जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर की हुंकार अतिक्रमण मुक्त हो भोले का द्वार.. इधर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने भाशचेपा का प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन..

महामंडलेश्वर की हुंकार अतिक्रमण मुक्त हो भोले का द्वार 

दमोह। श्रवण माह के प्रथम दिन बुंदेलखंड के प्रसिद्धि हिंदू तीर्थ क्षेत्र श्री जागेश्वर नाथ धाम बांदकपुर पहुंचे देश के प्रसिद्ध जूना अखाड़े के महा मंडलेश्वर श्री आत्मानंद सरस्वती महाराज ने भगवान भोलेनाथ का पूजन अभिषेक किया इसके उपरांत उन्होंने भक्तों के साथ कारीडोर निर्माण भव्यता के साथ हो बांदकपुर के अनेक विषयों पर चर्चा हुई।
महामंडलेश्वर जी ने मंदिर परिसर से अपना वीडियो जारी कर कहा कि बांदकपुर धाम का कायाकल्प सौंदर्यकरण करने के लिए मुख्यमंत्री ने बांदकपुर धाम कारीडोर का भूमि पूजन किया है। कार्य आरंभ हो गया लेकिन सभी साधु संत समाज भक्तगण चाहते है कि कारीडोर निर्माण में सर्व प्रथम भगवान भोलेनाथ के मुख्य द्वार एवं परिसर के आसपास जो भी अतिक्रमण शीघ्र हटाया जाए।

बिना अतिक्रमण हटाए सुंदरता नहीं आ सकती इसलिए अतिक्रमण शीघ्र हटाया जाए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त बांदकपुर पहुंचते है पर्वो आदि पर भक्तों की संख्या लाखों में होती है अतिक्रमण से भक्तों को बहुत परेशानी होती है मुख्य द्वार पर अतिक्रमण से मंदिर की शोभा नष्ट हो रही है, इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री जी से भी भेंट करेंगे भक्तों से कहा कि अभियान जारी रखे हमारा सहयोग समर्थन सदैव आपके साथ है।

जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने भाशचेपा का प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन.. दमोह - भारतीय शक्ति चेतना पार्टी एवं भगवती मानव कल्याण संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने एवं प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि एक देश तभी जीवित रह सकता है और विकसित हो सकता है जब उसकी जनसंख्या नियंत्रण में हो, क्योंकि सभी की ज़रूरतों को पूरा करने के संसाधन सीमित हैं। 

जहां एक ओर नियंत्रित जनसंख्या राष्ट्र की शक्ति को बढ़ाने का कार्य करती है तो वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित जनसंख्या राष्ट्र के विकास में बाधक है जनसंख्या वृद्धि मानव जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों आवास, भोजन, रोजगार, बुनियादी ढांचा एवं पर्यावरण को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचती है। जैसे. जनसंख्या वृद्धि की चुनौती भारत की जनसंख्या वर्तमान में 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या है। यह आँकड़ा हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता का प्रतीक है, किंतु यह हमारे संसाधनों पर भारी दबाव डाल रहा है। बढ़ती जनसंख्या के कारण निम्नलिखित समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं: संसाधनों की कमी: पानी, भोजन, आवास और ऊर्जा जैसे बुनियादी संसाधन सीमित हो रहे हैं।
प्रति व्यक्ति संसाधनों की उपलब्धता में कमी के कारण 'जीवन स्तेर प्रभावित हो रहा है। और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव: स्कूलों में सीटों की कमी और अस्पतालों में बेड की अनुपलब्धता आम बात हो गई है।
बेरोजगारी और गरीबी बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार के अवसरों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे बेरोजगारी और गरीबी में वृद्धि हो रही है। पर्यावरणीय क्षतिः वनों की कटाई, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ जनसंख्या घनत्व के कारण और गंभीर हो रही हैं। ज्ञापन सौंप ने बड़ी संख्या में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी एवं भारती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं एवं महिला शक्ति की उपस्थिति रही।

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