पितृपक्ष में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी.. कमिश्नर ने तहसीलदार को सस्पेंड किया, कलेक्टर ने एसडीएम को हटाया गया..

दमोह तहसीलदार सस्पेंड एसडीएम को हटाया गया..

दमोह। पितृ पक्ष के अंतिम दिनों में दमोह जिले में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। जांच के दौरान गड़बड़ी उजागर होने पर कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर सागर कमिश्नर ने दमोह तहसीलदार को निलंबित कर दिया है वही एसडीएम को पद से हटाने के आदेश दिए हैं।

 जबकि कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से संजय दुबे कोदमोह का नया एसडीएम बनाया है वही नायब तहसीलदार श्री चतुर्वेदी को तहसीलदार का प्रभार सोपा गया है।
 उपरोक्त कार्रवाई को लेकर दमोह कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव का अधिकृत बयान भी सामने आया है जिसमें उनके कराई गई जांच के दौरान अनियमितता उजागर होने पर उपरोक्त कार्रवाई की बात कही गई है।

इधर कार्यालय कमिश्नर, सागर संभाग, सागर क्रमांक/ 1501/तीन / विभा० जांच / 2026/सागर, दिनांक 09-10-2026 द्वारा जारी आदेश भी सामने आया है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कलेक्टर जिला दमोह द्वारा पत्र कांक क / स्था०लि एससीएन/ 116/ 2026/ 3516 दमोह दिनांक 09 अक्टूबर 2026 से अवगत कराया है, कि श्री जन सुनवाई एवं अन्य माध्यमों से शिकायतें प्राप्त होने पर न्यायालय तहसीलदार दमयंती नगर (दमोह/हिरदेपुर रानिमं) का आकस्मिक निरीक्षण दिनांक 30-09-2026 को श्री संजय कुमार दुबे, डिप्टी कलेक्टर जिला कार्यालय दमोह से कराया जाकर प्रतिवेदन प्राप्त किया गया। निरीक्षण में प्रस्तुत / प्राप्त 37 राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गंभीर अनियमितताएं पाई गई है। 
कमिश्नर श्री दिलीप कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालय मद अ-6 के 19 प्रकरणों में हितबद्ध पक्षकारों को सुनवाई का अवसर प्रदान किये गये नामांतरण आदेश पारित किये गये हैं। मद अ-68 के 12 प्रकरणों में शासन की बहुमूल्य व्भूमि पर अतिक्रमण का आदेश पारित कर प्रकरण दाखिल रिकार्ड रूम किया जाकर अतिक्रमण कार्यवाही ना कर अतिक्रमण को बढावा दिया गया है।
  ।मद बी-121 के 02 प्रकरणों में शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को बिना जुर्माना/अर्थदंड एवं बेदखली के बिना नस्तीबद्ध कर दिया गया जिससे शासकीय नजूल भूमि पर अतिक्रमण को बढावा दिया गया है। इसी प्रकार मद अ-27 के 01 प्रकरण में हितबद्ध पक्षकारों को बिना सुनवाई के आदेश पारित किया गया है। मद अ-12 के 01 प्रकरण में पक्षकारों को सुने बिना ही सीमांकन प्रकरण निरस्त किया गया है।
श्री जैन द्वारा अवैध कॉलोनी के विकय पत्र का नामांतरण बिना सुनवाई के किया जाना, नजूल नामांतरण का अधिकार विहीन आदेश पारित किया जाना, शासकीय सम्पत्ति के रखरखाव में लापरवाही एवं अतिक्रमण को बढावा दिये जाने से शासकीय सम्पत्ति के साथ शासकीय राशि की हानि होना, डायवर्सन शुल्क की हानि किया जाना, अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर रिकार्ड सुधार के प्रकरण न्यायालय में दर्ज किये जाना, भूमि विनिमय पत्र में

उभय पक्ष को सुनवाई किये बिना एक पक्षीय आदेश पारित किये जाने की राजस्व प्रकरणों में अनियमितताएँ / लापरवाही बरती गई है। श्री रॉबिन जैन तहसीलदार तहसील दमयंती नगर जिला दमोह द्वारा राजस्व प्रकरणों में की गई लापरवाही अनियमितताओं / के कारण श्री रॉबिन जैन तहसीलदार के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव प्रेषित किया है।

कलेक्टर दमोह द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के अवलोकन एवं परिशीलन उपरान्त श्री रॉबिन जैन तहसीलदार तहसील दमयंती नगर जिला दमोह प्रथम दृष्टतया दोषी प्रतीत होते हैं। श्री जैन द्वारा किया गया कृत्य अपने पदीय दायित्वों के निर्वाहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता व स्वेच्छाचारिता का द्योतक होकर म०प्र० सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 (1) (11) (III) का उल्लघंन है। अतएव श्री रॉबिन जैन तहसीलदार तहसील दमयंती नगर जिला दमोह को म०प्र० सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1965 के नियम-9 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन अवधि में श्री जैन का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर जिला दमोह नियत रहेगा।निलम्बन अवधि में श्री जैन को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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