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कांग्रेस ने SIR में गड़बड़ी के आरोप लगाए.. बदले की भावना से समुदाय विशेष के कांटे जा रहे नाम- मानक पटेल.. कलेक्टर ने कहा आपत्तियों के आधार पर नाम काट दिए गए पूर्णतः भ्रामक और तथ्यहीन

एसआईआर में बदले की भावना से कांटे जा रहे नाम 

दमोह। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने केंद्र और प्रदेश की सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुये एक स्थानीय होटल में पत्रकार वार्ता में कहा कि चुनाव आयोग द्वारा घोषित एसआईआर कार्य में मतदाता सूची में जिस प्रकार कार्य चल रहा है, उसमें नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। हालात यह है कि प्रशासन द्वारा भाजपा के नेताओं के इशारे पर बदले की भावना से नाम कांटे जा रहे हैं। वर्तमान में दमोह जिले के ऐसे अनेक मतदान केंद्र हैं जहां पर मतदाताओं के नाम नियमों के विरुद्ध उचित कारण के बिना ही काटे जा रहे हैं, जो व्यक्तिगत और राजनीतिक बदले की भावना को दर्शाती है। हालात यह है कि मतदाताओं द्वारा अपने प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है और भाजपा द्वारा प्रारूप 7 में हजारों फर्जी आपत्त्यि दर्ज कराई गई है । 

जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने  बताया कि दमोह विधानसभा में 2891, हटा में 1308, जबेरा में 1301 और पथरिया में 1501 आपत्तिया दर्ज की गई है, आपत्तिक र्ताओं पर दूरभाष पर चर्चा कही गई तो आपत्तिकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है जबकि अनेक आपत्तिकर्ता जिले या प्रदेश के बाहर के है । यह पूरी प्रक्रिया भाजपा प्रायोजित साजिश है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकार सभी मोर्चे पर विफल नजर आ रही है, और ऐसा कोई भी कार्य नहीं है जिसके आधार  पर सरकार जनहितैषी नजर आए।  आम जनमानस परेशान है, महंगाई चरम पर है, रोजगार के मामले में किसी भी प्रकार की कोई कार्य योजना नजर नहीं आ रही है।  वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में भी आम जनमानस को कोई राहत प्रदान नहीं दी गई। इसके अलावा जिले में अपराधिक गतिविधियां चरम पर हैं किसी भी अपराध के मामले में पुलिस का किसी भी प्रकार का कोई अंकुश नहीं है। पुलिस प्रशासन भी सत्ता के दबाव में है और  पुलिस अधीक्षक मैदानी स्तर पर कहीं पर भी नजर नहीं आते हैं। कार्यालय में आम जनमानस या जन प्रतिनिधियों के मिलने जाने पर भी वह हमेशा ही कार्यालय से नदारत रहते हैं।

भावांतर में भी फर्जीवाड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि किसानों के भावांतर का भुगतान भी नहीं किया गया है। वहीं काफी समय से उड़द की राशि का भी भुगतान लंबित है। सीता नगर परियोजना में 33 गांव के नाम को अलग कर दिया गया था। उन्होंने मांग की कि शासन को तत्काल ही इस मामले में गंभीरता के साथ कार्यवाही करते हुए इन गांवों को इस परियोजना से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य की गतिविधियां भी काफी लचर नजर आ रही हैं।, रात्रि में किसी भी घटनाक्रम के घटित होने पर जिला मुख्यालय की जिला अस्पताल में भी किसी भी प्रकार की कोई सुविधा मरीजों को नहीं मिलती हैं और  ग्रामीण क्षेत्र की हालत तो और भी दयनीय है। श्री पटेल ने कहा कि वार्डो के परिसीमन में शासन द्वारा निर्धारित कमेटी का कहीं पर भी उल्लेख या बैठक आयोजित ना करते हुए नगर पालिका अधिकारी और शहरी विकास अभिकरण के अधिकारी ने मिलकर मनमाने तरीके से वार्डो का परिसीमन कर दिया जो कि नियमों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना को जिस प्रकार से नाम बदलते हुए पूरी कार्य योजना बनाई है वह भी पूर्ण रूपेण पर विफल है। राज्य सरकार पहले से ही 10% की राशि नहीं दे पा रही थी अब 40% की राशि का बोझ कैसे उठा पाएंगे। इस कारण से यह योजना मनमाने तरीके से बंद किए जाने का रास्ता अपनाया जा रहा है।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मानक पटेल ने कहा कि कांग्रेस संगठन द्वारा समय-समय पर आम जनता की समस्याओं एवं केंद्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध किया जाता है और आम जनमानस की लड़ाई के लिए कांग्रेस परिवार हमेशा ही तत्पर रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि मताधिकार छीनने और जनहित योजनाओं से जनता को वंचित करने की भाजपा की हर साजिश का कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक डटकर विरोध करेगी। लोकतंत्र और जनता की लड़ाई कांग्रेस पूरी ताकत से लड़ेगी। इस अवसर पर दमोह कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल, पूर्व विधायक प्रताप सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रतनचंद जैन, मनु मिश्रा, संजय चौरसिया, राव बृजेन्द्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, प्रदीप खटीक, लाल चंद राय, प्रदीप पटेल, परम यादव, तिलक सिंह, प्रफुल्ल श्रीवास्तव , नितिन मिश्रा, पप्पू कसौटिया, हेमराज पार्षद, रफीक खान, जीशान पठान, डालचंद कुशवाहा, श्रीकान्त पटेल, नीलेश यादव, एवं समस्त कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा आपत्तियों के आधार पर नाम काट दिए गए पूर्णतः भ्रामक और तथ्यहीन.. दमोह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर ने मतदाता सूची को लेकर हाल के दिनों में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओ पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिला प्रशासन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है और किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण या मनमानी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज करने के लिए फॉर्म.7 के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति कहीं से भी किसी भी संख्या में आपत्तियाँ प्रस्तुत कर सकता है। इसमें किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपत्ति दर्ज करने का मूल उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

उन्होने कहा कि जब कोई आपत्ति प्राप्त होती है तो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा उस पर अर्द्ध.न्यायिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाती है। सभी पक्षों को सुननेए दस्तावेजों की गहन जाँच और तथ्यों के परीक्षण के पश्चात ही एक स्पीकिंग ऑर्डर ;बोलता हुआ आदेश पारित किया जाता है जिसमें निर्णय के सभी कारण स्पष्ट रूप से दर्ज होते हैं। कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पारित आदेश से असंतुष्ट होता है तो वह कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इसके पश्चात भी असंतोष की स्थिति में भारत निर्वाचन आयोग में अपील का प्रावधान है उन्होने स्पष्ट रूप से कहा कि अब तक ऑफलाइन प्राप्त किसी भी आपत्ति का निराकरण नहीं किया गया है और न ही किसी नाम को आपत्ति के आधार पर हटाया गया है उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खबरें कि आपत्तियों के आधार पर नाम काट दिए गए हैंए पूर्णतः भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
निष्पक्ष पारदर्शी और न्यायपूर्ण कार्यवाही का आश्वासन.. कलेक्टर श्री कोचर ने आम नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा कि किसी को भी परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन निष्पक्षता पारदर्शिता और न्याय के साथ कार्य कर रहा है और आगे भी पूरे जिले में यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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