दशहरा की खुशियां मातम में बदली.. मां ने तीन बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगाई.. गरीबी तंगहाली या घरेलू कलह..

घरेलू कलह के चलते महिला ने उठाया खौफनाक कदम 

 दमोह। दशहरा के दिन एक महिला के द्वारा खतरनाक आत्मघाती कदम उठाए जाने का दुखद दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया है। अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगाने वाली महिला तथा उसके दो बच्चों को नहीं बचाया जा सका जबकि देव योग से एक बेटी सुरक्षित बच गई। गरीबी तंगहाली या घरेलू कलह के चलते महिला ने यह कदम उठाया या फिर कोई वजह रही इसका पता पुलिस जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद हे..


मंगलवार सुबह इस दिल दहला देने वाले घटनाक्रम की खबर जिसने भी सुनी वह दुखी होता नजर आया।  मामला दमोह के जिले के पथरिया थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जहां मंजू आदिवासी नाम की महिला ने खुद के साथ अपने मासूम बच्चों को भी मौत के हवाले करने में संकोच नहीं किया। मंगलवार सुबह करीब 4:00 बजे अपने घर से तीनों बच्चों को लेकर निकली मां ने पहले बच्चों को कुएं में फेंका फिर खुद भी कुएं में छलांग लगा दी।

बाद में कुएं से बच्चे की रोने की आवाज आने पर ग्रामीणों ने जाकर कुएं में झांका तो उनके होश उड़ गए। बाद में बमुश्किल मां बच्चों को कुएं से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी, डॉक्टर के द्वारा मंज़ू तथा दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया जबकि 5 साल की आयुषी पूरी तरह से सुरक्षित बच गई।

बताया जा रहा है कि तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सांगा ग्राम निवासी मंजू का विवाह करीब सात साल पहले पथरिया क्षेत्र निवासी नेतराम गौड से हुआ था।  घटना की  जानकारी लगने पर पथरिया पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने प्रताड़ना से परेशान होकर उक्त आत्मघाती कदम उठाने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पथरिया थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मायके वालों के बयानों के आधार पर जांच कार्यवाही शुरू कर दी है।

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