पटवारियों की भूमिका अधिकार क्षेत्र स्पष्ट करने ज्ञापन
दमोह। मंगलवार को कलेक्टोरेट कार्यालय पहुचे पटवारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ध्यानाकर्षित कराते हुए नारेवाजी के साथ प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांगों का ज्ञापन पटवारी संघ के साथ मप्र राजस्व कर्मचारी कल्याण संघ ने एसडीएम को सौपा। इस दौरान पटवारियों की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र स्पष्ट करने के साथ अतिरिक्त कार्यभार कम करने जैसी मांग प्रमुख रूप से की गई।मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय प्रवक्ता नीरज चौरसिया ने बताया कि पटवारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रमुख बिंदुओं को शासन के सामने लगातार रखा जाता रहा है। लेकिन इस तरफ अभी तक गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया है। जिस बजह से आज पटवारियों को आंदोलनरत होकर अपनी मांगों की तरफ शासन का ध्यान आकर्षि कराना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार के कारण पटवारियों के मूल राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शासन को पटवारियों की जिम्मेदारियों एवं अधिकारों को स्पष्ट करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए। संघ की प्रमुख मांग है कि पटवारियों की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र स्पष्ट किया जाए तथा पंचायत एवं राजस्व विभाग के कार्यों का स्पष्ट विभाजन किया जाए। पटवारियों को अनावश्यक रूप से निष्पादक अथवा अंतिम निर्णयकर्ता की भूमिका नहीं दी जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि डिजिटल पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों का शीघ्र निराकरण किया जाए। भूमि संबंधी विवादों में जिम्मेदारी निर्धारित करने की स्पष्ट प्रक्रिया बनाई जाए तथा फार्मर आईढी प्रक्रिया में पटवारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व भी स्पष्ट किए जाएं। अतिरिक्त कार्यभार के कारण पटवारियों के मूल राजस्व कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। नई व्यवस्था लागू करने से पहले मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान किया जाना आवश्यक है।
संघ की प्रमुख मांगें.. पटवारियों की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र स्पष्ट किया जाए। पंचायत एवं राजस्व विभाग के कार्यों का स्पष्ट विभाजन हो। पटवारी को अनावश्यक रूप से निष्पादक अथवा अंतिम निर्णयकर्ता की भूमिका न दी जाए। डिजिटल पोर्टल की तकनीकी खामियों का निराकरण किया जाए। भूमि विवादों में जिम्मेदारी तय करने की स्पष्ट प्रक्रिया बनाई जाए।फार्मर आईढी प्रक्रिया में पटवारियों के कार्य एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट किए जाएं।
अतिरिक्त कार्यभार के कारण मूल राजस्व कार्य प्रभावित न हों।नई व्यवस्था लागू करने से पहले मैदानी कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाए। शासन से मांग की है कि पटवारियों की समस्याओं एवं मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाएं जिससे राजस्व कार्यों का संचालन सुचारु रूप से हो सके।


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