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कोतवाली पुलिस का कमाल.. एसबीआई काउंटर से पांच लाख रूपए उड़ाने वाले राजगढ़ जिले के डकैत गिरोह के सदस्यों को मंदसौर से दबोचकर दमोह ले आए.. साढ़े चार लाख व बाइक बरामद.. बैंक अधिकारियों ने एसपी के समक्ष किया टीआई व टीम का सम्मान

 बैंक अधिकारियों ने किया टीआई व टीम का सम्मान

दमोह। कोतवाली पुलिस की टीम ने कमाल करते हुए ढाई माह पूर्व एसबीआई सिटी शाखा के काउंटर से पांच लाख रूपए उड़ाने वाले राजगढ़ जिले के डकैत गिरोह के सदस्यों को मंदसौर से दबोचकर दमोह लाने में सफलता हासिल की है। सोमवार को नए पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी डीआर तेनीवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जहां इस मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों को जानकारी दी वहीं स्टेट बैंक के अधिकारियों ने एसपी की मौजूदगी में टीआई सत्येंद्र सिंह व उनकी टीम का पुष्प गुच्छ भेंट करके सम्मान करते हुए साधुवाद दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे साढ़े चार लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। वही चोरी के रुपए से खरीदी 90 हजार की एक होंडा शाइन बाइक भी बरामद की है।

ढाई माह पूर्व 12 जुलाई 2021 को भारतीय स्टेट बैंक सिटी शाखा के केस काउंडटर से 5 लाख रुपए गायब होने का सनसनी खेज मामला सामने आया था। जिसकि रिपोर्ट भी कुछ दिन बाद की गई थी वहीं प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आने के साथ ही बैंक के ही किसी व्यक्ति का हाथ होने की संभावना जताई जा रही थी। वहीं बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंजान लोगों की पतासाजी में जुटी कोतवाली पुलिस की टीम ने मंदसौर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से चोरी की रम बरामद करने में सफलता हासिल कर ली। यह आरोपी इसके पूर्व अन्य जिलों में भी डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे।

एसपी डीआर तेनीवार ने बताया की प्रदेश के विभिन्न जिलों में रैकी करके डकैती को अंजाम देने वाले दो लोगों को कोतवाली पुलिस की टीम ने मंदसोर से आरोपी सोनू सिसोदिया एवं एरुड़ा सिसोदिया को गिरफ्तार करके उनकी निशानदेही पर राजगढ़ जिले के विभिन्न स्थानों पर तलाशी की तथा ज्वाला पुत्र रामू सिसोदिया तथा उसके 14 वर्ष के नाबालिक बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपी ज्वाला सिसोदिया ने बताया कि वह अपने नाबालिग बेटे से रैकी करवाता था एवं मौका देख कर घटना को अंजाम देता था। बैंक में भी उन्होंने जब देखा कि भीड़भाड़ नहीं है तथा कैशियर अपना काम तल्लीनता से निपटा रहा है उसी दौरान दबे पांव काउंटर के अंदर जाकर पांच लाख रूपए जो एक ही गड्डी में बंधे हुए थे उन्हें पार कर दिया।

इस मामले का खुलासा करने पर बैंक अधिकारियों ने कोतवाली टीआई सत्येंद्र सिंह राजपूत के साथ एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई साइबर सेल रमा शंकर मिश्रा, प्रधान आरक्षक लाल बहादुर साइवर सेल से राकेश अठया सौरभ टंडन आरक्षक महेश नरेंद्र आसिफ सूर्यकांत अजीत मयूर कुलदीप आदि को सम्मानित करते हुए धन्यवाद दिया है। 


उल्लेखनीय है कि बैंक से पांच लाख चोरी के मामले में जहां असाटी कैशियर का जहां दमोह से तबादला कर दिया गया था वहीं उससे उपरोक्त पांच लाख की रकम भी बसूल कर ली गई थी। लेकिन आज इस मामले से यह साफ हो गया कि असाटी कैशियर की गल्ती सिर्फ इतनी थी कि वह अपने कार्य में इतने तल्लीन हो गए थे कि काउंटर से चोरी का उनकों पता ही नहीं लग सका। जिसकी इतनी बड़ी कीमत उनकों चुकाना पड़ी। अब बैंक प्रबंधन को चाहिए कि वह श्री असाटी का भी सम्मान करते हुए अपने व्यवहार के लिए खेद जताए।

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