जीवित महिला को कागजों पर मृत दिखाकर जमीन हड़पने की कोशिश, FIR का इंतजार.. इधर जंगली सियार के आतंक से ग्रामीण परेशान..

 जीवित महिला को मृत दिखाकर जमीन हड़पने की कोशिश

दमोह। जिले के जबेरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला को दस्तावेजों में मृत दर्शाकर उसकी कीमती कृषि भूमि हड़पने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। पिपरिया सिगौरागढ़ निवासी गंगो उर्फ मैगनी बाई पति रामनाथ मिश्रा ने आरोप लगाया है कि ग्राम मोहनतारा, तहसील कटंगी स्थित उसकी करीब 3.84 हेक्टेयर कृषि भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
मामले को लेकर पीड़िता ने 1 सितंबर 2026 को दमोह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत के बाद तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और जांच के नाम पर मामला लंबित है।
फर्जी वसीयतनामा और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का आरोप.. पीड़िता की शिकायत के अनुसार, ग्राम तांवरी निवासी हरिराम पटेल द्वारा उक्त जमीन को अपने नाम कराने के उद्देश्य से कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए। आरोप है कि दस्तावेज लेखक कमल किशोर खरे की मदद से उप-पंजीयक कार्यालय जबेरा में कथित फर्जी वसीयतनामा तैयार कराया गया। इसके साथ ही सिविल अस्पताल दमोह के नाम से पीड़िता का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए जाने का भी आरोप शिकायत में लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि उसे कागजों में मृत दर्शाकर उसकी जमीन पर अधिकार हासिल करने की कथित कोशिश की गई।
नामांतरण के आवेदन से सामने आया मामला.. मामला उस समय सामने आया, जब उक्त भूमि को नामांतरित कराने के लिए तहसीलदार न्यायालय कटंगी में आवेदन प्रस्तुत किया गया। शिकायत के अनुसार, मामले की जांच के दौरान मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर कथित फर्जीवाड़ा सामने आया और दस्तावेज की वास्तविकता पर सवाल उठे।
पीड़िता का दावा है कि इसके बाद तहसीलदार ने कथित वसीयतनामा को फर्जी मानते हुए नामांतरण आवेदन निरस्त कर दिया। इसी कार्रवाई के बाद पीड़िता ने कथित दस्तावेजी फर्जीवाड़े को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाने का आरोप.. इस मामले का सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिस महिला को दस्तावेजों में मृत दर्शाया गया, वह स्वयं जीवित है। पीड़िता का कहना है कि वह पुलिस के सामने मौजूद है और अपने जीवित होने का प्रमाण दे रही है। इसके बावजूद उसके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार होना और उसी आधार पर जमीन से संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाना गंभीर जांच का विषय है। पीड़िता का आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कथित वसीयतनामा के माध्यम से उसकी जमीन का स्वामित्व बदलने की कोशिश की गई।
एसपी कार्यालय में शिकायत, कार्रवाई का इंतजार.. गंगो उर्फ मैगनी बाई ने 1 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय दमोह में लिखित शिकायत देकर मामले में शामिल बताए जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और जमीन हड़पने की कोशिश की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़िता का कहना है कि शिकायत के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से उसे न्याय के लिए लगातार अधिकारियों से गुहार लगानी पड़ रही है।
इस संबंध में जबेरा थाना प्रभारी रविंद्र सिंह बागरी का कहना है कि मामला पुलिस के संज्ञान में है और इसकी गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले को लेकर एसडीओपी तेंदूखेड़ा अर्चना अहीर का कहना है, “मामला मेरे संज्ञान में है, मैं दिखवाती हूं। एसडीओपी के इस बयान के बाद अब पुलिस स्तर पर शिकायत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच किए जाने की बात सामने आई है। जांच में कथित मृत्यु प्रमाण पत्र, वसीयतनामा, नामांतरण आवेदन तथा संबंधित अभिलेखों की वास्तविकता महत्वपूर्ण होगी।
पीड़िता का सवाल—“आखिर जांच किस बात की?.. पीड़िता गंगो उर्फ मैगनी बाई का कहना है कि जब वह स्वयं जीवित है और पुलिस के सामने मौजूद है, वहीं तहसील स्तर पर भी कथित दस्तावेजों को लेकर आपत्ति सामने आ चुकी है, तो पुलिस की जांच आखिर किस बिंदु पर अटकी हुई है।
बुजुर्ग महिला ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा अपनी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कथित मृत्यु प्रमाण पत्र और वसीयतनामा किस प्रकार तैयार किए गए, इन दस्तावेजों में किन लोगों की भूमिका रही और जमीन के नामांतरण की कोशिश के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं। फिलहाल पीड़िता कार्रवाई और न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।
जंगली सियार के आतंक से ग्रामीण एवं पालतू जानवर परेशान.. दमोह। ग्राम पिपरया टिकरी वन चौकी बंडी टेक वनपरिक्षेत्र दमोह के लोग इन दोनों जंगली सियार के आतंक से जमकर परेशान हैे। सीयारो का झुंड रात के समय गांव तथा आसपास के क्षेत्र में घूम कर पालतू पशुओं को निशाना बना रहा है वही कुछ लोगों को वह काट भी चुका है जिससे उनके अंदर संक्रमण फैलने की संभावना बनी हुई है। इस संदर्भ में बाबू सींग पिता हज्जी सींग लोधी उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम पिपरया टिकरी वन चौकी बंडी टेक वनपरिक्षेत्र ने वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं वन संरक्षण के नाम पर इक लिखित आवेदन देते हुए जंगली जानवरों के आतंक से मुक्ति दिलाने तथा जो लोग इनके शिकार हुए हैं उनका उचित इलाज करा कर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की हैे।
वन्य जीव द्वारा आवेदक के भाई एवं पालतू जानवरो को घायल किये जाने की जानकारी भी आवेदन में दी गई हैे। यह कि दिनांक 21/09/2026 को रात्रि करीब 11 बजे मुझे अपने घर में वनी सार में पालतू जानवरो भैसो की आवाज आयी जिसे देखने मै एवं मेरे भाई हाकम सींग पिता हज्जी सींग लोधी गये तो हम लोगो ने देखा कि जंगली 2-3 सियार ने पालतू जानवरो पर हमला कर घायल कर दिया था मैने चिल्लाया तो सियारो ने हम लोगो पर हमला कर दिया जिसमे हम लोग भागे मेरे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया उक्त दिनांक को ग्राम के अन्य व्यक्तियो एवं पालतू जानवरो को भी जंगली जानवरो ने घायल किया हैं जिसमे साहब सींग पिता परम सींग को गंभीर चोट आयी थी जिसका इलाज चल रहा हैं, उक्त घटना से ग्रामीण अत्याधिक भयभीत है। वर्तमान में जंगली जानवरो का हमारे क्षेत्र में काफी आंतक हैं वह हमारे गावं में कृषि तथा जानवरो तथा ग्राम वासियों को कभी भी कोई गंभीर नुकसान पहुंचा सकते है। उक्त घटना में मेरे भाई एवं मेरे पालतू जानवरो (भैसो) को आयी चोटो के इलाज एवं क्षतिपूर्ति राशि विभाग द्वारा प्रदान किया जाना न्यायहित में हैं। उक्त घटना में मेरे भाई एवं मेरे पालतू जानवरो (भैसो) को आयी चोटो के इलाज एवं क्षतिपूर्ति राशि विभाग द्वारा प्रदान किये जाने का कष्ट करे।
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