5000 की रिश्वत लेने वाले R.I. को 4 साल की सजा
दमोह। माननीय विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), दमोह द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत विचारित विशेष प्रकरण में आरोपी मनीराम गौंड, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक, को दोषसिद्ध पाते हुए 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियोजन के अनुसार आरोपी, घटना के समय राजस्व निरीक्षक के पद पर पदस्थ
लोक सेवक था। उसने फरियादी पंकज कुमार जैन से उसके राजस्व संबंधी शासकीय
कार्य सीमांकन के निष्पादन के एवज में 5,000/- की अवैध रिश्वत की मांग की
थी, फरियादी पंकज कुमार जैन रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी को
रंगे हाथों पकडवाना चाहता था, जिस हेतु उसके द्वारा दिनांक 15.03-2022 को
लोकायुक्त संगठन, सागर में शिकायत प्रस्तुत की गई, जिसमें आरोपी मनीराम
गौंड शिकायत का सत्यापन किए जाने के उपरांत लोकायुक्त संगठन द्वारा विधि
अनुसार ट्रैप कार्यवाही संपन्न की गई। ट्रैप के दौरान दिनांक 21/03/2022 को
आरोपी के निर्देशानुसार रखी गई रिश्वत राशि बरामद की गई तथा संपूर्ण
कार्यवाही स्वतंत्र पंचसाक्षियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। वैज्ञानिक
परीक्षण एवं अन्य मौखिक दस्तावेजी साक्ष्यों से अभियोजन प्रकरण की
पुष्टि हुई।
विचारण
के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों, पंचसाक्षियों के
कथनों तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत माननीय न्यायालय
ने अभियोजन का प्रकरण संदेह से परे सिद्ध पाया तथा आरोपी मनीराम गौंड को आज
दिनांक 31/07/2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के
अंतर्गत दोषसिद्ध पाते हुए 04 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन श्री धर्मेन्द्र सिंह
तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजय कुमार रावत
द्वारा की गई एवं सहायक ग्रेड तीन श्री विनय नामदेव द्वारा आवश्यक सहयोग
किया गया।
चैक बाउंस के मामले में 6 माह की सजा 7,52,054 रूपये प्रतिकर अदा करने का आदेश पारित.. दमोह। चैक वांउस के मामले में न्यायालय नीलेश मुलतकर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम
श्रेणी दमोह द्वारा चैक वांउस के मामले में आरोपी को दोषी मानते हये 6 माह
का कारावास एवं 7.52.054 अंकन सात लाख बावन हजार चौवन रूपये क्षतिपुर्ति
राशि दिये जाने का दण्डादेश पारित किया। मनीष चौबे अधिवक्ता द्वारा बताया
गया कि मामला इस प्रकार है कि परिवाटी राजू सेन पिता गौरीशंकर सेन उम्र 36
वर्ष निवासी अग्रवाल आरा मशीन के पीछे गार्ड लाइन दमोह आरोपी इंद्रकुमार
जैन पिता सरजू जैन उम्र 63 वर्ष प्रोप्राइटर शरद ट्रेडर्स निवासी वार्ड नं.
1 गौरीशंकर वार्ड पथरिया, तहसील पथरियाा जिला दमोह। राजू सेन गल्ले का
फुटकर व्यापार करता है, एंव अनावेदक शरद ट्रेडर्स के नाम से पथरिया मे
गल्ले का व्यापार करते है। इस कारण परिवादी एंव अनावेदक के मध्य काफी लम्बे
समय से अच्छी जान पहचान है एवं मधुर संबंधों के कारण आरोपी को माह फरवरी
2021 में 5,00,000 अंकन पांच लाख रूपये गल्ले व्यापार के लिये उधार मांगे..
परिवादी ने संबंधो के कारण आरोपी की आवश्यकता समझते हुये 5,00,000 अंकन
पांच लाख रूपये उधार दिये और कहा कि माह जून 2021 में संपूर्ण राशि चुकता
कर दूंगा। जून माह में परिवादी ने रूपये मांगे तो आरोपी ने 5,00,000 अंकन
पांच लाख रूपये एक चौक पंजाब नेशनल बैंक शाखा दमोह का एक चौक प्रदान कर
दिया, जब परिवादी ने जब चैक बैंक में लगाया तो राशि नहीं होने से परिवादी
को रूपये नहीं मिले चौक बांउस हो गया, परिवादी ने इसकी सूचना आरोपी को दी,
परंतु सूचना के बाद भी आरोपी ने रूपये नहीं दिये तो परिवादी ने आरोपी के
विरूद्ध कोर्ट केस लगा दिया न्यायालय ने दोषी मानते हुये दोनो पक्षो की
साक्ष्य होने के बाद तक को सुनकर आरोपी इंद्रकुमार जैन पिता सरजु जैन को
परिवादी राजू सेन उधार रूपये नहीं देने और खाते मे पैसा न होने के बाद भी
चौक जारी करने को दोषी मानते हुये 6 माह का कारावास 9 प्रतिशत ब्याज की दर
से क्षतिपूर्ति 7,52,054 अंकन सात लाख चौवन रूपये देने का आदेश पारित किया।
मामले में परिवादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता मनीष चौबे ने की

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