दमोह।
विगत दिनों 26 जनवरी को जिला न्यायालय दमोह और जिला जेल दमोह को बम से उड़ा
देने की धमकी जिला न्यायालय को धमकी भरे पत्र के जरिए दी गई थी इस पत्र
को गम्भीरता से लेते हुए जिला प्रधान न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने हाईकोर्ट
से पत्राचार किया और हाईकोर्ट की निगरानी में एटीएस और अन्य गोपनीय
एजेंसियों ने इस धमकी भरे पत्र और वास्तिवकता की जांच की साथ ही गणतंत्र
दिवस के राष्ट्रीय पर्व को देखते हुए गोपनीय स्तर पर बम निरोधक दस्ते को
अलर्ट पर रखा गया था।
इसी दौरान दमोह में 24 एव 25
जनवरी को पोर्टफोलियो हाईकोर्ट जज राजेन्द्र कुमार वाणी भी जिला न्यायालय
दमोह के दौरे पर थे जिसके चलते और भी अतिरिक्त सतर्कता और गहमागहमी का
माहौल बना रहा, हालांकि 26 जनवरी निकलते निकलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई न
ही कोई अप्रिय स्थिति निर्मित हुई, चीफ लीगल डिफेंस
कॉउंसिल मनीष नगाइच ने जानकारी सांझा करते हुए बताया के प्रधान न्यायाधीश
सुभाष सोलंकी जी की सतर्कता एवम सावधानी से सभी जांचे एवम कार्यवाहियां
होती रही किंतु न्यायाधीश की गम्भीरता के चलते 26 जनवरी तक इस धमकी के बारे
में किसी सामान्य जन को न बताने के चलते अफवाहों के दौर पर विराम लगा रहा
और कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। यह धमकी भरा पत्र पश्चिम बंगाल
के एक रॉय नामक व्यक्ति द्वारा भेजा गया था जिसने खुद को टीएमसी समर्थक
बताते हुए जिला न्यायालय दमोह एवम जिला जेल को 26 जनवरी पर बम से उड़ा देना
लिखा था।इस तरह की धमकी भरा पत्र प्रदेश के अन्य जिला न्यायालयों को भी
मिले थे।

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