एसपी ने टीआई सहित स्टाफ को किया लाइन अटैच
दमोह।
मनमानी कार्य प्रणाली और लेनदेन के आरोपो को लेकर लंबे समय से चर्चाओं में
रही देहात थाना टीआई तथा उनके चाहते स्टाफ को आखिरकार थाने से हटकर लाइन
अटैच कर दिया गया है। माना जा रहा है कि पिछले दिनों पुलिस अभिरक्षा से
फरार हुए चोरी के आरोपी की आज तक गिरफ्तारी नहीं हो पाने तथा अन्य शिकायती
आरोपी के चलते पुलिस कप्तान द्वारा देहात थाना में पदस्थ पुलिस अधिकारी
कर्मचारियों के प्रभार में यह बड़ा फेर बदल किया गया है..
पुलिस पदस्थापना सूची में सबसे अधिक देहात थाना से.. दमोह
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी के आदेश से 26 फरवरी 2026 को जारी पुलिस विभाग
के 20 कर्मचारियों तबादला सूची में सबसे अधिक देहात थाना में पदस्थ रहे अधिकारी
कर्मचारी शामिल है। जिसमें देहात थाना की कार्यवाहक निरीक्षक रचना मिश्रा
को लाइन भेज दिया गया है इधर खाना प्रभारी रहे कार्यवाहक निरीक्षक अमित
गौतम को खाने का प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक विक्रम सिंह दांगी को
देहात खाने से सागर नाका चौकी का प्रभारी तथा उप निरीक्षक रोहित द्विवेदी
को सागर नाका चौकी से देहात थाने भेजा गया है। जबलपुर नाका चौकी प्रभारी
रही प्रसीता कुर्मी को लाइन भेजते हुए लाइन से उप निरीक्षक प्रियंका पटेल
जबलपुर नाका चौकी का प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक प्रियंका शर्मा को
लाइन से प्रभारी कंट्रोल रूम तथा उप निरीक्षक गरिमा मिश्रा को भी लाइन भेजा
गया है।
कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक रमाशंकर मिश्रा को लाइन से चौकी
प्रभारी इमलिया बनाया गया है वही इमलिया चौकी प्रभारी रहे अक्षयेंद्रनाथ को
जबलपुर नाका चौकी में पदस्थित किया गया है। कार्यवाहक उप निरीक्षक
राजेंद्र दुबे को पथरिया थाने से आरक्षित केंद्र तथा गोदान सिंह कर्मी को
गैसावाद थाने से यातायात थाना भेजा गया है। इसी तरह
देहात थाने में पदस्थ रहे कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आलोक भारद्वाज, भानु
उपाध्याय एवं नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महिला प्रधान आरक्षक रीता
मिश्रा को रक्षित केंद्र भेजा गया है जबकि महिला आरक्षक चांदनी अहिरवार को
थाना हिंडोरिया से नगर पुलिस से अधीक्षक कार्यालय में पढ़ती किया गया है।
आरक्षक घनश्याम सेन को सादपुर से नोहटा, शुभम चौबे को खाना देहात से रक्षित
केंद्र प्रियेश पाठक को थाना पथरिया से नोहटा और मनीष कर्मी को थाना गैसा
बाद से सागर नाका चौकी भेजा गया है।
क्या लाइ्रन अटैच होने की बजह बना फरार आरोपी.. देहात
थाना पुलिस की अभिरक्षा से एडवोकेट श्री गर्ग के चोरी प्रकरण में गिरफ्तार किए गए आरोपी संतोष काछी 22 फरवरी 2026 को पुलिस अभिरक्षा से संदिग्ध हालात में भागने में सफल रहा था। दरअसल उम्र दराज संतोष के एक पैर में पहले से छड़ डली हुई थी इसके बाद भी उसके फरार हो जाने की खबर पर लोग आश्चर्य जताते नजर आए थे। जबकि चोरी के इसी मामले में पूर्व में पकड़ा गया संतोष का बेटा जयराम काछी पहले से
जेल में है। जयराम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा चोरी हुए सोने चांदी के गहनों तथा की राशि की पूरी जब्ती किए बिना ही उसे जेल भेज दिए जाने पर पीड़ित फरियादी श्री गर्ग एडवोकेट ने टीआई रचना मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी शिकायते एसपी से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों से करते मामले में हाईकोर्ट में परिवाद पेश करने की बात भी कहीं थीं।
रत्नेश जैन सुसाइड केस में भी देहात थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली चर्चाओं में रही थी.. सागर नाका क्षेत्र स्थित अविनाश कॉलोनी निवासी रत्नेश पिता शिखरचंद जैन के
सुसाइड केस में भी देहात थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली चर्चाओं में रही थी। इस
मामले में एफआईआर के लिए पीड़ित पक्ष को जहा महीनो तक पुलिस के
वरिष्ठ अधिकारियों के चक्कर लगाना पड़े थे वही मामला माननीय न्यायालय के
संज्ञान में भी लाना पड़ा था। बाद में काफी देरी से पुलिस के द्वारा मृतक की हेड राईटिंग की जांच कराने के लिए कार्यवाही की गई थी जिससे क्यू डी शाखा भोपाल से परीक्षण
रिपोर्ट आते आते मामले के चार महिने बीत चुके थे।

इसके बाद 18 जनवरी 2025 की शाम को सागर नाका पुलिस चौकी में
उपरोक्त सुसाइड नोट की हस्त परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आरोपी राकेश पटेल
निवासी पिपरिया राजघाट के द्वारा रत्नेश जैन को प्रताड़ित करने और
प्रताड़ना से परेशान होकर रत्नेश के फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने का केस
धारा 108 वीएनएस के तहत पंजीबद्ध किया गया था। इस सुसाइड नोट में पिपरिया राजघाट निवासी राकेश पटेल के द्वारा लेनदेन को
लेकर प्रताड़ित किए जाने का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। साथ ही राकेश पटेल
के वेयरहाउस में रखवाए गए लाखो के अनाज के बदले में अनावश्यक रूप से 28 लाख
रुपए की देनदारी बताकर प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख भी किया गया था। उपरोक्त सुसाइड नोट देहात थाना पुलिस को सौपे जाने के बावजूद
आरोपी के राजनीतिक रसूख के चलते कोई कार्यवाही नहीं की जा रही थी। जिस
पर मृतक के परिजनों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके
न्याय की गुहार लगाई गई थी। जिस पर देहात थाना प्रभारी के द्वारा कोर्ट को
गुमराह करते हुए उपरोक्त पत्र के हस्तलिपि परीक्षण हेतु क्यू डी शाखा भोपाल
22 सितंबर 2025 को भेज दिए जाने की जानकारी दी गई थी। जिस पर कोर्ट के
द्वारा हस्तलिपि रिपोर्ट आने का इंतजार करने का उल्लेख करते हुए याचिका का
निराकरण कर दिया था। मामला कोर्ट के संज्ञान में आ जाने पर देहात थाना
पुलिस द्वारा बाद में 3 नवंबर 2025 को क्यूडी शाखा हस्त लिपी प्रशिक्षण को
उपरोक्त पत्र तथा स्वाभाविक लिखावट के अन्य दस्तावेज भेजे गए थे।
हालांकि
अभी इस मामले में रत्नेश जैन के द्वारा अपने सहयोगी किसान के नाम से आरोपी
राकेश पटेल के वेयरहाउस में रखवाए
गए लाखों के अनाज की गई गड़बड़ी के मामले में पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं
किया गया है। जबकि इस बात का उल्लेख सुसाइड नोट में साफ तौर पर लिखा गया
है। ऐसे में मृतक के परिजनों द्वारा वेयरहाउस अनाज गड़बड़ी मामले को लेकर भी
माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करके रखवाया गया अनाज वापस दिलाए
जाने की मांग की गई है। साथ ही उपरोक्त अनाज की रसीद पेश किए जाने की
जानकारी सामने आई है।
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