भ्रष्टाचार में सजा, आरआई की सेवाएं समाप्त.. इधर जिला अस्पताल में एक्सपायरी दवा प्रकरण में कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश..

भ्रष्टाचार में दोषसिद्धि के बाद आरआई की सेवाएं समाप्त

दमोह।  भ्रष्टाचार के मामलों में मध्य प्रदेश शासन की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक मनीराम गौड़ की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। न्यायालय से सजा मिलने के बाद हुई कार्रवाई विशेष न्यायाधीश ;भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह द्वारा मनीराम गौड़ को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 4 वर्ष के कारावास और 2 000 के अर्थदंड जर्माने की सजा सुनाई गई थी। न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध ठहराए जाने के परिप्रेक्ष्य में शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा उनकी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
जिला अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़, दी जा रही है एक्सपायरी डेट की दवाई.. दमोह। जिला अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़, दी जा रही है, एक्सपायरी डेट की दवाई दी जा रही है। पथरिया निवासी बृजेश सेन ने कलेक्ट दमोह पहुंचकर कलेक्टर महोदय को भगवती मानव कल्याण के कार्यकर्ताओं के साथ  आवेदन दिया।  बृजेश सेन ने बताया की दिनांक 26 8.2026 को जिला चिकित्सालय दमोह पहुंचकर अपनी पत्नी रागनी सेन को भर्ती करवाया जहां 27 8 2026 को उनकी डिलीवरी हुई डिलीवरी के पश्चात नवजात शिशु को भर्ती कर लिया गया भरती के 10 दिन पश्चात  6. 9.2026 को रागिनी सेन एवं नवजात शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है और उसे उसी समय जो दवाई दी जाती है उसमें से दवाइयां एक्सपायरी डेट की पाई गई..
 जिसकी शिकायत बृजेश सेन ने कलेक्टर दमोह को आवेदन के माध्यम से दी कलेक्टर ने बृजेश सेन को अस्पताल भेज कर उसको सही दवाई दिलवाई और भगवती मानव कल्याण संगठन ने इस पर चिंता व्यक्त की और कहा कि दोषियों पर जांच करके सख्त  कार्रवाई की जाए अन्यथा किसी भी मरीज की जान जा सकती है इसका जवाबदारी स्वास्थ्य विभाग दमोह रहेगा पहले भी स्वास्थ्य विभाग महिलाओं की बच्चों की मौतों के मामले में चर्चाओं में  रहा है।

कलेक्टर ने एक्सपायरी दवा प्रकरण में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.. दमोह। जिला अस्पताल दमोह में मरीज को एक्सपायरी दवा वितरित किए जाने की शिकायत प्राप्त होते ही कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले की जांच के निर्देश दिए। घटना की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मौका मुआयना करने तथा अस्पताल के दवा स्टॉक ;स्टोर रूम एवं वितरण पंजियों के सूक्ष्म परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने कहा जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा वितरण काउंटर के कर्मचारियों स्टोर प्रभारी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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