अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का CM के नाम ज्ञापन
दमोह। बुधवार को दमोह कलेक्टर परिसर के सामने अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के द्वारा विशाल जन समुदाय के साथ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ADM श्रीमति मीना मसराम को सौपा गया।
जिसमे मुख्य रूप से महत्वपूर्ण दो बिंदुओं को शामिल किया गया। जिसमें
शिक्षकों की टीईटी परीक्षा के संबंध में मध्यप्रदेश सरकार भी अध्यापक
शिक्षक संवर्ग के पक्ष में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका
दायर करें।और अध्यापक शिक्षक संवर्ग की पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाशों के
नगदी करण में भी उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करके लाभ
दिया जावे। ज्ञापन में सभी मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त संघों
के जिला अध्यक्ष व पदाधिकारी की विशेष उपस्थिति रही।
जिला शिक्षा अधिकारी के मनमाने आदेश
दमोह। म.प्र.अधिकारी/कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक राकेश सिंह हजारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर म.प्र.शासन् के आदेशों को मनमाने तरीके से जारी किये जाने का आरोप लगाया है, जिसमें कलेक्टर दमोह द्वारा अपने अर्द्धशासकीय पत्र क्रं./3137 दिनांक 02-03-2026 के द्वारा संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल को पत्र भेजकर जिला शिक्षा केन्द्र दमोह अन्तर्गत रिक्त बी.ए.सी.-29 पद जनशिक्षक 62 पद कुल 91 पद प्रतिनियुक्ति के पदस्थ है, उक्त पदों की नियुक्ति के संबंध में मार्ग दर्शन चाहा गया था, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र.भोपाल के पत्र क्रं./139 दिनांक 26-03-2026 के द्वारा समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत विभिन्न पदों पर कार्यरत लोक सेवकों के संबंध में जैसे- डी.पी.सी./ ए.पी.सी./बी.ए.सी. आदि पदों पर लोक सेवक कार्यरत है, ऐसे सेवकों को पदस्थ शाला में उनकी कार्य मुक्ति से रिक्त हुये पदों पर अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना किया जाना सुनिश्चित करें एवं वेतन आहरण भी समग्र शिक्षा से ही आहरित कराया जाना सुनिश्चित किया जावें, इस संबध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों से प्रतिवेदन चाहा गया है, किन्तु जिला शिक्षा अधिकारी दमोह द्वारा संचालक के पत्र को तोड़ मरोड़ कर अपने मनमाने तरीके से अपने पत्र क्रं./2712 दिनांक 31-3-2026 के द्वारा सभी विकास शिक्षा अधिकारीयों को पत्र लिख गया कि समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत कार्यरत डी.पी.सी./ए.पी.सी./बी.ए.सी./का वेतन आहरण भी समग्र शिक्षा से ही आहरित किया जाना सुनिश्चित करें, किसी भी स्थिति में संबंधितों की मूल पदस्थ संस्था से वेतन आहरित ना किया जावें जो लोक सेवक शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त उक्त पदों पर कार्य कर रहे है उन्हें तत्काल उनकी मूल पदस्थ संस्था हेतु कार्यमुक्त करें,इसी के परिपालन में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी दमोह के पत्र क्रं./04 दिनांक 04-04-2026 के द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र दमोह को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में संबंधितों की मूल संस्था से वेतन आहरित होने हेतु रोक लगाई गई है, अतः ऐसे लोक सेवकों समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत अतिरिक्त प्रभार या प्रभारी बी.ए.सी./सी.ए.सीत्र. के रूप में कार्य कर रहे है, उनकी वेतन पदस्थ मूल संस्था से आहरित हो रही है, तत्काल मूल पदस्थ संस्था हेतु कार्य मुक्त करना सुनिश्चित करें इस प्रकार अपने वरिष्ठ अधिकारीयों को निर्देशित किया जाना शासकीय पदीय कर्त्तव्य के विपरीत कृत्य किया गया है । इस संबंध में भी कलेक्टर दमोह को सारे प्रकरणों का उल्लेख करते हुये ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है।
अधिकारी करा रहें अपने निवास पर कार्य का आरोप- राकेश सिंह हजारी.. दमोह। म.प्र.शासकीय लिपिकीय कर्मचारी संघ के प्रान्तीय संरक्षक राकेश सिंह हजारी द्वारा दमोह के कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के कार्यालयीन आदेश क्र./565 दिनांक 07-04- 2026 के द्वारा 09 कर्मचारियों की शासकीय निवास पर ड्यूटी लगाई गई है जो म.प्र.सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत गंभीर कदाचार और अनैतिक की श्रेणी में आता है, जो शासकीय पद और कर्मचारियों का उपयोग निजी स्वार्थ या व्यक्तिगत कार्यो के लिये करना नियमों के विपरीत है, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का प्रावधान है साथ ही ऐसा कार्य कराने पर वरिष्ठ अधिकारियों, सामान्य प्रशासन् विभाग या म.प्र. लोकायुक्त में शिकायत करने का प्रावधान है साथ ही स्थाई कर्मी का कर्त्तव्य केवल उसे आवंटित शासकीय कार्यो को पूरा करना है, ना कि उच्चाधिकारियों के निजी काम करना, जो मानव अधिकारो का हनन की परिधि में आता है, अतएव म.प्र.शासन् से आपेक्षा की गई है कि शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जावें ताकि भविष्य में किसी अधिकारी द्वारा ऐसे स्वार्थ आदेश जारी ना करने की चेष्टा कर सकें।
दमोह। म.प्र.अधिकारी/कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक राकेश सिंह हजारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी पर म.प्र.शासन् के आदेशों को मनमाने तरीके से जारी किये जाने का आरोप लगाया है, जिसमें कलेक्टर दमोह द्वारा अपने अर्द्धशासकीय पत्र क्रं./3137 दिनांक 02-03-2026 के द्वारा संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल को पत्र भेजकर जिला शिक्षा केन्द्र दमोह अन्तर्गत रिक्त बी.ए.सी.-29 पद जनशिक्षक 62 पद कुल 91 पद प्रतिनियुक्ति के पदस्थ है, उक्त पदों की नियुक्ति के संबंध में मार्ग दर्शन चाहा गया था, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र.भोपाल के पत्र क्रं./139 दिनांक 26-03-2026 के द्वारा समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत विभिन्न पदों पर कार्यरत लोक सेवकों के संबंध में जैसे- डी.पी.सी./ ए.पी.सी./बी.ए.सी. आदि पदों पर लोक सेवक कार्यरत है, ऐसे सेवकों को पदस्थ शाला में उनकी कार्य मुक्ति से रिक्त हुये पदों पर अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना किया जाना सुनिश्चित करें एवं वेतन आहरण भी समग्र शिक्षा से ही आहरित कराया जाना सुनिश्चित किया जावें, इस संबध में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारीयों से प्रतिवेदन चाहा गया है, किन्तु जिला शिक्षा अधिकारी दमोह द्वारा संचालक के पत्र को तोड़ मरोड़ कर अपने मनमाने तरीके से अपने पत्र क्रं./2712 दिनांक 31-3-2026 के द्वारा सभी विकास शिक्षा अधिकारीयों को पत्र लिख गया कि समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत कार्यरत डी.पी.सी./ए.पी.सी./बी.ए.सी./का वेतन आहरण भी समग्र शिक्षा से ही आहरित किया जाना सुनिश्चित करें, किसी भी स्थिति में संबंधितों की मूल पदस्थ संस्था से वेतन आहरित ना किया जावें जो लोक सेवक शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त उक्त पदों पर कार्य कर रहे है उन्हें तत्काल उनकी मूल पदस्थ संस्था हेतु कार्यमुक्त करें,इसी के परिपालन में विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी दमोह के पत्र क्रं./04 दिनांक 04-04-2026 के द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र दमोह को निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में संबंधितों की मूल संस्था से वेतन आहरित होने हेतु रोक लगाई गई है, अतः ऐसे लोक सेवकों समग्र शिक्षा अभियान अन्तर्गत अतिरिक्त प्रभार या प्रभारी बी.ए.सी./सी.ए.सीत्र. के रूप में कार्य कर रहे है, उनकी वेतन पदस्थ मूल संस्था से आहरित हो रही है, तत्काल मूल पदस्थ संस्था हेतु कार्य मुक्त करना सुनिश्चित करें इस प्रकार अपने वरिष्ठ अधिकारीयों को निर्देशित किया जाना शासकीय पदीय कर्त्तव्य के विपरीत कृत्य किया गया है । इस संबंध में भी कलेक्टर दमोह को सारे प्रकरणों का उल्लेख करते हुये ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है।
अधिकारी करा रहें अपने निवास पर कार्य का आरोप- राकेश सिंह हजारी.. दमोह। म.प्र.शासकीय लिपिकीय कर्मचारी संघ के प्रान्तीय संरक्षक राकेश सिंह हजारी द्वारा दमोह के कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग के कार्यालयीन आदेश क्र./565 दिनांक 07-04- 2026 के द्वारा 09 कर्मचारियों की शासकीय निवास पर ड्यूटी लगाई गई है जो म.प्र.सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत गंभीर कदाचार और अनैतिक की श्रेणी में आता है, जो शासकीय पद और कर्मचारियों का उपयोग निजी स्वार्थ या व्यक्तिगत कार्यो के लिये करना नियमों के विपरीत है, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जांच एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का प्रावधान है साथ ही ऐसा कार्य कराने पर वरिष्ठ अधिकारियों, सामान्य प्रशासन् विभाग या म.प्र. लोकायुक्त में शिकायत करने का प्रावधान है साथ ही स्थाई कर्मी का कर्त्तव्य केवल उसे आवंटित शासकीय कार्यो को पूरा करना है, ना कि उच्चाधिकारियों के निजी काम करना, जो मानव अधिकारो का हनन की परिधि में आता है, अतएव म.प्र.शासन् से आपेक्षा की गई है कि शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जावें ताकि भविष्य में किसी अधिकारी द्वारा ऐसे स्वार्थ आदेश जारी ना करने की चेष्टा कर सकें।


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