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छठी इंद्री का चमत्कार-आंखों पर पट्टी बांधकर पढ़ी किताबें.. इधर शिक्षकों के भविष्य पर संकट, सांसद को सौंपा ज्ञापन.. राजस्व कर्मचारी कल्याण संघ की बैठक..

छठी इंद्री का चमत्कार, पट्टी बांधकर पढ़ी किताबें

दमोह। हटा बैजनाथ धाम परिसर में आयोजित आर्ट ऑफ लिविंग के चार दिवसीय 'अंतः प्रज्ञा' (इनट्यूशन प्रोग्राम) का रविवार को हैरतअंगेज समापन हुआ। परम पूज्य श्री श्री रविशंकर जी की संस्था द्वारा आयोजित इस अनूठे कोर्स में बच्चों ने अपनी छठी इंद्री (सिक्स सेंस) को जागृत कर वहां मौजूद जनसमूह को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।
कोर्स के वरिष्ठ प्रशिक्षक प्रवीण भैया के मार्गदर्शन में 5 से 18 वर्ष के बच्चों ने अपनी आंखों पर गहरी पट्टी बांधी, इसके बावजूद उन्होंने न केवल किताबें पढ़ीं, बल्कि रंगों को पहचाना और विभिन्न गेम भी खेले। यह देख अभिभावक स्तब्ध रह गए कि बिना देखे बच्चे बाहरी वस्तुओं को इतनी सटीकता से कैसे महसूस कर पा रहे हैं। सेवा और समर्पण ही प्रत्येक नेक कार्य के पीछे होता है जैसा कि इस सफल आयोजन में सहयोग आशुतोष सुहाने, राजबहादुर पटेल, उदयभान पटेल, गौरव सिंघई की विशेष सेवा सहभागिता रही। आयोजकों ने बताया कि इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य बच्चों की एकाग्रता (Concentration), स्मरण शक्ति (Memory), आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाना है।
प्रवीण भैया ने स्पष्ट किया कि बच्चों में एक विशेष गुण होता है, जिसे इस वैज्ञानिक पद्धति से जागृत कर उनकी छिपी प्रतिभा को निखारा जाता है साथ ही सही समय पर सही निर्णय और सार्थक कार्य की उनकी अंतःप्रज्ञा स्वयं उनके भविष्य की नींव में विशेष सहायक बन सकती है। कार्यक्रम के अंतिम दिन बच्चों के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने बच्चों की अंतः प्रज्ञा के चमत्कार देखे। अभिभावकों ने कोर्स के परिणामों पर पूर्ण संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनावपूर्ण माहौल में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह कार्यक्रम एक संजीवनी की तरह है।
शिक्षकों के भविष्य पर संकट, सांसद को सौंपा ज्ञापन
दमोह
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान के समर्थन में आज जिला कार्यकारिणी द्वारा सांसद श्री राहुल सिंह को एक ज्ञापन सौंप कर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में दिए गए हालिया निर्णय के बाद उत्पन्न हुई विसंगतियों से अवगत कराया गया। प्रमुख चिंताः 25 लाख शिक्षकों की आजीविका का प्रश्न शिक्षक संघ ने सांसद को अवगत कराया कि ’1 सितंबर, 2025’ को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ’सिविल अपील संख्या 1385/2025’ में दिए गए फैसले से शिक्षा जगत में गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। अनिवार्यता इस निर्णय के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए (चाहे उनकी नियुक्ति कभी भी हुई हो) ज्म्ज् उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है।
 व्यापक प्रभावः इस आदेश से मध्य प्रदेश के ’70 हजार’ और देश के करीब ’25 लाख’ शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कानूनी विसंगतियों पर ध्यानाकर्षण’ ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि पूर्व के नियमों के आधार पर पुराने शिक्षक इस दायरे से बाहर थेः’ ’नियम 2010’ शिक्षा का अधिकार अधिनियम की अधिसूचना के तहत 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को (छूट प्राप्त) श्रेणी में रखा गया था। ’प्रभावी तिथिः’ मध्य प्रदेश में ज्म्ज् की अनिवार्यता की तिथि ’26 मार्च 2011’ है। शिक्षकों का तर्क है कि वर्तमान न्यायिक निर्णय ने इन पुराने वैधानिक और प्रशासनिक भेदों की अनदेखी की है, जिससे कानूनी रूप से नियुक्त शिक्षक भी अब असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 
सांसद से हस्तक्षेप की मांग संघ के पदाधिकारियों ने सांसद राहुल सिंह से आग्रह किया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्र स्तर पर उठाया जाए। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान स्थिति से उनमें गहरा मानसिक तनाव और असमंजस है, जिसका सीधा असर शिक्षण कार्य और स्कूलों की स्थिरता पर पड़ सकता है। ’सांसद श्री राहुल सिंह’ ने ज्ञापन प्राप्त कर शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे इस संवेदनशील विषय पर उचित वैधानिक हस्तक्षेप के लिए वरिष्ठ स्तर पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रर्मेंद्र जैन, प्रांतीय उपाध्यक्ष महेंद्र जैन,हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ आयाम के प्रांत सहसंयोजक संजय पाठक,जिला अध्यक्ष कमलेश सेन पूर्व ब्लाक अध्यक्ष भागचंद जैन, हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ आयाम के जिला संयोजक नितिन श्रीवास्तव,महेश गुप्ता,मनीष भारद्वाज, मुकेश विश्वकर्मा, संजय दुबे, निलेश जैन, नगर अध्यक्ष आरबी सिंह, अनुज रतले, आदित्य चौरसिया, संतोष रजक, विजय दुबे, सुरेश वैघ, अमित पांडे, सोनू मुड़ा, महेश सोनी, संदीप श्रीवास्तव, शिशिर तिवारी, अरविंद गर्ग, रूपचंद पटेल, अमित अठ्या उपस्थित रहे। 
राजस्व कर्मचारी कल्याण संघ जिला कार्यकारिणी बैठक
दमोह
राजस्व कर्मचारी कल्याण संघ जिला कार्यकारिणी की विशेष बैठक सागर नाका पर आयोजित की गई जिसमें जिला के सभी तहसीलों से आए तहसील अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों से पटवारियों राजस्व निरीक्षकों की तहसील वार समस्यायों का संकलन किया गया जिसमें प्रमुख निम्न हैं जिला में स्वामित्व एवं सिंचाई संगणना का मानदेय का भुगतान न होना। विभिन तहसीलों में हल्कों के अतिरिक्त प्रभार असमान्य एवं अव्यावहारिक तरीके से दिए जाना कुछ तहसीलों में उपलब्ध हल्कों से अधिक पटवारी पदस्थ होंना एवं कुछ तहसीलों में पटवारियों की कमी के चलते एक पटवारि से 3-4 हल्कों पर काम करवाया जाना।
छुट्टी के दिनों में भी निरंतर कार्य लिया जाना एवं बैठकें आयोजित होना तथा दमोह अनुभाग में निरंतर विभिन्न कार्यों में ड्यूटी लगना। पटवारियों की क्रमोन्नति, वेतन वृद्धि, स्थाईकरण एवं अन्य लम्बित क्लेम पटवारियों को तहसीलों से अटेचमेंट रखना। जिले से नवीन नक्शा शीटें उपलब्ध न होने से सीमांकन बंटवारा नामांतरण खरीद बिक्री नियमानुसार न हो पाना। बिना सूचना व्यपवर्तन के प्रकरणों का आनलाइन निराकरण न होना जिससे संबंधित खसरे पर कोई कार्य न हो पाना। तहसीलों में पानी की व्यवस्था न होना उक्त समस्याओं के निराकरण हेतु पहले संबंधित अनु विभाग अधिकारी महोदय को ज्ञापन दिया जाएगा और वहां से यदि निराकरण नहीं होता है तो तत्पश्चात जिले में रैली निकालकर कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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