नहीं रहे हर दिल अजीज CEO मनीष बागरी
दमोह।
जिले के तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर
पदस्थ होने के बाद कम समय में अपनी कार्य प्रणाली के चलते बड़ी लोकप्रियता
हासिल करने वाले युवा सीईओ मनीष बागरी अब इस नश्वर संसार में नही रहे। श्री बागरी को वर्क लोड बनाम कार्य तनाव में सायलेंट अटैक आने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार
को सोशल मीडिया पर जिसने भी यह दुखद सूचना देखी वह भरोसा नहीं कर सका और
तत्काल तेंदूखेड़ा में अपने परिचितों को मोबाइल लगाकर मामले की पुष्टि करने
में जुट गया। लेकिन जब निधन की खबर सही निकली तो आश्चर्यचकित होकर त्यागी
कहता नजर आया कल ही तो उनसे बात हुई थी। जानकारी लगने पर बुधवार दोपहर स्थानीय विधायक और मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी तेंदूखेड़ा पहुंचे और उन्होंने शोक संवेदना जताते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
जानकारी के
अनुसार मंगलवार शाम जनसुनवाई के बाद वह अपने सरकारी आवास में रुक गये जहां
उन्होंने रात बिताई। बुधवार सुबह करीब 10:20 बजे कार्यालय का चपरासी
रोज़ाना की तरह चाय देने सीईओ मनीष बागरी के कक्ष के बाहर पहुंचा। कई बार
आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद चपरासी
अंदर पहुंचा और उन्हें जगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई।
घबराकर उसने पास के कमरे में मौजूद मनरेगा अधिकारी राहुल गांगरा को सूचना
दी। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्काल मनीष बागरी को
तेंदूखेड़ा शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां सुबह करीब 11 बजे ड्यूटी डॉक्टर
ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मनीष
बागरी का तेंदूखेड़ा से विशेष जुड़ाव रहा। उन्होंने वर्ष 2016 में पहली
बार जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के सीईओ का पदभार संभाला था। वर्ष 2019 में
उनका स्थानांतरण हो गया, लेकिन करीब चार वर्षों तक अलग-अलग जिलों में
सेवाएं देने के बाद वर्ष 2023 में एक बार फिर उनकी तेंदूखेड़ा में वापसी
हुई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था
और आम लोगों की समस्याओं के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी
कार्यशैली और मिलनसार स्वभाव के कारण अधिकारी, कर्मचारी, मीडियाकर्मी और आमजन सभी उनसे
आत्मीयता रखते थे। उनके अचानक हुए इस निधन से जनपद पंचायत कार्यालय में
मातम का माहौल है। फिलहाल निधन के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका
है। आवश्यक प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने
के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। विनम्र श्रद्धांजलि


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