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मप्र जीआरपी के दिवंगत एएसआई महेश कोरी के परिवार को.. पुलिस सैलरी पैकेज योजना तहत मिली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि.. जिला अस्पताल में पहली बार हुआ नेत्रदान

रेलवे पुलिस के प्रयासों से मिला आर्थिक संबल

दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह में रेलवे पुलिस में पदस्थ रहे दिवंगत एएसआई महेश कोरी के परिवार को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान करते हुए एक करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया। यह सहायता पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत दी गई है। लंबे समय से चल रही प्रशासनिक प्रक्रिया और वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष प्रयासों के बाद यह सहायता राशि स्वीकृत हुई जिससे दिवंगत अधिकारी के परिवार को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिला है।
जानकारी के अनुसार रेलवे पुलिस उप महानिरीक्षक सिमाला प्रसाद के निर्देशन में इस मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही थी। संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया पूर्ण कराने बैंकिंग औपचारिकताओं को पूरा करने और योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर विशेष प्रयास किए गए। अंततः गुरुवार 09 अप्रैल को दमोह रेलवे स्टेशन परिसर स्थित जीआरपी सहायता केंद्र में स्वर्गीय एएसआई महेश कोरी की पत्नी अन्नपूर्णा तंतुवाय को एक करोड़ रुपये का चेक प्रदान किया गया।

गौरतलब है कि एएसआई महेश कोरी की 31 अगस्त 2025 को ड्यूटी के दौरान सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद जीआरपी थाना प्रभारी एचण्एलण् चौधरी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को संपूर्ण घटनाक्रम से अवगत कराया था। साथ ही परिजनों को त्वरित राहत दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई थी। विभाग द्वारा प्रारंभिक सहायता उपलब्ध कराई गई और बाद में पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत बड़ी सहायता राशि स्वीकृत कराने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्यक्रम के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। दिवंगत एएसआई महेश कोरी की पत्नी अन्नपूर्णा तंतुवाय ने सहायता राशि मिलने पर विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से परिवार को आर्थिक संबल मिलेगा और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। उनके साथ उनके पुत्र साहिल कोरी और पुत्री मुस्कान भी मौजूद रहे।इस अवसर पर जीआरपी सूबेदार रविंद्र कुमार सिंह एएसआई शेख जुम्मन प्रधान आरक्षक लल्लू पांडे आरक्षक धीरज यादव सहित जीआरपी सहायता केंद्र का स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों ने दिवंगत एएसआई महेश कोरी के कर्तव्यनिष्ठ कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

रेलवे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस सैलरी पैकेज योजना का उद्देश्य ड्यूटी के दौरान या सेवा में रहते हुए दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना हैए ताकि विपरीत परिस्थितियों में परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य के तहत दिवंगत एएसआई महेश कोरी के परिवार को यह सहायता राशि प्रदान की गई है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि स्वर्गीय महेश कोरी ने सेवा काल में निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उनकी आकस्मिक मृत्यु से विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। ऐसे में विभाग का दायित्व है कि उनके परिवार को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए।एक करोड़ रुपये की इस सहायता राशि से परिवार को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि बच्चों की शिक्षाए पारिवारिक आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर भी इस सहायता को सराहनीय कदम माना जा रहा है और पुलिस विभाग की संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है। 

दमोह जिला अस्पताल में पहली बार हुआ नेत्रदान
दमोह
जिला चिकित्सालय दमोह में पहली बार नेत्रदान संपन्न हुआ। मृतक कामता प्रसाद पिता मुरारी प्रसाद, उम्र 45 साल, मड़िया (पटेरा) निवासी के भाई मनोज दाहिया एवं पत्नि की इच्छानुसार मृतक के नेत्र दान की सहमति जताई, नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश राय, आईसीयू टीम एवं बीएमसी सागर नेत्र विभाग की टीम के संयुक्त प्रयास से नेत्र दान की प्रक्रिया को संपन्न कराया गया। मृत्यु के 4 घंटे के अंदर नेत्र दान किया जाता है, अतः उक्त संयुक्त टीम के सफल प्रयास से निर्धारित समयावधि में नेत्र दान संपन्न किया गया।

कलेक्टर सुधीर कोचर, सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या ,सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल, डॉ. दिवाकर पटेल का विशेष मार्गदर्शन रहा। संयुक्त टीम में सागर से डॉ. पूर्वा एवं बीएमसी टीम तथा दमोह से डॉ. राकेश राय, शैलेश अहिरवाल एवं दीप्ति जोशी की मौजूदगी रही। डॉ. राजेश अठ्या ने कहा कि जीते जी रक्त दान एवं मृत्यु बाद नेत्रदान ही सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने जनता से अपील की है कि मृत्यु के तुरंत बाद परिजन जिला चिकित्सालय में सूचित करें जिससे कि नेत्र दान की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में संपन्न की जा सके।

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