हटा नाका शराब दुकान का जायजा लेने पहुचे कलेक्टर
दमोह। दमोह डी शराब दुकान के गलत स्थान पर संचालित होने के मामले में दमोह एच शराब दुकान के ठेकेदार द्वारा हाई कोर्ट में दर्ज की गई याचिका पर सुनवाई उपरांत हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद हालात का जायजा लेने कलेक्टर को स्वयं पहुंचना पड़ा। शिकायत के अनुसार गड़बड़ी उजागर होने पर कलेक्टर ने हटा नाका स्थित दमोह डी शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त करते हुए दुकान को सील करा दिया है।दरअसल दमोह डी के नाम से संचालित शराब का ठेका लाइसेंस संजीत राय को प्राप्त हुआ था जिनके द्वारा निर्धारित स्थान की बजाय इमलाई बायपास मार्ग पर शराब दुकान का संचालन किया जा रहा था। जिससे महुआ खेड़ा शराब दुकान दमोह एच के लाइसेंश धारक अखिलेश असाटी का व्यवसाय प्रभावित हो रहा था। जिस पर इनके द्वारा पहले आबकारी अधिकारी और तत्कालीन कलेक्टर से इसकी शिकायत की गई थी। अखबारों में भी इसको लेकर खबरें छपी थी उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रुप एच शराब ठेकेदार ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जिस पर 18 मई को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि 22 अप्रैल 2026 को उसके द्वारा शिकायत किये जाने के बाद भी सुनवाई नहीं की जा रही है। जिस पर हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आवेदन का निराकरण दो सप्ताह में कानून के अनुसार करने के निर्देश दिए थे।। इसके बाद आज कलेक्टर ने स्वयं शराब दुकान पहुंचकर हालात का जायजा लिया और फिर कार्रवाई की।
हालांकि आज के इस कार्रवाई को लेकर जो सरकारी प्रेस नोट जारी किया गया है उसमें कहीं भी हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों का जिक्र नहीं है। जनसंपर्क विभाग के प्रेस नोट के अनुसार कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने हटा नाका शराब दुकान में अनियमितताओं के आरोप पर दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। श्री यादव ने कहा कि लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही थीं जिनमें शराब दुकानों द्वारा अनियमितताएं अवैध विक्रय और निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर शराब बेचने की जानकारी दी जा रही थी। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए थेए लेकिन संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने पर उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित शराब दुकान को एक अन्य स्थान के लिए लाइसेंस जारी किया गया था जबकि संचालन किसी दूसरे स्थान पर किया जा रहा था।
जिस स्थान पर दुकान संचालित हो रही थीए वहां का कोई वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था।कलेक्टर
ने कहा जांच में यह भी सामने आया कि शराब निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर
बेची जा रही थी। दुकान पर लगाया गया साइन बोर्ड भी निर्धारित मानकों के
अनुरूप नहीं था और आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए। इस
प्रकार गंभीर अनियमितताएं सामने आने के आरोप पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई
करते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आमजन का प्रशासन पर विश्वास बनाए रखना है तथा यह संदेश देना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिले के सभी अनुज्ञप्तिधारियों से शासन के नियमों एवं निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कभी भी निरीक्षण कर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि गांव.गांव से अवैध शराब बिक्री और अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। युवाओं को सुरक्षित एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने तथा समाजहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा यह सख्त कदम उठाया गया है।



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