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लोक अदालत ने 3 बिछड़े हुए दंपत्तियों को फिर मिलाया.. पति की बाइक की मांग, पत्नि के ज्यादा बड़ बड़ करने तथा कमजोरी के चलते मिसकैरेज बने विवाद की बजह..

लोक अदालत ने बिछड़े हुए दंपत्तियों को फिर मिलाया

दमोह। वर्ष की पहली मेगा लोक अदालत का आज जिला न्यायालय व्रहद स्तर पर आयोजन किया गया कार्यक्रम के आरंभ में प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर एवम माल्यार्पण कर लोक अदालत की औपचारिक शुरुआत की इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश उदयसिंह  मरावी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्नेहा सिंह एवम दमोह जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज व उपाध्यक्ष सुरेश खत्री के साथ चीफ लीगल डिफेंस कॉउंसिल मनीष नगाइच व तृतीय श्रेणी कर्मचारी अध्यक्ष दीपक सोनी व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अध्यक्ष विश्नाथ बिल्थरे की मौजूदगी रही इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने तृतीय वर्ग कर्मचारियों को प्रमाण पत्र वितरित किये।
कुटुंब न्यायालय ने किया बिछड़ो को एक ,उपहार में दिए न्याय व्रक्ष.. प्रधान न्यायाधीश मो. अजहर के कुटुंब न्यायालय में बड़े ही रोचक तीन पारिवारिक विवादों का बड़े ही संजीदगी से सुलह समझाइश के बाद निपटारा हो गया चीफ लीगल डिफेंस कॉउंसिल मनीष नगाइच ने जानकारी सांझा करते हुए बताया के  भारती एवम विजय के मध्य 2022 में विवाद हुआ था किंतु पति द्वारा प्लेटिना मोटरसाइकिल की मांग पर से पति पत्नि में विवाद बढ़ गया और अपैल 2025 से पत्नी मायके में रहने लगी और कुटुंब न्यायालय में पति के विरुद्ध मामला पेश कर दिया मामले के वकील पी आर पटेल ने बताया के न्यायालय में दोनों पक्षों के उपस्थित होने के बाद उन्हें न्यायाधीश ने समझाया  और विवाद का अंत करवाने प्रेरित किया जिस पर दोनों पति पत्नि में फिर से सुलह हो गई..
वही दूसरा मामला राजा एवं कीर्ति के मध्य वैवाहिक विवाद का था जिसमे रजा अपनी पत्नी कीर्ति के ज्यादा बोलने और बड बड करने से परेशान था पति का ऐसा भी कहना था के उसकी पत्नी बार बार मायके चली जाती है इसी बात पर से राजा पत्नी के विरुद्ध न्यायालय में केस कर दिया प्रधान न्यायाधीश मो. अजहर ने पति को समझाइश दी के पत्नी अपने पति से ज्यादा न बोलेगी तो किससे बोलेगी? वहीँ पत्नी को समझाया के अपनी बात पति को कम शब्दों में बताया करो और मायके कुछ अवसरों पर जाने के अलावा पति के साथ रहा करो न्यायाधीश की यह  समझाईश असर कर गई मामले के वकील मुन्ना विश्वकर्मा दोनो पक्षों में सुलह होने के बाद उन्हें साथ लेकर गए।
तीसरा मामला दमयंती मनीराम के बीच का वैवाहिक विवाद था इस मामले में दमयंती का कमजोरी के चलते मिसकैरेज हो गया था पति इस बात को लेकर आशंकित था के पत्नी अब बांझ ही रहेगी, बस यहीं से विवाद शुरू हुआ मामले की वकील द्रोपती सिंह ने बताया कि दोनों पति पत्नी को समझाया गया के जीवन बहुत बड़ा है और नई मेडिकल तकनीक से सब सम्भव है, केवल इतनी बात पर अलग अलग रहना ठीक नहीं मेडिएशन के माध्यम से दी गई सुलह समझाइश काम कर गई और पति पत्नी  वैवाहिक विवाद का निपटारा कर साथ रहने तैयार हो गए इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मो अजहर एवं प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी व बार अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज  व चीफ मनीष नगाइच ने जोड़ो को न्याय व्रक्ष प्रदान कर उनके सुखद जीवन की कामना की।

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