दो एकड़ की खड़ी फसल में आग लगने से विचलित बर्बाद.. नोहटा क्षेत्र के अन्नदाता ने उठाया आत्मघाती कदम.. जहरीले कीटनाशक पदार्थ का सेवन करके जीवन लीला कर ली समाप्त.. पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने घटना की जांच पड़ताल शुरू की..

 खड़ी फसल में आग लगने से बर्बाद किसान ने खुदकुशी की

दमोह। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 1 सप्ताह में खड़ी फसल में आग लग जाने और लाखों की फसलें बर्बाद हो जाने के हालात अनेक जगह सामने आ चुके हैं। इस दौरान आग बुझाने के लिए समय पर फायर बिग्रेड से लेकर अन्य इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं वही फसल नुकसान का सर्वे कराने से लेकर पीड़ित किसान को सांत्वना के दो शब्द कहने भी अनेक जगह पर स्थानीय नेता अधिकारी नहीं पहुंचे।
ऐसे ही कुछ हालात में नोहटा क्षेत्र के चिलोद टपरिया क्षेत्र के एक बुजुर्ग किसान द्वारा जहरीले पदार्थ का सेवन करके अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेने का दुखद घटनाक्रम सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बेड़ीलाल उर्फ कोदू अहिरवार की करीब दो एकड़ में खड़ी फसल में पिछले दिनों आग लग गई थी। जिससे उसकी पूरी फसल आग में जलकर स्वाहा हो गई थी। बताया जा रहा है कि फसल को बचाने के लिए न समय पर फायर बिग्रेड पहुंची थी और ना बाद में अधिकारी ही मौके पर नुकसान का मुआयना करने पहुंचे। 
उपरोक्त हालात से आकुल व्याकुल व्यथित गरीब दलित किसान बेड़ी लाल ने कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों को जब जहर खाने की जानकारी लगी तो उसे जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसे मृत घोषित कर दिए जाने के बाद पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों पथरिया क्षेत्र में भी खड़ी फसल में भीषण आग भड़कने के बाद फायर बिग्रेड महज इसलिए नहीं भेजी गई थी क्यों कि मुख्यमंत्री के दमोह आगमन के दौरान सुरक्षा इंतजामों में फायर बिग्रेड को लगाए रखा गया था। जिस वजह से किसान की लाखों की फसल देखते ही देखते धू धू करके जल गई थी।
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