लोकायुक्त ने RS को 8000 की रिश्वत लेते पकड़ा
दमोह। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना भ्रष्टाचार का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है आए दिन विभिन्न ग्राम पंचायत तथा नगरी क्षेत्र में लेनदेन की शिकायत के बीच मामले लोकायुक्त तक भी पहुंच रहे हैं ऐसे ही एक मामले में सागर लोकायुक्त की टीम ने दमोह पहुंचकर ट्रैप कार्यवाही करते हुए एक रोजगार सहायक को 8000 रुपये की रिश्वत लेते पड़कर कार्यवाही की है।
गुरुवार को सागर से दमोह जिले के जबेरा जनपद पंचायत अंतर्गत पहुंची लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत परासई के रोजगार सहायक राजेश लोधी को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्यवाही की है। बताया गया है कि यह रिश्वत प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किस्त के पहले कुटीर की लोकेशन सही कराए जाने के एवज में मांगी गई थी, जिसके बाद आवेदक संजू रैकवार की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने उक्त कार्यवाही को अंजाम दिया।
दरअसल ग्राम पंचायत परासई निवासी संजू पिता स्व. द्वारका रैकवार का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत था जिसकी दो किश्ते पूर्व में आ चुकी थी और तीसरी किस्त के पूर्व उसे अपने आवास की लोकेशन सही करनी थी। इस के लिए रोजगार सहायक राजेश सिंह पिता भगवन सिंह लोधी 41 वर्ष के द्वारा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई और 8 हजार रुपए दिए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद आवेदक द्वारा मामले की शिकायत लोकायुक्त सागर में दर्ज कराई गई शिकायत की पुष्टि उपरांत लोकायुक्त टीम ने अपना जाल बिछाया और गुरुवार को जैसे ही आवेदक ने आरोपी को ग्राम पंचायत भवन में रिश्वत की रकम दी, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी रोजगार सहायक द्वारा आवेदक की पूर्व में आई दो किस्तों में भी रिश्वत के रूप में 5 हजार और 6 हजार की राशि ली थी। इसके बाद आरोपी ने तीसरी किस्त के लिए भी राशि की मांग की जिसके चलते आवेदक ने लोकायुक्त तक अपनी शिकायत दर्ज कराई है। टीम ने आरोपी पर मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में 3 माह में लोकायुक्त की यह दूसरी कार्रवाई इससे पहले 11 मई तेजगढ़ ग्राम पंचायत में सचिव जुगराज सिंह लोधी 6 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे, जिसमें पंचायत चौकीदार को भी सह आरोपी बनाया गया है।इस पूरी कार्यवाही में लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख का निर्देशन, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, प्रधान आरक्षक शफीक खान, अजय क्षेत्रीय, आरक्षक नीलेश चौबे, आदेश तिवारी, प्रदीप दुबे, गोल्डी पासी की भूमिका रही।

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