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इंदौर नगर निगम के टॉयलेट निर्माण प्रभारी अधिकारी के यहां मिली करोड़ों की संपत्ति.. EOW की छापामार कार्यवाही जारी..

निगम के टॉयलेट प्रभारी के घर EOW का छापा-
 देश भर में स्वच्छता मिशन तहत शौचालय टॉयलेट निर्माण से भले ही गांव शहर की दशा और स्वच्छता के हालात में कोई खास फर्क नही दिखा हो। परन्तु शौचालय निर्माण कार्य पर खर्च करोड़ों अरबों की राशि ने संबंधित अधिकारी ठेकेदारों की दशा जरूर सुधार दी है।
इंदौर। नगर निगम में स्वच्छता अभियान तहत टाॅयलेट निर्माण का प्रभार देख रहे अधिकारी अभय सिंह राठौर के घर ईओडब्ल्यू की छापा मार कार्रवाई गुरुवार सुबह उनके स्कीम नंबर 78 स्कीम नंबर 94 बजरंग नगर और गुलाब बाग ठिकानों पर शुरू की गई। कार्रवाई में प्रारंभिक रूप से करोड़ों की संपत्ति होने का पता लगा है।

बताया जा रहा है कि इंदौर नगर निगम अभय सिंह राठौर जल यंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग में सहायक यंत्री के पद पर पदस्थ थे। कमाई के लिए उन्होंने सबसे पहले  निगम के निर्माण कार्य नियंत्रण शाखा में अपनी पदस्थापना की सेटिंग जमाई। यहां रह कर करोड़ों कमाए। इसके बाद स्वच्छता निर्माण में टॉयलेट निर्माण का प्रभार भी इन्होंने हासिल कर लिया यहां भी इन्होंने करोड़ों कमाए और संबंधित तक पहुंचाएं।
सबसे पहले ईओडब्ल्यू की टीम गुलाब बाग पहुंची जहां तीन मंजिला मकान में अधिकारी खुद रहता है। जांच के दौरान  रिश्तेदारों के नाम पर परिसंपत्तियों  और अधिकारी के पास कमर्शियल बिल्डिंग मिली है।  जिसमें हॉस्टल और दुकानें भी हैं। अधिकारी के पास प्लाट, एक कार का शो रूम और स्कीम 94 में प्लॉट भी मिला है। इसके अलावा अब तक 36 जीवन बीमा पालिसी व लॉकर भी मिले है।


कार्यवाही में शामिल EOW के एक अधिकारी ने बताया कि अभय राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और आर्थिक अनियमितता करने शिकायत मिली थी।  इसकी जांच में अभी तक 15 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा हो चुका है, फिलहाल जांच जारी है।
मप्र की छोटी-छोटी नगर पालिकाओ से लेकर महानगरों में संचालित नगर निगमों में शौचालय के नाम पर नेता अधिकारी ठेकेदारो के गठजोड़ ने किस तरीके से स्वच्छ भारत मिशन की राशि का सफाया किया है इसका अंदाजा इंदौर नगर निगम के टॉयलेट निर्माण प्रभारी अधिकारी के यहां हुई छापामार कार्रवाई के दौरान उजागर संपत्तियों को देखकर लगाया जा सकता है। 
इस तरह की कार्यवाही यदि इंदौर के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया के गृह जिले के नगरपालिका क्षेत्रों में भी की जाए तो संबंधित अधिकारी, ठेकेदार, नेताओं द्वारा 4 साल में कमाए गए करोड़ों का खुलासा होते देर नही लगेगी ।
अटल राजेंद्र जैन की रिपोर्ट

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