नरसिंहगढ़ के हर्षित चौरसिया बने छात्रों को प्रेरणा स्त्रोत
दमोह । कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के अवसर पर जहां अनेक विद्यार्थी अपने परिणाम को लेकर उत्साहित हैं, वहीं कुछ विद्यार्थी अपेक्षित सफलता न मिलने पर निराश भी हो सकते हैं। ऐसे समय में शा.उ.मा.वि. नरसिंहगढ़ के छात्र हर्षित चौरसिया की संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायक कहानी सभी विद्यार्थियों के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई है।
ग्राम
पंचायत नरसिंहगढ़ के निवासी श्री रज्जू चौरसिया के पुत्र हर्षित चौरसिया
ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
जानकारी के अनुसार, हर्षित का पूर्व में किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है।
उनके पिताजी की एक छोटी सी दुकान है । इन परिस्थितियों के बावजूद हर्षित ने
कभी अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।
शा.उ.मा.वि.
नरसिंहगढ़ का शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां
शिक्षकों द्वारा नियमित मार्गदर्शन, अतिरिक्त कक्षाएं एवं विद्यार्थियों को
प्रेरित करने का निरंतर प्रयास किया जाता है। यही कारण है कि विपरीत
परिस्थितियों में भी हर्षित जैसे छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाते हैं।
विद्यालय परिवार विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संघर्ष से
लड़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। पूरे शैक्षणिक सत्र
2025-26 के दौरान हर्षित ने अदम्य साहस, लगन और निष्ठा के साथ अपनी पढ़ाई
जारी रखी। उन्होंने मासिक, त्रैमासिक एवं छमाही परीक्षाओं में लगातार
उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी सेक्शनों में अव्वल स्थान प्राप्त किया ।
जहां अधिकांश लोग बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों के सामने हार मान लेते हैं,
वहीं हर्षित ने अपने परिश्रम से यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के
आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती ।
विद्यालय
के प्राचार्य शीलचन्द्र जैन एवं परीक्षा प्रभारी संतोष अहिरवार सहित
समस्त शाला परिवार को हर्षित की इस उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने विश्वास
व्यक्त किया कि हर्षित चौरसिया भविष्य में न केवल विद्यालय, बल्कि अपने
ग्राम और क्षेत्र का नाम भी रोशन करेंगे। यह
सफलता की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा है, जो किसी कारणवश इस
बार अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं कर सके हैं। असफलता अंत नहीं, बल्कि एक
नई शुरुआत होती है। यदि हर्षित जैसी कठिन परिस्थितियों बीमारी और आर्थिक
अभाव में भी सफलता की राह बनाई जा सकती है, तो हर विद्यार्थी मेहनत और
आत्मविश्वास के साथ पुनः प्रयास कर सफलता अवश्य प्राप्त कर सकता है।
जबेरा की सुचिता ने हासिल की प्रदेश में 7वीं रैंक..
दमोह। जबेरा क्षेत्र की प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। सांदीपनि विद्यालय की छात्रा सुचिता मिश्रा ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 493 अंक अर्जित किए हैं। इस बेहतरीन स्कोर के साथ उन्होंने पूरे मध्य प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सुचिता की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार सहित पूरे जबेरा क्षेत्र में गौरव और हर्ष का माहौल है।सुचिता के पिता श्री राजेश मिश्रा पेशे से एक कृषक हैं। अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस करते हुए उन्होंने बताया कि सुचिता की पढ़ाई के प्रति शुरू से ही गहरी लगन रही है। वह प्रतिदिन घर पर 5 से 6 घंटे नियमित स्वाध्याय करती थी। सुचिता की यह सफलता उनके कड़े परिश्रम और मेहनत का ही मीठा फल है। अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों और माता-पिता को देते हुए सुचिता ने बताया कि शिक्षकों के सही मार्ग दर्शन के बिना यह मुकाम पाना कठिन था। अपने भविष्य के सपनों के बारे में बात करते हुए सुचिता ने कहा मेरा सपना एक आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है।
दमोह। जबेरा क्षेत्र की प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। सांदीपनि विद्यालय की छात्रा सुचिता मिश्रा ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 493 अंक अर्जित किए हैं। इस बेहतरीन स्कोर के साथ उन्होंने पूरे मध्य प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सुचिता की इस बड़ी उपलब्धि से परिवार सहित पूरे जबेरा क्षेत्र में गौरव और हर्ष का माहौल है।सुचिता के पिता श्री राजेश मिश्रा पेशे से एक कृषक हैं। अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस करते हुए उन्होंने बताया कि सुचिता की पढ़ाई के प्रति शुरू से ही गहरी लगन रही है। वह प्रतिदिन घर पर 5 से 6 घंटे नियमित स्वाध्याय करती थी। सुचिता की यह सफलता उनके कड़े परिश्रम और मेहनत का ही मीठा फल है। अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों और माता-पिता को देते हुए सुचिता ने बताया कि शिक्षकों के सही मार्ग दर्शन के बिना यह मुकाम पाना कठिन था। अपने भविष्य के सपनों के बारे में बात करते हुए सुचिता ने कहा मेरा सपना एक आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का है।
छात्रा की इस ऐतिहासिक
उपलब्धि पर सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य संजय बाजपेई ने सुचिता को मिठाई
खिलाकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सुचिता आज अन्य
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है। इस अवसर पर उप-प्राचार्य
अजय सिंघई सहित समस्त स्कूल स्टाफ ने छात्रा को बधाई दी।
30 अप्रैल तक स्कूलों का समय बदला.. दमोह।
ग्रीष्म ऋतु के तापमान में वृद्धि होने के कारण विद्यार्थियों के
स्वास्थ्य के प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर प्रताप नारायण
यादव ने शाला संचालन समय परिवर्तन के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये
हैं। उन्होंने समस्त शासकीय अशासकीय केन्द्रीय विद्यालय नवोदय विद्यालय
सीबीएसई शैक्षणिक संस्थाओं में कक्षा 1 से 08 तक के विद्यार्थियों का 30
अप्रैल 2026 तक के लिये शाला समय में परिवर्तन कर प्रात 7 30 से दोपहर 12
30 बजे तक किया है।
उन्होंने कहा है दो पालियों में संचालित होने वाले विद्यालयों का समय यथावत रहेगा परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय.सारणी अनुसार रहेगा मूल्यांकन का कार्य अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही संपादित होगा। यह आदेश 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
उन्होंने कहा है दो पालियों में संचालित होने वाले विद्यालयों का समय यथावत रहेगा परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय.सारणी अनुसार रहेगा मूल्यांकन का कार्य अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही संपादित होगा। यह आदेश 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।




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