कोर्ट कलेक्टोरेट सहित अन्य कार्यालयो में हेलमेट आवश्यक हुआ.. इधर सिविल डिफेंस वालंटियर्स प्रशिक्षण, 150 को प्रमाण पत्र..

उच्च्तम न्यायालय सड़क सुरक्षा समिति अध्यक्ष के निर्देश

दमोह।  देश में एक जिला मध्य प्रदेश से निकले जो जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट में आ जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सड़क पर उतरेए इतना भर करने से ही यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होने लगेगा। नियमों के पालन कराने के लिए कोई कलेक्टर एसपी या चेयरमैन या न्यायाधीश की आवश्यकता नहीं है। इस आशय की बात उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष दमोह में आयोजित सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए।

इस अवसर पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि सिविल जज वरिष्ठ खंड सचिव जिला सेवा प्राधिकरण उषाकांता कृषाण सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी सहित समिति के सदस्य गण मौजूद रहे। न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने जिले में हुई दुर्घटनाओं का तुलनातम्क अवलोकन कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कहा हम रिजल्ट चाहते हैं काम आप सबको करना हैं। एक आदमी की मृत्यु उसके घर में देखे कितनी दिक्कत होती हैं मृत्यु से ज्यादा परेशानी एक्सीडेंट से होती हैं जब व्यक्ति सीवियर होने के बाद विषम परिस्थितियों में जिंदा रहता हैं परिवार कितनी परेशानी उठाता हैं। हमें दूसरो की जान बचाना हैं यह हमारा कर्त्तव्य हैं हमें जान बचाने के लिए जागना होगा 06 माह बाद फिर आकर आप सबने क्या किया उसका रिब्यू किया जायेगा। उन्होंने कहा सड़क सुरक्षा की हर महीने मीटिंग लेते हैं उसे हर हफ्ते या पर.डे भी शाम को कुछ समय तय कर लेंगे तो मुझे लगता है कि काफी उसका फायदा होगा।

न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने कहा हेलमेट के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक आपके जितने भी सरकारी विभाग हैंए वहाँ इम्प्लीमेंट करें कि हेलमेट पहन के आना होगा। आपका जितना स्टाफ हैए वह बिना हेलमेट के दफ्तर नहीं आएगा। जो आएगाए उसको आपको हाज़िरी देनी नहीं है। कंपल्सरी हेलमेट कर दिया जायें। जिले में जो काम कर रहे हैं यहाँ कंपनियाँ उनके से हेलमेट वितरण जन जागरूकता के लिए किया जायें। उन्होंने कहा प्रत्येक गाड़ियों में प्लेट इंश्योरेंस ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। जो भी महाविद्यालाय या स्कूल्स में हेलमेट का अनिवार्य किया जाये। उन्होंने कहा हमें प्रयत्न करना चाहिए उस के लिए कलेक्टर बनने की आवश्यकता नहीं है। इसको एक अपनी ऑर्डिनरी ड्यूटी जैसा मत लीजिए। एक परिवार का हिस्सा बनिये सड़क हादसे का शिकार बन रहे हैं उस हिसाब से जाँच कीजिए दुर्घटनाए क्या कारण से हो रहे हैं उसको यदि ध्यान दिया जायें यदि कोई सुधार हो तो तत्काल किया जाए। अपन बचाने की कोशिश कर सकते हैं यदि अपन ने उसको इफ़ेक्टिवली एनफ़ोर्समेंट के साथ किया तो कुछ हद तक हम दुर्घटनाए रोक सकते हैं।

उन्होंने कहा मैंने फ़िगर देखे हैं 6 महीने बाद फ़िगर मैं खुद बुलाऊँगा कि दिसंबर तक आप लोगों ने क्या किया मेरी मीटिंग का कोई इफ़ेक्ट हुआ या नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी उसका नाम भी सुप्रीम कोर्ट कमेटी ही रखा क्यों क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ही इसको अभी भी हर हफ्ते हर 15 दिन 1 महीने मेरे थ्रू इसको मॉनिटर करता है कि देश में क्या हो रहा है।  उन्होंने कहा विदेशों में वियतनाम थाईलैंड चाइना में हर व्यक्ति वहाँ हेलमेट पहन के गाड़ी चलाता है। हर रूल फॉलो कर रहा हर व्यक्ति रूल फॉलो करता है। अब वह यदि कर रहे है यदि लोग फॉलो करने लगे तो फिर सरकार को कुछ करने की जरूरत ही नहीं है। 758 जिले हैंए अभी तक मुझे एक भी ऐसा जिला नहीं मिला जो यह चैलेंज एक्सेप्ट कर सके कि में हमारा जिला काम करेगा। उन्होंने कहा हम लोगों ने यह दायित्व दिया है आप जितने लोग बैठे हैं उनको यह दायित्व जो ड्यूटी दी है वह तो करें ही करें उसके अलावा सबको रिक्वेस्ट करें सबको बताएं जागरूक करें कि यह करना चाहिए वह करना चाहिए तब जाकर काम होगा। कोशिश यह चल रही है पूरे देश में हर रोड के ऊपर सीसीटीव्ही कैमरे लगा रहे है। यह पूरी तरह ईलेक्ट्रानिकली होगा ई.चालानिंग होगी ई.कोर्ट होगा वसूली होगी सब होगा। उन्होंने कहा हेलमेट पहनने से मृत्यु दर कम हो सकती हैं दोनो सवार पहनें तो डेथ में कमी आयेगी। दुर्घटना में मरने वालो की संख्या जिले में ज्यादा हैं जागरूकता कैंपेन चलाये।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा सड़को से हटाकर गौवंश गौशालाओं में भेजे जा रहे हैं। साथ ही टीम की ओर से अध्यक्ष जी को आश्वस्त करता हूँ कि जो आपने निर्देश दिए हैं हमें मार्गदर्शन दिया है इसको फील्ड पे पूरा उतारेंगे और लगातार प्रयास करेंगे कि ज़ीरो जैसी स्थिति आपने बताई कि ज़ीरो की स्थिति लाना है ज़ीरो न ला सकें तो कम से कम करने का प्रयास करेंगे। जो हेलमेट रोड के डिज़ाइन में भी कई जगह प्रॉब्लम हैए जो नए रोड बन रहे हैं हमने एजेंसी को भी निर्देशित किया है कि डिज़ाइन ऐसी बनाएँ कि उसमें इतना कर्व न हो कि विज़िबिलिटी खत्म हो जाए।
क्या उपाय किए गए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने बताया साईन बोर्ड लगाये गएए जागरूकता कैम्पेन चलाये जा रहे है। जिले में 14 ब्लेक स्पॉट चिहिंत किए गये जिनमें शार्ट टर्म कार्य किये गए भोपाल की मैनिट की टीम ने निरीक्षण कर रिपोर्ट दी हैं उस पर काम किया जा रहा हैं। चालान किए जा रहे है। ड्रिंक एण्ड ड्राइव ओवर स्पीड पर कार्यवाही लगातार की जा रही है। यातायात टीआई दलबीर सिंह मार्कों ने ब्लेक स्पॉट पर सुधार और कितने एक्सीडेंट सहित जिले में की जा रही कार्यवाहियों दुर्घटनाओं की विस्तार से पॉवर पाइंट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से  जानकारी दी गई। 

सीएमएचओ ने स्वास्थ्य विभाग में सभी को जारी किए निर्देश.. दमोह। उच्चतम न्यायालय सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोक थाम एवं यातायात सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा. निर्देश जारी किए गए। बैठक के निर्देशों के अनुपालन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राकेश राय ने स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट पहनना तथा चार पहिया वाहन का उपयोग करते समय सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है। 

होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ ने बचाव कार्य प्रशिक्षण दिया.. दमोह। होमगार्ड नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के निर्देशानुसार जिले में 16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक सात दिवसीय सिविल डिफेंस वालंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीजी कॉलेज दमोह में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के 150 सिविल डिफेंस वालंटियर्स ने भाग लिया। 

प्रशिक्षण के दौरान होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ की टीम ने प्रतिभागियों को नागरिक सुरक्षा हवाई हमले की स्थिति में बचाव सीएसएसआर सीपीआर तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट रजनी खटीक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कम्पनी कमांडर प्राची दुबे सैनिक चैन सिंह तथा एसडीईआरएफ टीम द्वारा दिया गया।

प्रशिक्षण का समापन पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में प्राचार्य डॉ आलोक जैन के आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षित सिविल डिफेंस वालंटियर्स ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा सभी 150 वालंटियर्स को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण.पत्र प्रदान किए गए।

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