रिश्वत लेने वाले नपा कर्मी को 04 वर्ष की सजा
दमोह। न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह श्री संतोष कुमार गुप्ता ने रिश्वत लेने के मामले में नगर पालिका हटा के कर्मी सचिन दीक्षित को 04 वर्ष की सजा सुनाई है। आरोपी सचिन दीक्षित ( पंप संचालक नगर पालिका परिषद हटा) को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन -2018 ) की धारा धारा 07 में दोषसिद्ध करते हुए 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
अभियोजन के अनुसार दिनांक 05.01.2019 को फरियादी श्री
राजू सिंह राजपूत द्वारा लोकायुक्त पुलिस सागर के समक्ष प्रधानमंत्री आवास
योजना अंतर्गत दूसरी किस्त जारी कराने के एवज में आरोपीगण द्वारा 15,000/-
रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन उपरांत दिनांक 07.01.2019
को ट्रैप कार्यवाही के दौरान आरोपी सचिन दीक्षित को 10,000/- की रिश्वत
राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, आरोपी द्वारा उक्त राशि तत्कालीन
मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कहने पर लेना स्वीकार किया गया। विवेचना
में संकलित भौतिक, मौखिक एवं इलेक्ट्रानिक अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर
आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय पेश किया गया।
मामले में
आवेदक राजू सिंह राजपूत न्यायालय में पक्षविरोधी हुआ, किन्तु मामले में
दस्तावेजी साक्ष्य, मौखिक साक्ष्य व अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्को से सहमत
होकर माननीय न्यायालय द्वारा आज दिनाँक 5/02/2026 को पारित निर्णय में
आरोपी सचिन दीक्षित को दण्डित किया गया एवं प्रियंका झारिया, तत्कालीन
मुख्य नगर पालिका अधिकारी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन श्री धर्मेन्द्र सिंह
तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजय कुमार रावत
द्वारा की गई एवं सहायक ग्रेड तीन श्री विनय नामदेव द्वारा आवश्यक सहयोग
किया गया।

0 Comments