गुस्साए किसानों का कृषि उपज मंडी गेट बंद प्रदर्शन..
दमोह
कृषि उपज मंडी में शनिवार को व्यापारियों द्वारा अचानक बीच में डाक नीलामी
बंद करने पर किसानों द्वारा तालाबंदी और चक्का जाम किए गया जाने के बाद
किसान संगठनो प्रतिनिधिमंडल मे सदस्य जिला विकास सलाहकार समित
एड. हरिश्चंद्र पटेल भारतीय किसान संघ की संभागीय मंत्री हेमंत पटेल
राजकुमार राय बमनपुरा अजय असाटी राजापटना सुरेश पटेल व अन्य किसान भाइयों
के साथ सचिव कृषि उपज मंडी समिति से मिला और एक पत्र सौंपा। पत्र में
व्यापारियों अवैधानिक रूप से अकारण से किसानो की आनाज की लगी डेरी की डाक
बद कर दी जिस पर किसान किसान आकर्षित हो गया और किस ने लगातार अपनी बात
मंडी प्रशासन के समक्ष रखी।जब किसी ने किसानों की बात नहीं सुनी तब जाकर
किसानों ने रोड जमकर मंडी के मुख्य गेट बद कर आपनी मांग रखी (1) किसानो की
मांग है कि हमें गांव से मंडी तक माल (अनाज) लाने में ट्रैक्टर से Rs 2000 का
खर्च होता है साथ ही अब डाक ना होने के कारण हम लोगों को अपना अनाज वापस
गांव ले जाना पड़ेगा इसका 2000 खर्च होगा इस प्रकार आज जिन किसानों की डाक
नीलामी नहीं हुई है और उनको घर वापस अनाज लेकर जाना पड़ रहा है उन सभी
किसानों को Rs 4000 प्रति किसान के हिसाब से मुआवजा व्यापारियों से या मंडी
बोर्ड से दिलवाया जाए। (2) जिन व्यापारियों ने बिना किसी सूचना के बीच में
ही कार्य (डाक नीलामी) बद कि है तो निश्चित रूप से इन्होंने नियमों का
उल्लंघन करते हुए अपनी मनमानी साबित करने के लिए यह कार्य किया है तो इन
सभी व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं । इन दो
मांगों को लेकर किसान संगठनों के पदाधिकारीयो ने एसडीम महोदय दमोह व कृषि
उपज मंडी सचिव दमोह के समक्ष अपना पत्र सौंप कर अपनी बात रखी साथी निवेदन
किया है कि जब तक मंडी की व्यवस्था सुचारू रूप से ठीक नहीं हो जाती तब तक
मंडी का संचालन न किया जाए।
उपरोक्त हालत को लेकर किसानों का
कहना था कि व्यापारी पहले ढेरी तय कर लेते हैं और बाद में खरीद से मना कर
देते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है। जिस पर एसडीएम सौरभ
गंधर्व, तहसीलदार रॉबिन जैन, मंडी सचिव घनश्याम मुड़ा, चौकी प्रभारी विक्रम
दांगी आदि ने किसानों से चर्चा की और व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
साथ ही व्यापारी पक्ष से भी इस संदर्भ में चर्चा की गई। इस मामले में
व्यापारियों और रामेश्वर चौधरी द्वारा मंडी सचिव को पत्र भी सौंपा गया है।
इसके बाद भी व्यापारियों द्वारा डांक शुरू नहीं करने पर किसानों को परेशानी
उठाना पड़ी। इधर इस मामले में व्यापारियों ने भी ज्ञापन देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। दाल मिल ओनर्स
वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज और उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल के
नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल सचिव कृषि उपज मंडी
समिति से मिला और एक पत्र सौंपा। पत्र में व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी
प्रांगण में डांक न करने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि
रामेश्वर चौधरी द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। जब तक इस विवाद पर उचित
कार्रवाई नहीं होती, तब तक डांक प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी।



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