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मंत्रीजी की मौजूदगी में नोहलेश्वर महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ.. इधर दमोह जबलपुर मार्ग पर अभाना में जाम के कारण सुबह-शाम बिगड़ रही यातायात व्यवस्था..

मंत्रीजी की मौजूदगी में नोहलेश्वर महोत्सव का शुभारंभ

दमोह। ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव नोहटा 2026 का भव्य शुभारंभ प्रदेश के संस्कृति पर्यटन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी की गरिमामय मौजूदगी में परंपरा आस्था और संस्कृति के संगम के साथ संपन्न हुआ।  राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा नोहलेश्वर महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं बल्कि बुंदेलखंड की आस्था संस्कृति और परंपराओं का उत्सव है। यह महोत्सव हमारी लोक संस्कृति को नई पहचान देता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। सरकार ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहर को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।

संध्या काल में महोत्सव स्थल पर राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने संत श्री अनुग्रह दाश जी महाराज छोटे सरकार एवं उपस्थित अतिथिओ के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर एवं गणेश पूजन के साथ महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी एवं महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह लोधी प्रदेश के राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ रामकृष्ण कुसमरिया जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक सांस्कृतिक चेतना यात्रा में सम्मिलित रहे। यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर जेसीबी से पुष्प वर्षा कर यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया।

नोहटा नगर में निकली विशाल सांस्कृतिक चेतना यात्रा में 70 से अधिक टोलियों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक बुंदेली लोकनृत्य राई प्रस्तुत किया गया। ढोल.नगाड़ों लोक धुनों और जयघोष के बीच यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई महोत्सव स्थल पहुंची जिससे पूरा क्षेत्र सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो गया। महोत्सव के अंतर्गत आगामी दिनों में भक्ति गायन बुंदेली लोकगीत कथक नृत्य कवि सम्मेलन सहित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही विशाल मेले में पारंपरिक व्यंजन हस्तशिल्प फूड स्टॉल एवं विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष कलाकार एवं नागरिक उपस्थित रहे। गणेश वंदना टीम में दीक्षा सेन अनुनय श्रीवास्तव अभिनव श्रीवास्तव संजय खरे ब्रजेंद्र राठौर शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन राजीव अयाची ने किया।

दमोह जबलपुर मार्ग पर अभाना में जाम के कारण सुबह-शाम बिगड़ रही यातायात व्यवस्था.. ​ दमोह। दमोह से जबलपुर की ओर जाने वाले व्यस्त हाईवे (NH 31) पर स्थित ग्राम अभाना का तिराहा इन दिनों जाम का हॉटस्पॉट बन गया है। वही अभाना तिराहा आज अव्यवस्था और असुरक्षा का पर्याय बन चुका है। यहाँ की स्थिति इतनी भयावह है कि सड़क के दोनों ओर पैदल चलने वालों के लिए 'साइड पट्टी' या फुटपाथ का नामो-निशां तक नहीं है। भारी वाहनों के शोर और जाम के बीच पैदल राहगीर मौत के साये में चलने को मजबूर हैं। गाँव की ओर जाने वाले मार्ग और मुख्य हाईवे के मिलन स्थल पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया है कि हर दिन यहाँ यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा रही है।
​पीक ऑवर में हाईवे पर खड़ी हो रही वाहनों की कतारें.. ​हाईवे पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण रोजाना सुबह 10 से 11 बजे और शाम को 4 से 5 बजे के बीच जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इस समय अवधि में दमोह और जबलपुर की ओर आने-जाने वाले सैकड़ों वाहन तिराहे पर फंस जाते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, तिराहे पर कोई व्यवस्थित ट्रैफिक सिग्नल या पुलिस बल न होने के कारण वाहन चालक आपस में उलझते रहते हैं, जिससे जाम और लंबा हो जाता है। तिराहे की सबसे झकझोर देने वाली सच्चाई यह है कि यहाँ सड़क के दोनों ओर पैदल यात्रियों के लिए कोई व्यवस्थित कच्ची या पक्की पट्टी नहीं छोड़ी गई है। लोग मुख्य डामर रोड पर चलने को विवश हैं, जहाँ उनके बिल्कुल बगल से रफ़्तार भरते ट्रक और बसें गुजरती हैं। एक छोटी सी चूक यहाँ बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। पैदल चलने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और आम राहगीरों के पास जाम के दौरान बचने के लिए कोई सुरक्षित 'एस्केप रूट' तक नहीं है।
​व्यापारिक और आपातकालीन सेवाओं पर असर.. ​व्यस्त समय में लगने वाले इस जाम का सीधा असर कामकाजी लोगों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है। दमोह-जबलपुर मार्ग पर भारी व्यावसायिक वाहनों का आवागमन अधिक रहता है, ऐसे में एक बार जाम लगने पर उसे खुलने में काफी समय लग जाता है। यहाँ से गुजरने वाली एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाएं भी अक्सर इस जाम में फंसी नजर आती हैं। ​अभाना तिराहे की सबसे बड़ी समस्या यहाँ सड़क के किनारे खड़े होने वाले वाहन हैं। तिराहे के मुहाने पर ही मालवाहक और अन्य यात्री वाहनों के खड़े हो जाने के कारण मार्ग की वास्तविक चौड़ाई कम हो जाती है। इस संकीर्णता के कारण जब हाईवे से कोई भारी वाहन गुजरता है या गाँव की ओर मुड़ता है, तो यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। तिराहे पर जगह कम बचने के कारण दो बड़े वाहन एक साथ नहीं निकल पाते, जिससे कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
​तिराहे पर अव्यवस्था: गाँव की ओर मुड़ने वाले और हाईवे पर सीधे चलने वाले वाहनों के बीच तालमेल की कमी से समय की बर्बादी होती है। निर्धारित समय (सुबह 10-11 और शाम 4-5) पर निकलने वाले राहगीरों का आधा से एक घंटा जाम में बर्बाद हो रहा है भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़कों पर कोई स्पष्ट डिवाइडर या संकेतक नहीं हैं। रोजाना स्कूल के समय जाम लगने से बच्चों को देरी होती है। भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यहाँ पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शासन-प्रशासन को यहाँ तत्काल व्यवस्था सुधारनी चाहिए। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अभाना तिराहे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को उचित प्रबंध करने चाहिए। व्यस्त समय में यहाँ कम से कम दो होमगार्ड या यातायात आरक्षकों की तैनाती अनिवार्य है ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से चलती रहे।

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