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ब्लैक वेडनेसडे.. एक दिन में तीन जल सरोवरों में डूबने से 6 छात्रों की जल समाधि.. तेंदूखेड़ा के तीन, जबेरा के एक और दमोह के दो किशोरों की अकाल मौत से मातम.. प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए अंबेडकर चौक पर आधी रात के बाद तक धरना प्रदर्शन.. .

 3 तालाबों में किशोरों की जल समाधि ने झकझोर रा

दमोह। जिले में बुधवार का दिन आधा दर्जन मासूम बच्चों के मामले में ब्लैक वेडनेसडे साबित हुआ। देर शाम के बाद तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पानी में डूबने से 6 बच्चों की जल समाधि हो जाने के दुखद घटनाक्रमो ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। तेंदूखेड़ा के नरगुवा तालाब में तीन नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो जाने की सुर्खियां खत्म भी नहीं हुई थी कि जबेरा क्षेत्र से एक मासूम के डूबने की खबर आई वह इसके कुछ देर बाद दमोह की किशन तलैया से भी 2 लापता बच्चों के शव निकाले गए।

 इन सभी मामलों में प्रशासन द्वारा किए जाने वाले बचाव के त्वरित इंतजामों की जहां पोल खुलती नजर आई है वही किशन तलैया में मिले शवों को जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस शव वाहन भी नसीब नहीं हुआ। शवो को गुरुवार को पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा इसके पूर्व बुधवार की रात पीड़ित परिजनों के लिए रोते हुए रतजगा की रात साबित हुई।
आधी रात के बाद तक प्रदर्शन रहा जारी..
दमोह जिला अस्पताल के समक्ष अंबेडकर चौक पर आधी रात के बाद भी पीड़ित परिजनों के साथ उनके समाज जनों का धरना प्रदर्शन का दौर जारी रहा। दरअसल महाराणा प्रताप स्कूल में कक्षा 11वीं के छात्र अंकित पटेल और राज रैकवार स्कूल से घर वापस नहीं लौटे थे इस बार उनकी तलाश की जा रही थी शाम को किशन तलैया के पास बच्चों के स्कूल बैग और कपड़े मिलने की जानकारी लगने पर उनके परिजनों के अलावा अन्य लोग मौके पर पहुंचे वही पुलिस को सूचना दी गई।

लेकिन रात हो जाने का बहाना बनाकर शवों की तलाश करने के लिए पुलिस प्रशासनिक स्तर पर कोई इंतजाम नहीं किए क्या। इधर रैकवार समाज के लोगों ने तलैया के पानी की गहराई में उतर कर घंटे भर की तलाश के बाद एक-एक करके दोनों मासूम को ढूंढ निकाला लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थी। इधर दोनों शवों को जिला अस्पताल लाने के लिए एंबुलेंस शव वाहन का इंतजाम नहीं होने पर रात 11 बजे के बाद दो मोटर साइकिल पर शवो को जिला अस्पताल लाया गया। वहीं थाना क्षेत्रों के विवाद को लेकर भी पुलिस का ढुलमुल रवैया सामने आया।

इसी के साथ पीड़ित परिजनों एवं रायकवार समाज के युवाओं का आक्रोश भड़क उठा। युवा नेता मोंटी रैकवार के नेतृत्व में लोगों की भीड़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए अंबेडकर चौक पर धरना देने के लिए बैठ गई जिसके बाद कोतवाली पुलिस जबलपुर नाका चौकी पुलिस और सीएसपी अभिषेक तिवारी भी यहां पहुंचे और उन्होंने लोगों से चर्चा करके आश्वस्त करा कर शांत करने की कोशिश की लेकिन लोग व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाने से नहीं चूके।

जबेरा में अवैध खनन की तलैया में डूबा मासूम
जबेरा थाना अंतर्गत ग्राम घाट खमरिया में तलैया में डूबने से एक मासूम बच्चे की बुधवार को मौत हो जाने का दुखद घटनाक्रम सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 वर्षीय सत्यम प्रजापति तलैया में नहाते समय गहराई में चले जाने के बाद डूब कर वापस नहीं आया बाद में उसकी तलाश किए जाने पर बमुश्किल निकाल कर रात में जबेरा के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जिसके बाद परिजन बच्चे की मौत के लिए अवैध खनन करके तलैया खोदने वालों को जिम्मेदार ठहराते नजर आए।बताया गया है कि अवैध खनन करने वालों के द्वारा जेसीबी से लगातार मोरम निकालकर यह तलैया बना दी गई थी। जिस में बारिश का पानी भर जाने से वह तालाब में तब्दील हो गई थी।
तेंदूखेड़ा तालाब में डूबने से तीन की मौत
तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत नरगुवा तालाब में नहाने के लिए गए 4 में से तीन किशोरों की गहराई में चले जाने के बाद डूबने से मौत हो जाने के घटनाक्रम से पूरे तेंदूखेड़ा नगर में शोक का माहौल व्याप्त है। 

उल्लेखनीय है कि तेंदूखेड़ा निवासी कल्प नामदेव, राज साहू और कपिल जैन एक अन्य किशोर के साथ तालाब में नहाने गए थे लेकिन उपरोक्त किशोर तालाब में नहाने नहीं उतरा। बाद में उसी के द्वारा तीनों के डूब जाने की सूचना दी गई जिसके बाद घंटों की मशक्कत करते हुए एक-एक करके तीनों के शव बरामद किए गए इस दौरान यहां भी व्यवस्थाओं में कमी के चलते किशोरों की तलाश में घंटों का समय लगता नजर आया।

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