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रेत गाड़ी पकड़ने पर सीएम हेल्पलाइन में SDOP की शिकायत.. पुलिस को मंथली एंट्री शुल्क के बाद भी हाईवा थाने में खड़ा कराने पर.. बगावती तेबर क्या गुल खिलाएगे..

रेत गाड़ी पकड़ने पर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत

दमोह।  दमोह जिले में लंबे समय से विभिन्न नदी घाटों पर रेत खनन के ठेके नहीं होने से रेट कारोबारी दूसरे जिलों से रेत का परिवहन करने को मजबूर है। वही बाहर से आने वाली रेत का रेट अधिक होने के साथ पुलिस की मंथली एंट्री तथा इसके अलावा भी ओवर लोड के नाम पर वसूली से रेत कारोबारी जमकर त्रस्त नजर आ रहे हैं।
ऐसे ही कुछ हालातो के चलते एक रेत ट्रांसपोर्टर के द्वारा पुलिस के एसडीओ की मनमानी कार्यवाही को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करके न्याय की गुहार लगाई गई। रविवार को दमोह निवासी रेत कारोबारी सुनील कुमार जैन के द्वारा सीएम हेल्प लाइन 181 पर दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि उसके रेत के ट्रक मंडला से दमोह निर्धारित 24 घन मीटर रेत लोड करके आते हैं। जिसकी उनके द्वारा बाकायदा रॉयल्टी भी चुकाई जाती है। लेकिन रास्ते में पढ़ने वाले थाना पुलिस द्वारा चार से 5000 मंथली एंट्री शुल्क लिया जाता है। जिसमें एसडीओपी का शेयर भी शामिल रहता था। फिर भी एसडीओपी द्वारा रेत से लोड गाड़ियों को रोक कर अलग से मंथली एंट्री शुल्क के लिए दबाव बनाया जाता रहा है।
सुनील जैन का कहना है कि रविवार को मंडला से 24 घन मीटर रेत लेकर दमोह आ रहे उनके ट्रक क्रमांक
क्रमांक एमपी 34 जेड एफ 6660 को तेंदूखेड़ा एसडीओपी मैडम के द्वारा नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत रोककर नोहटा थाने में खड़ा करा लिया गया। बाद में उन्हें मोबाइल करके नोहटा थाने आकर मैडम से बात करने को कहा गया। जिस पर उनके द्वारा बताया गया कि नोहटा थाने को जो मंथली एंट्री शुल्क दिया जाता है उसमें मैडम का भी शेयर होने की बात पहले से तय थी। उनको और भी जगह एंट्री देना पड़ती है अतः अलग से वह कुछ नहीं कर सकते। आरोप है कि उसके बाद मैडम ने रेत से भरे ट्रक पकड़े जाने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी और बाद में कलेक्टर के निर्देश पर खनिज अधिकारी भी नोहटा थाने पहुंचे। जहां जांच के दौरान रेत का वजन निर्धारित 24 टन निकलने के बावजूद ओवर लोड के नाम पर कैस बनाकर ट्रक को जप्त कर लिया गया।
इसके बाद उनके द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई, शिकायत में अपनी व्यथा कथा बताते हुए रेत की निर्धारित रॉयल्टी होने के बाद भी एसडीओपी अर्चना अहीर द्वारा जबरन परेशान करने और उनकी गाड़ी खड़ी करा ली गई। उपरोक्त शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की गुहार लगाई गई है। जबकि पुलिस के द्वारा उपरोक्त कार्यवाही को लेकर एक विज्ञप्ति भी जारी की गई है जिस में कार्यवाही करने वाले अधिकारियों के नाम भी नजर नहीं आ रहे। जो इस मामले में कुछ ना कुछ गोलमाल की ओर इशारा करते हैं। क्योंकि पुलिस की कोई भी विज्ञप्ति सराहनीय कार्य करने वालों के बिना बहुत ही कम देखने को मिलती है..

 इधर सोमवार को पीड़ित शिकायत दर्ज करने एसपी ऑफिस भी पहुंचा था लेकिन साहब से मुलाकात नहीं हो सकी। कुल मिला कर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज इस शिकायत ने रेत कारोबारीयो से विभिन्न थाना पुलिस द्वारा एंट्री के नाम पर की जाने वाली मंथली वसूली के हालात की पोल खोल कर रख दी है। इस पूरे मामले को लेकर एसडीओपी अर्चना अहीर से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो पाने से फिलहाल उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है..
उल्लेखनीय की दमोह जिले के रेत कारोबारी पूरी तरह से बाहरी रेत पर निर्भर होकर रह गए हैं। पूर्व में कटनी महानदी तथा गाडरवारा से रेत का कारोबार चलता था वही इस समय मंडला से रेत परिवहन करके दमोह पहुंचाया जाता है जिसकी वकायदा 24 घन मीटर की रॉयल्टी लेकर भी रेत कारोबारी चलते हैं। ऊपर से विभिन्न थाना पुलिस को मंथली एंट्री देते हैं उसके बाद एसडीओपी को अलग से एंट्री शुल्क नहीं देने पर गाड़ी खड़ी करा कर परेशान किया जा रहा है.. जिससे उनका आर्थिक तथा मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिसे लेकर जल्द ही वेद कारोबारी द्वारा कलेक्टर एसपी से मुलाकात करके अपना पक्ष रखे जाने की बात भी कहीं जा रही है..

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