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सतना-पन्ना मार्ग पर थानेदार की बोलेरो खड़े ट्रक से टकराई.. मौके पर दर्दनाक मौत.. सागर लोकायुक्त ने सरपंच से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते.. अजयगढ़ जनपद के इंजीनियर को पकड़ा.. जमानत नही मिलने पर गया जेल..

थानेदार की बोलेरो ट्रक से टकराई.. मौके पर मौत.. 
पन्ना। सतना पन्ना मार्ग पर नागौद के समीप दर्दनाक हादसे में एक थानेदार की मौत हो जाने का दुखद घटनाक्रम सामने आया है। वही पन्ना के अजयगढ़ जनपद के इंजीनियर को एक सरपंच से 20000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सागर लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। इधर रिश्वतखोर इंजीनियर को जमानत नहीं मिलने पर शाम को जेल भेज दिया गया है।
पन्ना जिले के हनुमंतपुरा चौकी प्रभारी डीपी सिंह की सड़क हादसे में मौत हो जाने के घटनाक्रम ने परिचितों, परिजनों के साथ पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सतना से पन्ना लौट रहे थानेदार डीपी सिंह बोलेरो क्रमांक एमपी 19 सीबी 722 को ड्राइव करते हुए आ रहे थे। रास्ते में नागौद थाना अंतर्गत मढ़ा के पास बीच सड़क पर बिगड़े हुए खड़े ट्रक से उनकी बोलेरो टकरा गई। 

हादसे में उपनिरीक्षक डीपी सिंह की बोलेरो के अंदर ही मौत हो गई। बाद में घटना की सूचना लगने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा उनके शव को अस्पताल ले जाया गया। पुलिस आप सड़क पर खड़े ट्रक के चालक की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि उपनिरीक्षक डीपी सिंह खोजी बोलेरो को ड्राइव कर रहे थे तथा गाड़ी में अकेले थे जिससे हादसे के बाद तात्कालिक उपचार या मदद भी उनको नहीं मिल सकी। स्थानीय पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। वहीं सड़क पर ट्रक खड़ा करके भागे चालक की भी तलाश की जा रही है। 
इंजीनियर को 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा-
पन्ना जिले के  अजयगढ़ जनपद में पदस्थ इंजीनियर संतोष जगवानी की रिश्वतखोरी जगजाहिर रही है। वहीं अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे की तर्ज पर जगबानी को आखिरकार  रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छितौनी ग्राम पंचायत के सरपंच रामदास यादव ने सागर लोकायुक्त को शिकायत की थी कि आंगनवाड़ी निर्माण कार्य के मूल्यांकन  के बदले  5%  कमीशन की मांग इंजीनियर संतोष जगवानी के द्वारा की जा रही है।


 जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने अपना जाल बिछाते हुए आज रिश्वतखोर इंजीनियर को उसके ही आवास से  20000  रुपए लेते हुए रंगे हाथों दबोचने में कोई गलती नहीं की आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध करके कार्यवाही की गई। वहीं प्रकरण की सगीनता को देखते हुए रिश्वतखोर इंजीनियर को जमानत नहीं मिल सकी जिससे शाम को उसे जेल भेज दिया गया। अब कुछ दिन यह भ्रष्ट इंजीनियर जेल की हवा खाएगा।

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