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नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में.. चालक परिचालको की हड़ताल से बसों के पहिए थमे..परेशान यात्री आटो, मालवाहक पर निर्भर..

चालक परिचालक संघ की हड़ताल से बसों के पहिए थमे-
दमोह। मप्र चालक परिचालक संघ के आवाहन पर दमोह जिले में भी बसों के पहिए थमे हुए हैं बसों की स्टेरिंग संभालने वाले बस स्टैंड परिसर पर तंबू लगाकर धरने पर बैठे हुए हैं 1 दिन की हड़ताल की वजह केंद्र सरकार के वह नए नियम कायदा कानून है, जिनके तहत बसों के चालक परिचालक को लगता है कि भविष्य में उन्हें काफी परेशानी उठाना पड़ेगी।



बसस्टेंड पर नारेबाजी के साथ धरना प्रदर्शन करने वाले बस चालकों का कहना है कि यदि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर दिया गया तो उन्हें घर बैठने को मजबूर होना पड़ेगा। बस चालक परिचालक यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि नए कानून के तहत हादसा होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी बसों के चालक की रहेगी। उनको 50000 रुपए तक का जुर्माना अदा करना पड़ेगा। सभी के नए कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे ऐसे में विभिन्न प्रक्रियाओं के चलते परेशानी उठाना पड़ेगी। जिसके खिलाफ यह एक दिवसीय हड़ताल प्रदेश स्तर पर की गई है। बस चालकों का यह भी कहना है इतने पढ़े लिखे होते तो बस क्यों चलाते।
 बस चालक परिचालक की हड़ताल के कारण आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बसों के पहिए थमे रहने से आसपास के क्षेत्र की यात्रा करने वाले लोग ऑटो रिक्शा टू का मालवाहक का सहारा लेते नजर आ रहे हैं वहीं लंबी दूरी की यात्रा जहां ट्रेन सुविधा है वह स्टेशन जा रहे हैं नहीं तो अपनी यात्रा को स्थगित कर रहे हैं। 

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