रूल 2012 के उल्लंघन को लेकर मायसेम फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रबंधन द्वारा नियमों के अनुरूप प्रतिमाह स्टॉक का मासिक रिटर्न प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। साथ ही नए लाइसेंस प्राप्त होने तथा सुरक्षा प्लान की जानकारी भी प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई गई।
कलेक्टर ने कहा प्रशासन के संज्ञान में आया है कि जगथर और सतपारा क्षेत्र में विस्फोटक लाइसेंस अथवा संबंधित गतिविधियों की अनुमति होने के बावजूद इसकी जानकारी प्रशासन को नहीं दी गई। इसी के चलते संबंधित संस्थान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा अमोनियम नाइट्रेट से संबंधित गतिविधियों की नियमित जानकारी प्रशासन को देना अनिवार्य है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। नियमों का पालन नहीं किए जाने पर संबंधित फैक्ट्री प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है उन्होंने कहा संबंधित पक्ष से पूछा गया है कि नियमों की अनदेखी क्यों की गई। जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा इन इकाइयों को लाइसेंसिंग अथॉरिटी नागपुर से लाइसेंस जारी करती है लेकिन स्टॉक की स्थिति नए लाइसेंस और सेफ्टी प्लान की जानकारी जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराना आवश्यक हैए जो अब तक प्राप्त नहीं हुई है।
बिना हेलमेट कार्यालय में प्रवेश पर लगेगी रोक.. दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था के पालन के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा निर्धारित अवधि के बाद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचता है तो उसके प्रवेश पर रोक लगाने सहित आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा जिले के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी निर्देशित किया जा रहा है कि वे विद्यार्थियों को हेलमेट पहनकर आने के लिए प्रेरित करें तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होने कहा जब शासकीय अधिकारी कर्मचारी और विद्यार्थी स्वयं हेलमेट पहनकर चलेंगे तो आम नागरिक भी उनसे प्रेरित होंगे। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


0 टिप्पणियाँ