हैदराबाद नागपुर रीवा ट्रेन ने लेट लतीफी के बनाए रिकॉर्ड
दमोह। रीवा से दमोह सागर भोपाल होकर नागपुर हैदराबाद के लिए रेल मंत्रालय द्वारा दी गई साप्ताहिक ट्रेन की सौगात का श्रेय लेने के लिए दमोह सांसद के समर्थकों के बीच में जहा सोशल मीडिया पर होड़ लगी हुई है वही इस ट्रेन के शुरू होने के पहले स्पेशल के तौर पर चार फेरों के लिए चलाई गई रीवा नागपुर हैदराबाद ट्रेन अपने पहले ही राउंड में सुपर फ्लॉप साबित हुई है।
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चर्पपल्ली (हैदराबाद) रीवा (विशेष किराया) स्पेशल सुपरफास्ट
ग्रीष्मकालीन एक्सप्रेस ट्रेन की लेटलतीफी ने पहले ही राउंड मै रेल
यात्रीयो का हाल बेहाल करके रख दिया है। स्पेशल ट्रेन होने की वजह से लगभग
हर स्टेशन पर पिटने वाली यह ट्रेन अपने पहके सफर के दौरान ही लगातार लेट
होती रही। नतीजन यात्रियों की कमी के चलते अधिकांश कोच खाली के खाली रह गए
अर्थात रेलवे के लिए इसका संचालन पहले राउंड में बेहद घाटे का सौदा साबित
हुआ। रविवार दोपहर रीवा से रवाना होने के बाद इस
स्पेशल ट्रेन का पहला सफर उन यात्रियों के लिए बेहद कड़वा रहा जिन्होंने
भोपाल इटारसी नागपुर की टिकट कटा कर इस ट्रेन में सफर किया।
अपने पहले सफर
में 5 घंटा देरी से दमोह पहुंची यह ट्रेन भोपाल पहुंचते पहुंचते 7 घंटे लेट
हो चुकी थी। वही नागपुर पहुंचते पहुचते करीब 10 घंटे तथा हैदराबाद पहुंचते
पहुंचते 12 घंटे से अधिक लेट हो चुकी थी। नतीजन
वापसी में यह ट्रेन चर्पपल्ली (हैदराबाद) से 10 घंटा 13 मिनट लेट शुरू हुई।
नागपुर से 13 घंटे 22 मिनट लेट चली, दमोह 16 घंटे 1 मिनट लेट पहुंची। रीवा
से हैदराबाद के बीच 7 जून से चार फेरों के लिए संचालित हो रही स्पेशल
ट्रेन के चार राउंड की समाप्ति के बाद इसको नियमित सुपर फास्ट साप्ताहिक
ट्रेन के रूप में संचालित करने का आदेश रेल मंत्री दे चुके हैं लेकिन जिस
तरह से पहले राउंड में यह ट्रेन 12 से 16 घंटे लेट चली है ऐसी ही स्थिति
अगले तीन राउंड में भी होने की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में रेल संघर्ष समिति के प्रांजल चौहान एवं साथियों के द्वारा माननीय रेल मंत्री जी से अनुरोध किया गया है कि स्पेशल ट्रेन के
फेरो को तत्काल विराम देते हुए अगले रविवार से ही इस ट्रेन को स्पेशल की
बजाय नियमित सुपरफास्ट के तौर पर संचालित करने के निर्देश दिए जाएं। जिससे
यह ट्रेन समय पर संचालित होने के साथ रेल यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित
हो सके। इसके लिए दमोह सागर के सांसदों से भी रेल यात्रियों द्वारा विशेष
अनुरोध किया जा रहा है देखना होगा नियमित ट्रेन के संचालन का श्रेय लेने
में लगे सांसद समर्थक इन हालातो को कितना गंभीरता से लेते हुए स्पेशल ट्रेन
की जगह नियमित सुपरफास्ट ट्रेन संचालन के मामले में सोशल मीडिया पर अपनी
सक्रियता दर्ज कराते हैं।



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