कुसमी नहर की पुलिया पर जीवित मिली नवजात बेटी
दमोह। कहते हैं मारने वाले से बचाने वाला बहुत बड़ा होता है, शायद इसीलिए जन्म देने वाली मां से संतान को पालने वाली मां को बड़ा कहा गया है। सरकार बेटियों को बचाने उनको पढ़ाने लिखाने से लेकर हाथ पीले कराने की अनेक योजना चला रही हो लेकिन अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म के साथ ही बेटियों को बोझ समझने वालो की कमी नहीं है। ऐसे ही कुछ हालात के बीच संतान साते कि रात एक कलयुगी मां अपनी नवजात बेटी को नहर किनारे छोड़ कर चली गई। वही राधा अष्टमी के दिन राह चलती मां ने बेटी को उठाकर अस्पताल पहुंचने में देर नहीं की.
पूरा घटनाक्रम कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम कुसमी में शनिवार को सामने आया। कुसमी से सलैया की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर नहर की पुलिया के पास एक नवजात बेटी जीवित अवस्था में पड़ी मिली। रात के समय भी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी थी। वही दोपहर में वहां से निकल रही एक ग्रामीण महिला ने झाड़ियां के पीछे से रोने की आवाज सुनी तो वह अपने आप को नहीं रोक सकी। झाड़ियां में जहरीले सांप बिच्छू होने की परवाह किए बिना ग्रामीण महिला ने मासूम को झाड़ियां से बाहर निकाला। उसे पुचकारा, दुलार दिया तथा कपड़े में लपेटकर उसे सीने से लगाने में देर नहीं की।ग्रामीणों द्वारा मामले की सूचना जनपद सदस्य गोविंद तिवारी को दी गई। सूचना मिलते ही गोविंद तिवारी मौके पर पहुंचे और नवजात बच्ची को देखकर तत्काल पुलिस एवं डायल-112 को सूचना दी। बच्ची को तत्काल उपचार के लिए कुम्हारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया। नवजात बच्ची को सुनसान स्थान पर जीवित छोड़कर जाने को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात बच्ची को वहां कौन और किन परिस्थितियों में छोड़कर गया। अमित यादव की खबर

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