सर्वेयर रिपोर्ट पर बीमा क्लेम खारिज करना पड़ा भारी
दमोह। सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त स्विफ्ट कार के बीमा क्लेम को सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर अस्वीकार करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, दमोह ने बीमा कंपनी को परिवादी को 47,312 रुपये अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उक्त राशि पर परिवाद प्रस्तुत किए जाने की तारीख से 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। मामले में परिवादी की और से पैरवी अधिवक्ता राजीव बद्री सिंह ठाकुर और सहयोगी वैभव नायक द्वारा की गई।
मामला
इस प्रकार है परिवादी की स्विफ्ट कार से जुड़ा है। परिवादी की कार 5 मई
2025 को सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन को सर्विस सेंटर की
सहायता से दमोह लाया गया तथा दुर्घटना की सूचना बीमा कंपनी रॉयल सुंदरम
जनरल इंश्योरेंस कंपनी को दी गई। बीमा
कंपनी के सर्वेयर समीर यादव ने सर्विस सेंटर पहुंचकर वाहन का निरीक्षण
किया और अपनी रिपोर्ट कंपनी को प्रस्तुत की। परिवादी ने इसके बाद वाहन की
मरम्मत कराई, जिसमें करीब 41 हजार रुपये खर्च हुए। सर्वेयर ने अपनी
रिपोर्ट में नुकसान का कम मूल्यांकन किया तथा वाहन की क्षति को दुर्घटना
में बताए गए तरीके से होना नहीं माना। सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर बीमा
कंपनी ने बाहर सुधरवाने के 2 माह बाद बीमा दावा निरस्त कर दिया।
दावा
निरस्त होने के बाद परिवादी ने अधिवक्ता राजीव बद्री सिंह ठाकुर के माध्यम
से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के
दौरान दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए गए। आयोग
के अध्यक्ष ऋषभ सिंघई एवं सदस्य राजेश ताम्रकार ने मामले में प्रस्तुत
साक्ष्यों और तर्कों का परीक्षण करने के बाद बीमा कंपनी द्वारा परिवादी का
दावा अस्वीकार किए जाने को सेवा में कमी माना। आयोग ने वाहन क्षति की राशि
के साथ परिवादी को हुई परेशानी तथा प्रकरण व्यय की राशि मिलाकर कुल 47,312
रुपये देने का आदेश पारित किया।
आयोग
ने यह भी निर्देशित किया कि उक्त राशि का भुगतान परिवाद प्रस्तुत किए जाने
की दिनांक से 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित किया जाए। इस निर्णय से बीमा
दावा अस्वीकार किए जाने के विरुद्ध उपभोक्ता द्वारा अपनाए गए कानूनी उपाय
को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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