कमलनाथ सरकार में फिर आया तबादलों का सैलाब.. दमोह कलेक्टर सहित अनेक कलेक्टर कमिश्नर का नया पोस्टिंग आदेश देर रात जारी..

तबादलों के साथ बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने चौकाया-
भोपाल। लोकसभा चुनाव आचार संहिता हटते ही शुरू हुआ तबादलों का दौर जून के पहले ही दिन बड़ी खबरों की सुर्खियां बन गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर छिंदवाड़ा तथा शहडोल कलेक्टर एवं जबलपुर एसपी को हटाए जाने की स्थिति सामने आई थी। वहीं आचार संहिता हटते ही कमल नाथ सरकार इन अधिकारियों की पोस्टिंग मामले में पुरानी यथास्थिति बनाने में देरी नहीं की। इधर 1 जून को देर रात जो तबादला सूची सामने आई है उसमें अनेक चौकाने वाले नाम शामिल है। 
विधानसभा चुनाव की बाद दमोह कलेक्टर बनाई गई नीरज कुमार सिंह लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटते हटा दिया गया जबकि इनके द्वारा लगातार किए जा रहे जन हित के कार्यो ने लंबे समय बाद जनता को आईएएस अधिकारी की जबरदस्त कार्यक्षमता और  दृढ़ इच्छाशक्ति का एहसास कराया था।
 जारी तबादला सूची में तरुण राठी दमोह कलेक्टर, मनोज पुष्प मंदसौर कलेक्टर, विशेष गढ़पाले सतना कलेक्टर, सोफिया फारुकी रायसेन कलेक्टर ,तन्वी सुंद्रियाल खंडवा कलेक्टर, श्रीकांत बनोट धार कलेक्टर, अजय गंगवार नीमच कलेक्टर बने ,सुरभि गुप्ता अलीराजपुर कलेक्टर बनाई गई है।



देर रात जारी तबादला सूची में जिन अधिकारियों के नाम सामने आए उनमें अधिकांश अधिकारियों ने कम समय में अपनी कार्यक्षमता का प्रभाव आम जनता पर छोड़ा है। ऐसे में लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि आखिरकार इन अधिकारियों को यहां से वहां करने में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। कुछ लोग इसे लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशीयो की करारी हार से जोड़ते नजर आ रहे है। अटल राजेन्द्र जैन की रिपोर्ट

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7 टिप्पणियाँ

  1. कम समय मे कलेक्टर के थोक मे कीये गये स्थानान्तरण आई ए एस के पद की गरिम के बिपरीत है क्या यही राजनीति है?

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    1. Janta chahti hai Ki Shri peahalad Singh patel Ji collector Damoh ka transfer rukwane Ki kosis kare

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    2. दमोह का दुर्भाग्य, घटिया राजनैतिक कृत्य ।

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  2. अच्छे लोगो को राजनेता बुरा बनने पर मजबूर करते है अब इन गंदे नेताओं को जनता को सुधारना होगा

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  3. अच्छे लोगो को राजनेता बुरा बनने पर मजबूर करते है अब इन गंदे नेताओं को जनता को सुधारना होगा

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  4. दमोह की विडंबना है यहाँ के नेता कोई भी ईमानदार अधिकारी को ज्यादा दिन नही रहने देते।

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