सांसद के क्षेत्र में शिव सिंह लोधी की मौत के बाद जमकर हंगामा पथराव.. 8 पुलिस कर्मियों के लाइन अटैच के बाद भी अधिकारी दबाव में नजर आए..

 शिव सिंह की मौत के बाद 8 पुलिस कर्मी लाइन अटैच

दमोह। दमोह सांसद राहुल सिंह के क्षेत्र हिंडोरिया में उनकी ही समाज के हिनौता हलगज निवासी शिव सिंह लोधी पिता खिलान 47 वर्ष की कथित रूप से पुलिस कार्यवाही के दौरान मौत हो जाने के बाद गुरुवार रात से शुरू हुआ बवाल शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा के दौरान भी जारी रहा। इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग करने वहीं पुलिस पर पथराव होने जैसे हालात भी सामने आए।
 जबकि उपरोक्त घटना को लेकर दमोह एसपी द्वारा बीती रात ही जांच के आदेश दे दिए गए थे साथ ही बांदकपुर चौकी के आठ पुलिस कर्मियों को भी लाइन अटैच कर दिया गया था। इसके बाद भी आज जब सागर से पोस्टमार्टम के बाद शिव सिंह लोधी का शव गांव पहुंचा महिलाओं का आक्रोश भड़क उठा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद जिसके हाथ में जो आया वह पुलिस पर फेंकने से नहीं चुकी।

पुलिस पर पथराव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसमें बख्तर बंद पुलिस अपना बचाव करती नजर आ रही है। इस दौरान पथरिया थाना प्रभारी और दमोह एसडीएम को पैर में चोट आने के बाद प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ा हालांकि उन्हें मामूली चोटे ही आई है। तथा उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।

हालांकि इसके बाद एसपी आनंद कलंदगी द्वारा दिए गए बयान से यह साफ झलक रहा है कि कुछ पुलिस कर्मियों की कार प्रणाली की वजह से भड़के इस आक्रोश के बाद अधिकारियों को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा है। जिस तरह के हालात बनाम पुलिस के प्रति आक्रोश बीती रात hindoriya स्वास्थ्य केंद्र के भीतर बाहर देखने को मिले तथा आज अंतिम यात्रा के दौरान नजर आया यदि कहीं और ऐसा हुआ होता तो निश्चित रूप से पुलिस आने के लोगों के खिलाफ अनेक धाराओं में मामला कायम कर चुकी होती। फिलहाल इतने सब के बाद अब हालात शांतिपूर्ण बताए जा रहे हैं।
हिंडोरिया बवाल मामले में एक नजर..गुरुवार शाम हिंडोरिया थाना बांदकपुर चौकी पुलिस हिनौता गांव में जुआ पकड़ने गई थी। जुआ खेलने वालों में भगदड़ के बीच गांव के शिव सिंह लोधी भी भागने लगे और गिरने के बाद जब  वह नहीं उठे तो उनको पुलिस हिंडोरिया की अस्पताल लेकर पहुंची जहां डॉक्टरों ने उनका मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों  रिश्तेदारों के साथ समाज के लोगों ने पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। एसडीओपी से लेकर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए गए तथा जुआ पकड़ने गई पुलिस टीम कौ मौत का जिम्मेदार ठहराया गया। इस दौरान मृतक के पुत्र तथा परिजनों ने एसडीओपी से लेकर थाना प्रभारी तक जमकर खरी खोटी सुनाई। वही पूर्व विधायक प्रदुमन सिंह लोधी तथा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मानक पटेल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता समाजजन मौजूद रहे।

इसके बाद देर रात मौके पर पहुंचे एसपी आनंद कलंदी ने घटना की जांच के आदेश देते हुए बांदकपुर चौकी प्रभारी सहित आठ पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। डॉक्टर की पैनल से पोस्टमार्टम कराने व रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का भरोसा परिजनों को दिलाया। इसके बाद देर रात मामला शांत हो गया था। इधर शुक्रवार को पोस्टमार्टम के उपरांत दोपहर में अंतिम यात्रा के दौरान पथराव के बाद हालात नियंत्रण में है। 
लेकिन इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाने के साथ लोगों के आक्रोश को भी उजागर कर दिया है। उल्लेखनीय हे कि जिन 8 पुलिस कर्मियों को एसपी ने लाइन अटैच किया है उनमें एक पुलिसकर्मी की पोस्टिंग कुम्हारी थाना बताई गई हे। जो कि  बांदकपुर  क्षेत्र में होने वाली कार्यवाही मैं संलग्न रहने के  आरोप  खुलकर लग रहे है। उल्लेखनीय है कि पवित्र क्षेत्र घोषित होने के बाद भी बांदकपुर तथा आसपास अवैध शराब, गांजे, सट्टा जुआ धड़ल्ले से हो रहा है। अधिकांश ढावा पर अवैध शराब गांजे बिक्री की जानकारी पुलिस को होने के आरोप भी सामने आते रहे हैं।
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