दमोह संसदीय क्षेत्र अंतर्गत बंडा में जहरीली शराब से 11 की मौत, तीन दर्जन सागर रेफर.. 6 शराब दुकान सील, यूपी तक जांच की आंच..

जहरीली शराब से 11 मौतें, 35 लोग अस्पताल पहुंचे

सागर। दमोह संसदीय क्षेत्र अंतर्गत सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब का कहर देखने को मिला है। 11 लोगों की मौत हो चुकी है वही करीब तीन दर्जन को इलाज के लिए सागर रेफर किया गया है। इस घटनाक्रम से पूरे पुलिस प्रशासनिक अमले में हड़कंप फैला हुआ है वही राजनीति भी शुरू हो गई है। चार गांवों में मातम पसरा हुआ है, छह शराब दुकानें सील की गई है, ललितपुर तक जांच की आंच पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

 मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है। करीब 35 लोगों को अस्पताल लाया गया है। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में चार गांवों के लोग शामिल हैं। मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल लाए गए कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें अकड़न महसूस हो रही थी। घटना के बाद प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। 

शराब पीने वाले लोगों को चेकअप के लिए अस्पताल लाया जा रहा है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रशासन एक्शन मोड में है। सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी प्रभावित गांवों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। क्षेत्र की छह शराब दुकानों को एहतियातन सील कर सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि प्राथमिक जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ललितपुर में भी नेटवर्क की जांच की जा रही है। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि हादसे के पीछे जो भी व्यक्ति जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार से सवाल उठाए हैं।

आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल.

इस दर्दनाक हादसे के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में शहर के एक लाइसेंसी शराब ठेकेदार ने ‘बांबे व्हिस्की’ के नाम से बाजार में धड़ल्ले से बिक रही नकली शराब की शिकायत आबकारी कार्यालय में दर्ज कराई थी।आरोप है कि इतनी गंभीर शिकायत के बावजूद विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। यदि शिकायत सही थी और समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या यह हादसा टाला जा सकता था? अब यह सवाल जांच का अहम हिस्सा बनना चाहिए।

चार दिन पहले ठेकेदारों ने दी थी चेतावनी.. बताया जा रहा है कि महज चार दिन पहले आबकारी विभाग की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में लाइसेंसी शराब ठेकेदारों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार और नकली शराब की बिक्री को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद यदि अवैध शराब का कारोबार जारी रहा और नकली शराब बाजार में बिकती रही, तो यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। अब यह जांच जरूरी है कि बैठक में उठाई गई शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, किस अधिकारी के पास शिकायत पहुंची और उसके बाद क्या कदम उठाए गए।

अब सबसे बड़ा सवाल, जिम्मेदार कौन? बराज गांव की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की जिम्मेदारी किसकी है। यदि नकली शराब की शिकायत पहले से मौजूद थी, तो उसके बाद भी लोगों तक जहरीली शराब कैसे पहुंची। पुलिस जांच में शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इस कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आना जरूरी है। साथ ही, आबकारी विभाग की कथित लापरवाही की भी जांच होनी चाहिए। 9 लोगों की मौत के बाद केवल कार्रवाई का आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा; यह भी सामने आना चाहिए कि समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका के बीच पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। बंडा क्षेत्र के घूघरा, जालमपुर और बराज सहित आसपास के गांवों में हड़कंप मची हुई है कलेक्टर-एसपी मौके पर, पुलिस और आबकारी विभाग जांच में जुटे हुए हैं।

 पूरा पुलिस प्रशासनिक अमला मौके पर..मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया प्रशासनिक एवं पुलिस अमले के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और बंडा अस्पताल पहुंचकर मरीजों के उपचार की जानकारी ली। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। संदिग्ध शराब के सेवन से मौतों की पुष्टि के बाद अब यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कहां से आई और इसके सेवन से कितने लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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