पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास
दमोह। न्यायालय श्रीमान जितेंद्र नारायण एडीजे चतुर्थ की कोर्ट ने साल भर में हत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए आरोपी अखिलेश तिवारी पिता पूरन लाल तिवारी उम्र 47 वर्ष निवासी मलैया मील के पास मांगज वार्ड नंबर 4 जिला दमोह को बी एन एस की धारा 103(1)में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा एवं 1000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन
के अनुसार 29 दिसंबर 2024 की शाम बृजवासी रेस्टोरेंट के पास रजनी तिवारी
को उसके पति अखिलेश तिवारी ने तलाक के विवाद को लेकर मां-बहिन की गंदी-गंदी
गालियां देने लगा। जिससे मना करने पर अखिलेश ने जान से मारने की नियत से
रजनी को चाकू मारा जो उसे पेट की नाभी के नीचे लगा। खून निकलने लगा, वह
नीचे गिर गयी तो अखिलेश ने उसे पीठ में भी चाकू मारे। वह चिल्लायी तो मौके
पर गज्जू ठाकुर, उसका लड़का अंकित तिवारी आ गये और उसे इलाज के लिये जिला
अस्पताल ले आये। जहा कोतवाली से उपनिरीक्षक योगेन्द्र गायवाड ने घटना के
संबंध में पूछताछ करने पर आहत रजनी तिवारी ने इस आशय की रिपोर्ट लेख करायी।
जिस पर अखिलेश तिवारी के विरूद्ध धारा 296, 109 बी.एन.एस. अपराध पंजीबद्ध
किया गया। आहत रजनी को मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया, इलाज दौरान 2
जनवरी 2025 को आहत रजनी तिवारी की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103 (1)
बी.एन.एस. का इजाफा कर प्रकरण में विवेचना में लिया गया। पुलिस ने अनुसंधान
से सुसंगत कार्यवाहियां जप्ती, गिरफ्तारी पूर्ण कर अभियुक्त के विरूद्ध
अभियोग पत्र न्यायलाय में प्रस्तुत किया। विचारण उपरांत अभियोजन द्वारा
प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी
अखिलेश तिवारी को बी एन एस की धारा 103 (1)में आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए
के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक
श्री गिरीश राठौर द्वारा की गई ।

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