कलेक्टोरेट में बिना हेलमेट नो एंट्री, अन्य कार्यालयों में भी हेलमेट जरूरी.. इधर सार्थक ऐप पर नो एंट्री वाले 73 अधि- कर्म का वेतन अटका..

कलेक्टोरेट में परिसर में अब बिना हैलमेट नो एंट्री 

दमोह। सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यालयों में दोपहिया वाहन से आने वाले सभी अधिकारी. कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने की पहल शुरू की है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उच्चतम न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया था।

कलेक्टर श्री यादव ने कहा इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सहित शासकीय कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुलिस प्रशासन द्वारा हेलमेट जांच की गई। जिन अधिकारियों ने हेलमेट नहीं पहना थाए उन्हें समझाइश देकर अगली बार अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनकर आने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा आगामी दो. तीन दिनों तक जागरूकता और जांच अभियान चलाकर शासकीय अधिकारियो और कर्मचारियो में हेलमेट पहनने की आदत विकसित की जाएगी। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर निर्धारित जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होने कहा किसी भी सुधार की शुरुआत स्वयं से करने पर उसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ता है। जब शासकीय अधिकारी और कर्मचारी स्वयं हेलमेट पहनकर कार्यालय आएंगेए तो आमजन भी प्रेरित होंगे। प्रशासन का लक्ष्य जिले में शत प्रतिशत दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित कर सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि को कम करना है।

सार्थक ऐप पर नो एंट्री वाले 73 अधि कर्म का वेतन अटका.. दमोह। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉण् राकेश राय ने बताया कि सार्थक ऐप पर  उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 73 अधिकारी एवं कर्मचारियों जिनमें चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एएनएम एवं एमपीडब्ल्यू शामिल हैं का माह जुलाई 2026 का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन समय पर कार्यालय एवं स्वास्थ्य संस्था पहुंचकर सार्थक ऐप पर नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करें। समय पालन एवं अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाता रहेगा।

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