जिले की द्वितीय दमयंती व्याख्यान माला सम्पन्न
दमोह। दमोह जिला उनके लिए केवल एक पदस्थापना नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रहा है। प्रशासनिक रूप से स्वतंत्र प्रभार के रूप में उनकी प्रथम पदस्थापना दमोह में हुई थी जहाँ प्रशासन के कई महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किए और लोगों से गहरे पारस्परिक संबंध बने। ढाई वर्ष के कार्यकाल में सीखा प्रशासन जनता के साथ संवाद और सहयोग से अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है। वह शासन का प्रतिनिधि होता है और जब जनता की आकांक्षाओं को समझकर मिल.जुलकर समाधान खोजे जाते हैं तो वे अधिक स्थायी और व्यावहारिक होते हैं। इस आशय के विचार मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष ;सेवानिवृत्त आईएएस श्री एसएन मिश्रा ने पीएमश्री महाविद्यालय में आयोजित दमयंती व्याख्यान माला में व्यक्त किए।
अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कलेक्टर निवास और उसके परिसर को लेकर कहा कि यह किसी व्यक्ति का निजी निवास नहीं बल्कि एक प्रशासनिक संस्था के रूप में कार्य करता है। बंगला कार्यालय के रूप में उपयोग होने से अनेक प्रशासनिक निर्णय अनुभव और स्मृतियाँ इससे जुड़ी रहती हैं। 18 एकड़ में फैला कलेक्टर बंगला परिसर और बेला ताल क्षेत्र शहर के लिए एक महत्वपूर्ण ऑक्सीजन बैंक रहा है जिसे संरक्षित रखना एक समृद्ध परंपरा का हिस्सा है। श्री मिश्रा ने दमोह की सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकौशल और बुंदेलखंड की संयुक्त संस्कृति जिले को एक अलग पहचान देती है। उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताया कि उन्हें इस जिले में कार्य करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि समय के साथ दमोह में अधोसंरचना सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आज शहर जनता की अपेक्षाओं के और अधिक नजदीक आता जा रहा है जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण कुसमरिया ने एसएन मिश्रा के व्यक्तित्व और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति अपनापन और विश्वास लेकर लौटता था। उन्होंने कहा कि जब भी कोई श्री मिश्रा से मिलने जाता था तो सबसे पहले उनका सत्कार मिठाई से होता था। बातचीत और काम की चर्चा बाद में होती थी लेकिन उनके शब्द इतने मधुर नम्र और आत्मीय होते थे कि सामने वाला व्यक्ति स्वतः ही गदगद हो जाता था। दमोह विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा हमारे जीवन में बहुत से लोग आते हैं लेकिन कुछ लोग अपने कार्यों के कारण हमेशा याद रह जाते हैं। ऐसे ही व्यक्तित्वों में एसएन मिश्रा का नाम प्रमुख है जिन्होंने अपने कार्यों से जनसेवा के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी है। कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि एसएन मिश्रा जैसे अधिकारी विरले होते हैं जिनका कार्यकाल समाप्त होने के वर्षों बाद भी जनता उन्हें उसी आत्मीयता और सम्मान के साथ याद करती है। उन्होंने बताया कि उनके साथ कार्य कर चुके लोगों से यह सुनने को मिला कि जब भी कोई एसएन मिश्रा सर से मिलने दमोह आता था तो वे औपचारिक बातचीत से पहले सबका मुँह मीठा कराते थे। उनकी यही विनम्रता सादगी और अपना पन था जिसने उन्हें जनमानस के हृदय में स्थायी स्थान दिलाया। इस अवसर पर पूर्व विधायक अजय टंडन भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे भावसिंह मासाब कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानक पटेल वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र दुबे ने पूर्व दमोह कलेक्टर श्री मिश्रा के बारे में अपनी अपनी यादे साझा की। संचालन वरिष्ठ पत्रकार महेन्द्र दुबे ने और आभार वरिष्ठ पत्रकार सुनील गौतम ने किया। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक अधिकारी.कर्मचारी मौजूद रहे।मप्र प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन अयोग की कार्यशाला में अहम् चर्चा.. दमोह। मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन अयोग के अध्यक्ष श्री एसण्एन मिश्रा सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह और सदस्य श्री मुकेश शुक्ला की गरिमामय मौजूदगी में जिला कार्यालय सभाकक्ष में फील्ड स्तर पर काम काने वाले अधिकारी.कर्मचारियों और जिला स्तर के अधिकारियों की प्रशिक्षण उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर पुलिस अधीक्षक श्री श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित एडीशनल कलेक्टर श्रीमति मीना मसराम सीईओ जिला पंचायत श्री प्रवीण फुलपगारे सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस तथा जिला अधिकारी एवं तहसीलदार सीईओ जनपद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एसण्एन मिश्रा ने भौगोलिक परिस्थितीयों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर अधिक जनोन्मुखी एवं सुलभ प्रशासन के संबंध में विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा जिला तहसील अनुविभाग प्रशासनिक सीमाओं के युक्तियुक्तिकरण के संबंध मे कोई सुझाव या प्रस्ताव जिला भेजना चाहता हैए प्रशासनिक दक्षता कैसे बढ़ेए इस संबंध में अपनी अनुशंसाए और सुझाव देना आदि पर विस्तार से बताया गया। इस दौरान प्रशासनिक ईकाईयों की पद संरचना और आकार पदो की आवश्यकता इनके युक्तियुक्तिकरण पर भी आपने विस्तारपूर्वक बात रखी।श्री मिश्रा ने जिले के नवाचारो के संबंध में कहा कि संकट के साथी ग्रुप के माध्यम से लोगो को सहायता मिल रही है और हेलमेट वितरण जैसे कार्यक्रम यदि रोड सेफ्टी में 50 प्रतिशत तक प्रभाव ला रहे हैं तो यह अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि बच्चों और नवयुवकों के लिए आयोजित अनुगूंज हेल्पलाइन जैसे प्रयास सीधे तौर पर सकारात्मक पहल हैं और ये निश्चित रूप से एक मील का पत्थर साबित होंगे।अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि इन नवाचारों को मुख्यालय स्तर पर और अधिक सशक्त तरीके से प्रचारित करने की आवश्यकता हैए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचे और अन्य जिले भी इस तरह की पहल को अपनाएं। इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने कहा राज्य में प्रशासनिक ईकाईयो के पुनर्गठन की आवश्यकता का अध्ययन किया जा रहा है इस प्रक्रिया में नागरिक सुविधाओंए जन. अपेक्षाओं और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिती को भी ध्यान में रखा जायेगा। उन्होने प्रस्ताव तैयार करने में क्या.क्या बाते ध्यान में रखी जानी है आदि के संबंध मे विस्तार से प्रकाश डाला। अयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने कहा पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाये वह आम नागरिको की आवश्यकता के अनुरूप हो। श्री सिंह नें इस बात पर जोर दियाकि दक्षता कैसे बढ़े पर अपना सुझाव दे। उन्होने कहा केवल सीमाओं तक बात न की जायें। अधिकारियों से कहा ट्रेनिंग पोर्टल आदि पर चिंतन करें दक्षता कैसे बढ़ सकती है इस पर अधिकारी सुझाव दे सकते है। श्री सिंह नें ब्लॉक स्तर के अधिकारियों और अन्य मौजूद ब्लॉक ग्राम लेवल के कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी बाते समस्याऍ और सुझाव भी सुने और नोट भी किया। साथ ही कहा एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है उसमें भी सुझाव आदि दिए जा सकते है आवश्यक होने पर उनके मोबाईल नंबर पर कॉल किया जा सकता है। बैठक में कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर ने कहा आज इस आयोजित प्रशिक्षण सह.उन्मुखीकरण कार्यशाला में जो जानकारी मिली है ओरिएंटेशन अधिकारियों को दिया गया है हम आभारी है। उन्होने कहा आज इस कार्यशाला में जो गाइडेंस दिया गया है पूरी बात स्पष्ट हो गई है जिला टाइमलाइन में गुणवत्ता युक्त प्रस्ताव भेजेगा। उन्होने पॉवर पाइंट प्रजेटेंशन के माध्यम से जिले में संचालित योजनाओं कार्यक्रमा उल्लेखनीय गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।






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