परिक्रमा : कृपा सार’ पर पुस्तक-विमर्श कार्यक्रम संपन्न
दमोह। साहित्यकार की अंतःचेतना का साकार रूप उसकी कृति होती है। लेखक के निराकार विचार जब शब्दों के रूप में साकार होते हैं, तो वे अपनी उद्देश्यपूर्ण यात्रा पाठकों के माध्यम से पूरी करते हैं। यह कृति सृष्टि, संवेदना और शांति जैसे तीन विषयों पर आधारित है जिसे आपके कर्म आपस में जोड़ते हैं। यह विचार डॉ. श्याम सुंदर दुबे, पूर्व निदेशक, मुक्तिबोध सृजन पीठ, ने पुस्तक-विमर्श कार्यक्रम में व्यक्त किए।
मध्य
प्रदेश लेखक संघ, दमोह के तत्वावधान में मानस भवन, दमोह में आयोजित
‘परिक्रमा : कृपा सार’ पुस्तक-विमर्श कार्यक्रम में नगर के साहित्यकारों,
लेखकों, पत्रकारों एवं प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम
में कृति के विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पक्षों पर
सार्थक विमर्श हुआ। कार्यक्रम के समीक्षक नरेंद्र
दुबे, वरिष्ठ पत्रकार एवं समीक्षक, ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘परिक्रमा :
कृपा सार’ एक अद्वितीय कृति है, जिसमें माँ नर्मदा के परिक्रमावासी
प्रहलाद पटेल जी के अंतःकरण की आवाज सुनाई देती है। उन्होंने कृति में
अभिव्यक्त अनुभवों और भावनाओं के विभिन्न पक्षों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम
का संचालन कर रहे मध्य प्रदेश लेखक संघ, दमोह के अध्यक्ष एवं संयोजक इंजी.
अमर सिंह राजपूत ने कहा कि यह कृति साहित्य, संस्कृति और आध्यात्म की
त्रिवेणी का अद्भुत संगम है, जिसमें विभिन्न विचारधाराओं की परितुष्टियाँ
समान रूप से विद्यमान हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ
सरस्वती, माँ नर्मदा तथा कृति के प्रेरणास्रोत श्री श्री बाबा श्री जी के
स्मरण के साथ किया गया। प्रारंभिक उद्बोधन में जरारू धाम गौ अभयारण्य के
अध्यक्ष श्री नरेंद्र बजाज ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत
करते हुए कहा कि साहित्यकार के रूप में प्रहलाद पटेल के हृदय की संवेदना
को यदि किसी को देखना है, तो वह जरारू धाम स्थित गौ अभयारण्य में आकर उसे
साकार रूप में देख सकता है। कार्यक्रम
के जिज्ञासा-समाधान सत्र में उपस्थित श्रोताओं को कृति से संबंधित अपनी
जिज्ञासाएँ एवं प्रश्न रखने का अवसर दिया गया। साहित्य, संस्कृति और आस्था
से जुड़े अनेक प्रश्न प्रबुद्धजनों द्वारा रखे गए, जिनका उत्तर देते हुए
कृतिकार प्रहलाद पटेल
ने कहा कि माँ नर्मदा की असीम कृपा से परिक्रमा के दौरान उन्होंने जो अनुभव
किया, उसे ‘परिक्रमा : कृपा सार’ के रूप में शब्दबद्ध करने का प्रयास किया
है। उन्होंने कहा कि पाठकों एवं साहित्य प्रेमियों का स्नेह तथा कृति पर व्यक्त किए गए विचार उन्हें आगे भी लेखन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
इस अवसर पर नगर की अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से प्रहलाद पटेल का साहित्यकार के रूप में सम्मान किया गया। विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने एक बड़ी पुष्पमाला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। सम्मान
करने वालों में मध्य प्रदेश लेखक संघ की ओर से इंजी. अमर सिंह राजपूत,
अध्यक्ष एवं ओजेंद्र तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष; रमेश तिवारी, अध्यक्ष,
हिंदी साहित्य सम्मेलन, दमोह; विमल तिवारी, अध्यक्ष, तुलसी साहित्य अकादमी;
डॉ. गणेश राय, अध्यक्ष, संस्कार भारती;अध्यक्ष, शब्द अक्षर; किरण
गोस्वामी, अध्यक्ष, भारत विकास परिषद; नन्हे सिंह जी लोधी, अध्यक्ष, हिंदी
साहित्य भारती; डॉ. प्रेमलता नीलम, जिला संयोजक, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति;
तथा आशीष तंतुवाय, अध्यक्ष, राष्ट्रीय कवि संगठन प्रमुख रूप से उपस्थित
रहे। कार्यक्रम में नगर
के साहित्यकारों, लेखकों, पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय
उपस्थिति रही। कार्यक्रम का प्रारंभिक संचालन संस्था के सचिव बी. एम. दुबे
एवं इंजी. अमर सिंह राजपूत ने किया। अंत में संस्था के सचिव पी. एस. परिहार
ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्यमंत्री लखन पटेल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की दमोह बायपास एवं एनएच 34 निर्माण पर चर्चा.. दमोह। प्रदेश के आनंद विभाग के राज्यमंत्री ;स्वतंत्र प्रभारद्ध लखन पटेल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान जिले से जुड़े सड़क एवं विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।राज्यमंत्री श्री पटेल ने हीरापुर से दमोह तक स्वीकृत एनएच 34 के निर्माण तथा दमोह बायपास के संबंध में केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से चर्चा की। साथ ही पथरिया विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों से जुड़े विषयों पर भी संवाद हुआ।श्री पटेल ने कहा कि श्री गडकरी का विकास के प्रति स्पष्ट विजन और नई सोच के साथ कार्य करने की शैली सदैव प्रेरणादायी है। उन्होंने जिले के विकास से जुड़े विषयों पर मिले सकारात्मक आश्वासन के लिए केंद्रीय मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।




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