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सिद्व चक्र महामंडल विधान के छटवे दिन छः सौ से अधिक अर्घ्य समर्पित, कल विधान समापन, परसो होगा कलशारोहण..

 समवशरण में विधान पूजन कर धन्य हो रहे भक्त  

दमोह। श्री पारसनाथ दिगंबर जैन नन्हे मंदिर जी में श्री सिध्द चक्र महामंडल विधान एवं वेदी प्रतिष्ठा कलशा रोहण समारोह भक्ति भाव से  चल रहा है। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं आर्यिका रत्न मृदुमति माता जी के सानिध्य में विधान के महापात्रों, पात्रों के साथ सकल जैन समाज धर्म लाभ अर्जित कर रहा है।


विधान अवसर पर निर्मित समवशरण में छठवे दिन श्रावक जनों ने विधानाचार्य शुभम भैया के निर्देशन में छः सौ से अधिक अर्घ्य समर्पित किए गए। प्रातः श्रीजी का अभिषेक एवं शांति धारा संपन्न हुई। शांति धारा का सौभाग्य राजेंद्र पटवारी एवं डॉ.आरके जैन जबलपुर नाका को प्राप्त हुआ।

अभिषेक

भोजन व्यवस्था एवं महाआरती करने का सौभाग्य बाहुबली बने अशोक कुमार पिपरिया परिवार को प्राप्त हुआ। दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुधीर सिघई एवं रिंकू सिंघई ने आर्यिकाश्री को श्रीफल अर्पित किया। रिंकू संतोष सिंघई परिवार ने एक सिकरी पर मंगल कलश चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया।

 विधान के मध्य में उदगार व्यक्त करते हुए आर्यिका श्री ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बन् कर अपने जीवन को सार्थक कर लेना चाहिए। क्योंकि यह बहुत सौभाग्य से दुर्लभ क्षण प्राप्त होते हैं। सभी को यह सौभाग्य नहीं प्राप्त हो पाता।

माता जी

अनेक लोग अपने समय को सांसारिक कार्यों में लगा देते हैं। गुरुदेव की कृपा से हमें यह धार्मिक अनुष्ठान करने को प्राप्त हो रहा है। विधान के उपरांत गुरुदेव के दर्शनार्थ हमें जाना था किंतु गुरुदेव हमसे दूर जाते जा रहे हैं।
विश्व शांति महायज्ञ, कलशारोहण 29 को. 
जैन धर्मशाला में आयोजित विधान 28 मई को पूर्ण अर्घ्य से संपन्न हो जाएगा। वही मंदिर जी के शिखर पर ध्वजारोहण करने वाले पात्रों का चयन किया जाएगा।

विधान

विधान आयोजन समिति के अध्यक्ष गिरीश नायक ने बताया कि 29 मई को प्रातः बेला में विश्व शांति महायज्ञ पश्चात शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक मनाया जाएगा। इसके बाद मंदिर जी के शिखरों पर कलशा रोहण ध्वजारोहण जय माता जी के सानिध्य में संपन्न होंगी। इस अवसर पर सकल जैन समाज से उपस्थिति की अपील की गई है।



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